जनरल धीरज सेठ भारतीय सेना के 31वें चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ बने ...
अब भारतीय सेना की कमान,जनरल धीरज सेठ के पास,उपेंद्र द्विवेदी की ली जगह !
जनरल धीरज सेठ ने मंगलवार (30 जून 2026) को भारतीय सेना के 31वें चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ (COAS) का पद संभाल लिया. उन्होंने उपेंद्र द्विवेदी की जगह ली है, जिनका कार्यकाल अब समाप्त हो गया है. जनरल धीरज सेठ भारतीय सेना के एक अनुभवी अधिकारी हैं. वह आर्मर्ड कॉर्प्स से आते हैं और इससे पहले आर्मी स्टाफ के वाइस चीफ भी रह चुके हैं. खास बात यह है कि 1997 में शंकर रॉय चौधरी के रिटायर होने के बाद वह आर्मर्ड कॉर्प्स से सेना प्रमुख बनने वाले पहले अधिकारी हैं.
नए सेना प्रमुख बनने से पहले जनरल सेठ साउथर्न कमांड के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ थे. इससे पहले वह साउथ वेर्स्टन कमांड की भी कमान संभाल चुके हैं. उन्होंने दिल्ली एरिया के जनरल ऑफिसर कमांडिंग और XXI कॉर्प्स के जनरल ऑफिसर कमांडिंग के रूप में भी जिम्मेदारी निभाई है. वह आर्म्ड कॉर्प्स के कर्नल ऑफ द रेजिमेंट भी हैं.
जनरल धीरज सेठ का लंबा सैन्य करियर
जनरल धीरज सेठ को वर्ष 1986 में 2nd लांसर्स (गार्डनर हॉर्स) में कमीशन मिला था. अपने लंबे सैन्य करियर में उन्होंने कई अहम जिम्मेदारियां निभाई हैं. उन्होंने पुणे स्थित सदर्न कमांड और जयपुर स्थित साउथ वेस्टर्न कमांड दोनों की कमान संभाली है. ये दोनों कमांड पाकिस्तान सीमा के लिहाज से काफी अहम मानी जाती हैं. वह उन चुनिंदा जनरलों में शामिल हैं जिन्होंने दो अलग-अलग कमांड का नेतृत्व किया है. इसके अलावा उन्होंने Bhopal स्थित 21 कॉर्प्स की भी कमान संभाली है. उन्होंने जम्मू कश्मीर में काउंटर-इंसर्जेंसी फोर्स, एक आर्मर्ड ब्रिगेड और एक आर्मर्ड रेजिमेंट की कमान भी संभाली है. कमांड भूमिकाओं के अलावा, जनरल सेठ ने सेना की रणनीतिक योजना और आधुनिक तकनीक से जुड़ी कई अहम जिम्मेदारियां भी निभाई हैं. सेना के आधुनिकीकरण की दिशा में उनका योगदान महत्वपूर्ण माना जाता है.
जनरल धीरज सेठ के कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी
जनरल धीरज सेठ ने ऐसे समय में सेना प्रमुख का पद संभाला है, जब भारतीय सेना बड़े बदलाव के दौर से गुजर रही है. सेना इस समय को ट्रांसफॉर्मेशन का दशक मान रही है. उनके कार्यकाल में सेना में कई बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं. इनमें इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स को पूरी तरह लागू करना, नई तकनीकों को तेजी से शामिल करना और सेना में ड्रोन के उपयोग को बढ़ाना शामिल है. इसके अलावा उनके कार्यकाल में इंटीग्रेटेड थिएटर कमांड को आगे बढ़ाने पर भी खास जोर रहेगा. इससे तीनों सेनाओं,थल सेना, नौसेना और वायुसेना के बीच बेहतर तालमेल बन सकेगा. रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल पी आर शंकरका कहना है कि नए सेना प्रमुख के सामने सबसे बड़ी चुनौती सेना को आधुनिक युद्ध के हिसाब से तैयार करना होगी.
जनरल धीरज सेठ का परिवार
जनरल धीरज सेठ नेशनल डिफेंस अकादमी, इंडियन मिलिट्री अकादमी, पेरिस के कमांड एंड स्टाफ कोर्स और नेशनल डिफेंस कॉलेज के पूर्व छात्र हैं. उन्हें परम विशिष्ट सेवा मेडल, उत्तम युद्ध सेवा मेडल और अति विशिष्ट सेवा मेडल जैसे बड़े सैन्य सम्मान मिल चुके हैं. जनरल धीरज सेठ सैन्य परिवार से आते हैं. उनके पिता कृष्ण मोहन सेठ लेफ्टिनेंट जनरल के पद से रिटायर हुए थे. वह एडजुटेंट जनरल भी रह चुके हैं और बाद में छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और त्रिपुराके राज्यपाल भी रहे. पिता और बेटे दोनों ने सुदर्शन चक्र कोर की कमान संभाली है, जो अपने आप में खास उपलब्धि मानी जाती है. उनके छोटे भाई रवनीश सेठ भारतीय नौसेना में रियर एडमिरल हैं और फिलहाल कारवार में तैनात हैं.


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