नशा मुक्ति, काउंसलिंग, स्क्रीनिंग एवं सामाजिक पुनर्वास पर दिया जोर...
सिविल अस्पताल हजीरा में मल्टी काउंसलर ट्रेनिंग प्रोग्राम आयोजित !
ग्वालियर। मध्य प्रदेश राज्य एड्स नियंत्रण समिति, भोपाल के अंतर्गत सिविल अस्पताल हजीरा,ग्वालियर में Multi Counsellor Training Program का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन GSRS TI IDU, ग्वालियर द्वारा किया गया। प्रशिक्षण में नशा करने वाले व्यक्तियों की काउंसलिंग, उपचार, स्क्रीनिंग, रेफरल एवं सामाजिक पुनर्वास से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि कुलदीप भदौरिया (CSO) तथा विशिष्ट अतिथि डॉ. रश्मि मिश्रा (OST इंचार्ज) और संतोष सिंह (परियोजना संचालक, GSRS TI) उपस्थित रहे। कार्यक्रम में DTO कार्यालय, ICTC, ART, FICTC एवं OST के काउंसलर्स सहित TI एवं GSRS टीम के विभिन्न अधिकारी-कर्मचारी एवं पीयर स्टाफ शामिल हुए।
नशे की लत और मानसिक स्वास्थ्य पर चर्चा
प्रशिक्षण सत्र में डॉ. रश्मि मिश्रा ने Injecting Drug Users (IDU) को दी जाने वाली दवाओं, उनकी काउंसलिंग प्रक्रिया तथा मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े पहलुओं पर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नशे की लत गंभीर समस्या है और दवाओं का सेवन बिना चिकित्सकीय सलाह अथवा निर्धारित मात्रा से अधिक करने पर गंभीर स्वास्थ्य जोखिम उत्पन्न हो सकते हैं।
स्क्रीनिंग, रेफरल और लिंकेज की समझाइश
संतोष सिंह ने प्रशिक्षण के दौरान एस्टीमेशन प्रक्रिया, स्टाफ की जिम्मेदारियों, हिस्ट्री टेकिंग, स्क्रीनिंग, रेफरल एवं लिंकेज की प्रक्रिया को विस्तार से समझाया। उन्होंने OST के लिए पात्रता तथा किन परिस्थितियों में दवा दी जानी चाहिए, इसकी जानकारी भी दी।
उन्होंने विभिन्न मादक पदार्थों से जुड़े जोखिमों और उनके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता बताई। साथ ही IDU तथा उनके परिवारों की निरंतर काउंसलिंग पर जोर देते हुए उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए सोशल प्रोटेक्शन स्कीम्स से जोड़ने की बात कही। इसके अंतर्गत पहचान पत्र, आयुष्मान कार्ड सहित आवश्यक दस्तावेज तैयार कराने में सहयोग करने पर जोर दिया गया।
टीमवर्क और फैमिली काउंसलिंग पर जोर
मुख्य अतिथि श्री कुलदीप भदौरिया ने NACP के विभिन्न घटकों—OST, TI एवं अन्य संबंधित स्टाफ—के बीच बेहतर समन्वय और टीमवर्क की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यदि कोई क्लाइंट सीधे तौर पर काउंसलिंग की बात स्वीकार नहीं करता है, तो परिवार के सदस्यों की काउंसलिंग के माध्यम से उसे नशा मुक्ति के लिए प्रेरित किया जा सकता है।उन्होंने कार्यों के ठोस परिणामों पर ध्यान देने तथा लाइन लिस्टिंग को व्यवस्थित एवं प्रभावी बनाए रखने के निर्देश भी दिए।
काउंसलिंग की व्यावहारिक तकनीकों पर चर्चा
अनुज तोमर, प्रोग्राम मैनेजर (FSW TI) ने उपस्थित अतिथियों एवं प्रतिभागियों का परिचय कराते हुए स्वागत किया। उन्होंने काउंसलिंग की व्यावहारिक तकनीकों एवं प्रभावी तरीकों पर अपने विचार साझा किए।कार्यक्रम में पंकज सिंह गुंजवार (प्रोग्राम मैनेजर, IDU TI), शैलेंद्र सिंह एवं अंशुल वर्मा (अकाउंटेंट), तारा सिंह एवं जागृति (परामर्शदाता), रजनी मीणा, रिंकू, धर्मेंद्र माझी (ORW) सहित समस्त पीयर स्टाफ एवं संबंधित काउंसलर्स उपस्थित रहे। कार्यक्रम का मीडिया कवरेज ORW रजनी मीणा द्वारा किया गया।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर प्रोग्राम मैनेजर पंकज सिंह गुंजवार (IDU TI) ने मुख्य अतिथि, चिकित्सकों, काउंसलर्स एवं समस्त स्टाफ का प्रशिक्षण कार्यक्रम में समय निकालकर सहभागिता करने के लिए आभार व्यक्त किया और धन्यवाद ज्ञापित किया।



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