सरकार ने पकड़ा 140 साल पुरानी कंपनी का झोल...!
100% शुद्धता के टेस्ट में फेल हुए डाबर के प्रोडक्ट,शहद, घी समेत इन प्रोडक्ट्स को बेचने पर रोक !
100 फीसदी शुद्धता का दावा करना डाबर को महंगा पड़ा है. FSSAI ने डाबर के कई प्रोडक्ट्स पर पाबंदी लगा दी है. शुद्धता के टेस्ट पर डाबर के ये प्रोडक्ट्स फेल हो गए हैं, जिसके बाद उनकी बिक्री फौरन रोक दी गई है.
मीडिया रिपोर्ट्स एवं सूत्रों के अनुसार FMCG सेक्टर की दिग्गज कंपनी डाबर पर फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) ने सख्त कार्रवाई की है. सरकारी फूड रेगुलेटर ने Dabur के शहद, घी, नारियल दूध, तिल का तेल समेत कई प्रोडक्ट्स को 100 फीसदी दावे के साथ बेचने से रोक दिया है.
इस खबर के आने के बाद Dabur India के शेयरों में भारी गिरावट आई. मंगलवार को इंट्राडे में स्टॉक में करीब 3% की गिरावट आई. धीरे-धीरे डाबर इंडिया का शेयर 3.50 फीसदी की गिरावट के साथ 409.55 रुपये पर पहुंच गया. बता दें कि डाबर के स्टॉक का 52 वीक हाई 576 रुपए और 52 वीक लो 401.05 रुपए है.
FSSAI ने पकड़ा डाबर का झूठ !
FSSAI ने डाबर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है. कंपनी के प्रोडक्ट्स में खामियां पाए जाने के बाद उन सभी प्रोडक्ट्स को फौरन बेचने से रोका है, जिसपर वो "100% नैचुरल", "100% प्योर" या "100% ऑर्गेनिक" जैसे दावे कर रही है. कंपनी को नोटिस जारी कर 15 दिनों के भीतर अपना एक्शन टेकन रिपोर्ट देने को भी कहा गया है.
डाबर के इन प्रोडक्ट्स पर लगा बैन !
- डाबर हनी (Dabur Honey)
- डाबर गाय का घी (Dabur Cow Ghee)
- डाबर एप्पल वेनिगर (Apple Cider Vinegar)
- डाबर कोकोनट ऑयल (Virgin Coconut Oil)
- डाबर कोकोनट वाटर (Coconut Water)
- डाबर कोकोनट मिल्क (Coconut Milk)
- डाबर ऑर्गेनिक हनी (Organic Honey)
- तिल का तेल
क्यों हुई डाबर पर कार्रवाई
FSSAI ने अपनी जांच में डाबर के प्रोडक्ट्स में 100 फीसदी शुद्धता वाले दावों को गलत पाया है. संस्था का कहना है कि डाबर की वेबसाइट पर इन प्रोडक्ट्स को 100% नैचुरल, 100% प्योर, 100% ऑर्गेनिक होने का दावा किया गया है. जबकि ये दावे FSS विनियम, 2018 के नियम का उल्लंघन हैं, FSSAI का कहना है कि कंपनी के इन दावों को साबित नहीं किया जा सका. ये दावे अस्पष्ट, असत्यापित और उपभोक्ताओं को गुमराह करने वाले हैं.
यहां भी खड़ा नहीं उतरा डाबर का दावा
FSSAI ने जांच में पाया कि डाबर ने अपने हिमालयन ऑर्गनिक एप्पल साइडर विनेगर और डाबर ऑर्गनिक हनी पर 'जैविक भारत' का लोगो इस्तेमाल किया है, जिसकी वैधता FSSAI ऑर्गनिक एंडोर्समेंट से नहीं ली गई है. डाबर ने अपने होममेड कोकोनट मिल्क को 100% प्योर होने का दावा किया है,जबकि FSS नियम के तहत कंपाउंड फूड्स यानी मिलावटी चीजों में इस तरह के दावे करने की अनुमति नहीं है.
FSSAI का नियम क्या कहता है ?
FSSAI के नियम के मुताबिक 100% शुद्धता के दावों के लिए फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स (एडवरटाइजिंग एंड क्लेम्स) रेगुलेशंस, 2018 में परिभाषित नहीं है. ऐसे में इस तरह के दावे ग्राहकों के लिए भ्रामक हैं. दावे वहीं सही माने जाएंगे, जो वैज्ञानिक तौर पर सत्यापित है या जिसकी वैज्ञानिक जांच हो सके.
FSSAI की सख्ती, 40,023 सैंपल टेस्ट में फेल
FSSAI #NoTOAdulteration कैंपेन चला रहा है. खाने-पीने की चीजों में हो रही मिलावट पर सख्ती बढ़ा दी गई है. सरकार ने एनर्जी ड्रिंक्स और कैफीन वाले बिवरेजज पर भी निगरानी बढ़ाई है. ब्रांड के लेबलिंग, क्वालिटी की बारीकी से जांच की जा रही है.वित्त वर्ष 2025-26 में 2,23,808 खाद्य नमूनों की जांच की गई, जिसमें से 40,023 नमूने FSSAI के मानकों पर फेल हो गए.
140 साल पुरानी कंपनी है डाबर
डाबर 140 साल से पुरानी कंपनी है, जो फास्ट-मूविंग कंज्यूमर गुड्स (FMCG) सेक्टर में बड़ा हिस्सा रखती है. डाबर का फोकस आयुर्वेदिक और प्राकृतिक उत्पादों पर रहा है. इसके अलावा कंपनी हेल्थकेयर, होम एंड पर्सनल केयर और फूड एंड बेवरेजेस में भी काम करती है. साल 1884 में कोलकाता में डॉ एसके बर्मन ने इस कंपनी की नींव रखी. कंपनी का मार्केट कैप 74,772 करोड़ रुपये है.
रम और व्हिस्की बेचने वाली 3 बड़े ब्रांड पर भी हुआ एक्शन
FSSAI ने ओल्ड मोंक, एंटीक्विटी ब्लू व्हिस्की, रॉयल चैलेंज व्हिस्की और बैगपाइपर डीलक्स व्हिस्की जैसे कई नामी-गिरामी लिकर कंपनी के कुछ वैरिएंट्स की बिक्री पर रोक लगा दी है. जांच के दौरान पाया गया कि इन कंपनियों ने रम और व्हिस्की के लिए आर्टिफिशियल फ्लेवर का इस्तेमाल किया है. FSSAI ने यूनाइटेड स्पिरिट्स, इनब्रू बेवरेजेज और मोहन रॉकी स्प्रिंगवॉटर के कुछ प्रोडक्ट्स की बिक्री रोक दी है.



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