'रुकने को कहा, फिर भी नहीं रोका...
सुनसान रास्ते से ले जाने पर तेज रफ्तार चलती Rapido बाइक से कूद गई महिला !
दिल्ली में रैपिडो से ऑफिस जा रही एक महिला के साथ ऐसा वाकया हुआ कि उसकी जान पर बन आई. महिला का आरोप है कि ड्राइवर उसे उसके बताए रास्ते से हटकर अनजान और सुनसान जगह की तरफ ले जाने लगा. बार-बार स्कूटर रोकने की गुजारिश के बावजूद जब ड्राइवर नहीं रुका और स्पीड बढ़ा दी, तो महिला ने अपनी जान बचाने के लिए चलते स्कूटर से छलांग लगा दी. घटना के बाद महिला ने सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर किया है।
दिल्ली में रहने वाली आयशा श्रीवास्तव ने ऑफिस जाने के लिए रैपिडो बाइक राइड बुक की थी. शुरुआत में सब कुछ सामान्य था, लेकिन कुछ देर बाद ड्राइवर उस रास्ते से अलग दिशा में जाने लगा, जिस रास्ते से आयशा परिचित थीं. महिला के मुताबिक, रास्ता धीरे-धीरे सुनसान और अनजान होता जा रहा था। ड्राइवर ने कथित तौर पर कहा कि वह उसे यूनिवर्सिटी की तरफ जाने वाले सीधे रास्ते से ले जा रहा है. लेकिन आयशा को रास्ता ठीक नहीं लगा. उन्होंने ड्राइवर से रास्ता बदलने या स्कूटर रोकने को कहा. आरोप है कि ड्राइवर ने उनकी बात नहीं मानी।
'स्कूटर रोक दो, एक्स्ट्रा पैसे दे दूंगी', फिर भी नहीं माना
आयशा ने सोशल मीडिया पर शेयर किए वीडियो में पूरे घटनाक्रम के बारे में बताया. उनका कहना है कि उन्होंने ड्राइवर से कई बार स्कूटर रोकने की अपील की. यहां तक कि उन्होंने कहा कि अगर एक्स्ट्रा पैसे चाहिए, तो वह देने को तैयार हैं, लेकिन उन्हें रास्ते में उतार दिया जाए. महिला के मुताबिक, जब ड्राइवर ने स्कूटर नहीं रोका, तो उन्होंने उसे रोकने की कोशिश की. उन्होंने ड्राइवर को मारने की भी कोशिश की, लेकिन कथित तौर पर उसने स्कूटर की स्पीड और बढ़ा दी. इसके बाद आयशा के सामने अपनी सुरक्षा के लिए चलती गाड़ी से कूदने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा।
चलती स्कूटर से कूदीं, आई चोट और अस्पताल जाना पड़ा
स्कूटर से छलांग लगाने के बाद आयशा सड़क पर गिर गईं और उन्हें चोटें आईं. इसके बाद उन्होंने डॉक्टर से अपना इलाज कराया. दूसरी तरफ, उनका आरोप है कि स्कूटर ड्राइवर रुकने के बजाय वहां से निकल गया. घटना के बाद महिला ने रैपिडो के कस्टमर केयर से संपर्क करने की कोशिश की. हालांकि, आयशा का दावा है कि उन्हें कंपनी की तरफ से शुरुआती स्तर पर कोई संतोषजनक मदद नहीं मिली. इससे नाराज होकर उन्होंने सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट किया और ड्राइवर की जानकारी के साथ-साथ कंपनी से कार्रवाई की मांग की।
वीडियो वायरल हुआ तो रैपिडो ने दिया जवाब
आयशा ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर करीब डेढ़ मिनट का वीडियो शेयर किया. उन्होंने कंपनी से सवाल किया कि अगर महिलाओं के साथ राइड के दौरान इस तरह की घटना होती है, तो उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी कौन लेगा. वीडियो वायरल होने के बाद रैपिडो की तरफ से भी प्रतिक्रिया आई. कंपनी ने कहा कि ग्राहक की सुरक्षा और सम्मान उसकी प्राथमिकता है और किसी भी तरह के गलत व्यवहार या अनुचित आचरण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. कंपनी ने मामले की प्राथमिकता के आधार पर जांच करने और जांच के आधार पर संबंधित राइडर के खिलाफ उचित कार्रवाई की बात कही. कंपनी ने आयशा से उनका रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर और राइड आईडी शेयर करने को भी कहा, जिससे पूरी जानकारी की जांच की जा सके।
दिल्ली पुलिस तक पहुंचा मामला, 48 घंटे में ड्राइवर हिरासत में
सोशल मीडिया पर वीडियो तेजी से वायरल होने के बाद मामला दिल्ली पुलिस तक भी पहुंचा. आयशा ने अपनी पोस्ट में पुलिस को टैग किया था. रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए आरोपी ड्राइवर को करीब 48 घंटे के अंदर पकड़ लिया. इसके बाद सामने आए एक वीडियो में कथित ड्राइवर आयशा के सामने हाथ जोड़कर माफी मांगता नजर आया. बाद में आयशा ने एक और वीडियो शेयर कर बताया कि उनका मामला अब बंद हो गया है. उन्होंने इस दौरान लोगों से मिले सपोर्ट और दिल्ली पुलिस की तेजी से हुई कार्रवाई के लिए धन्यवाद भी दिया।
अपनी लाइव लोकेशन परिवार से शेयर करें
घटना के बाद आयशा ने महिलाओं को ट्रैवल के दौरान ज्यादा सावधान रहने की सलाह दी. उन्होंने कहा कि सफर शुरू करने से पहले अपनी लाइव लोकेशन दोस्तों या परिवार के लोगों के साथ शेयर करके रखें. उनका कहना था कि किसी को पता नहीं होता कि कब कोई मुश्किल सामने आ जाए. आयशा ने महिलाओं को अपनी सेफ्टी का ध्यान रखने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षा के लिए जरूरी सामान साथ रखने की भी सलाह दी. उन्होंने खास तौर पर कहा कि अकेले सफर करते समय आसपास की लोकेशन और रास्ते पर नजर बनाए रखना जरूरी है।
महिलाओं की सेफ्टी पर फिर उठे सवाल
इस घटना ने एक बार फिर बाइक टैक्सी और ऐप बेस्ड राइड सर्विस में महिलाओं की सेफ्टी को लेकर चर्चा छेड़ दी है. दिल्ली जैसे बड़े शहर में रोज हजारों लोग ऑफिस, कॉलेज और दूसरे कामों के लिए ऐसी सर्विस का इस्तेमाल करते हैं. ऐसे में ड्राइवर के रूट, राइड मॉनिटरिंग और इमरजेंसी रिस्पॉन्स जैसे सवाल बेहद अहम हो जाते हैं. इस पूरे मामले में महिला का आरोप, कंपनी का जवाब और पुलिस की कार्रवाई सामने आ चुकी है. हालांकि, किसी भी घटना की पूरी तस्वीर जांच और आधिकारिक रिकॉर्ड के आधार पर ही साफ होती है. लेकिन आयशा की कहानी ने इतना जरूर दिखा दिया कि किसी भी राइड के दौरान यात्री को अगर रास्ता या ड्राइवर का व्यवहार संदिग्ध लगे, तो उसे अपनी सुरक्षा को सबसे ऊपर रखना चाहिए।



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