होशंगाबाद रोड स्थित वीर सावरकर सेतु के पहले किसानों को रोका...
MSP पर 100% मूंग खरीदी की मांग,भोपाल पहुंचे किसान,CM आवास की ओर कूच की घोषणा !
संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले नर्मदापुरम के सेठानी घाट से शुरू हुई पदयात्रा सोमवार को बुधनी होते हुए मंगलवार को भोपाल पहुंची. किसान हाथों में तिरंगा लेकर 'जय जवान, जय किसान' के नारे लगाते हुए आगे बढ़े. न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर 100% मूंग खरीद के लिए भोपाल में किसानों का दूसरे दिन भी धरना जारी है. नर्मदापुरम सेठानी घाट पर धरना प्रदर्शन और हनुमान चालीसा पाठ के बाद निकली किसानों की पदयात्रा मंगलवार को भोपाल पहुंच गई और उन्होंने सड़कों पर रात गुजारी. सड़क के एक तरफ किसानों की भीड़ तो दूसरी तरफ पुलिस बल अभी भी तैनात है. आज किसान फिर से सीएम आवास का घेराव करने की कोशिश कर सकते हैं. वह मुख्यमंत्री से मुलाकात की मांग कर रहे हैं.
कई स्कूल बंद, भोपाल होशंगाबाद रोड डाइवर्ट
किसान मंगलवार को भोपाल पहुंचे हैं, जब वह मंगलवार को सीएम आवास घेरने की घोषणा कर आगे बढ़ रहे थे तो उन्हें होशंगाबाद रोड स्थित वीर सावरकर सेतु के पहले रोक लिया था. तब से वह वहीं पर रुके हुए हैं. किसानों के भोपाल आने पर कई स्कूलों की छुट्टियां भी घोषित कर दी गई हैं. साथ ही भोपाल होशंगाबाद रोड डाइवर्ट किया गया है.
आज बढ़ सकती है भीड़.
वैसे किसानों को आंदोलन किए आज तीसरा दिन है, लेकिन भोपाल में धरने का उनका दूसरा दिन है. आज अनुमान जताया गया है कि दिनभर में किसान बड़ी संख्या में जुट सकते हैं. पुलिस ने पूरे होशंगाबाद रोड पर कई किलोमीटर बैरिकेडिंग कर दी है.
SAF, RAF और 20 से अधिक थानों की पुलिस तैनात
जहां किसान रुके हुए हैं, वहां से मुख्यमंत्री आवास की दूरी लगभग 7 किमी दूर बताई जा रही है. मौके किसानों के बढ़ते कदमों को रोकने के लिए प्रशासन को SAF, RAF और 20 से अधिक थानों की पुलिस तैनात करनी पड़ी है. संयुक्त किसान मोर्चा के तत्वावधान में निकली यह पदयात्रा सोमवार देर शाम सीहोर जिले के बुधनी पहुंची थी और मंगलवार को भोपाल पहुंची. जब पुलिस ने रोका तो उन्होंने सड़क पर डेरा जमा लिया.
किसानों ने सड़क पर बनाईं बाटी.
किसानों ने पूरी रात सड़क पर ही काटी और वहीं दाल-बाटी बनाकर गुजारा किया. हाथों में तिरंगा लेकर पहुंचे किसानों ने ‘जय जवान, जय किसान' और सरकार विरोधी नारे लगाए. साथ ही सड़क पर ही हनुमान चालिसा और सुंदरकांड का पाठ किया.
क्या हैं किसानों की मांगें
किसानों की प्रमुख है कि एमएसपी पर शत-प्रतिशत मूंग की खरीद हो. इसके अलावा ई-टोकन व्यवस्था की समस्याओं का समाधान और समय पर व उचित मूल्य पर खाद की उपलब्धता शामिल है.
खुद ही खाने की व्यवस्था करके चले किसान
किसानों के साथ चल रहे कई ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में पानी और भोजन की व्यवस्था की गई है. एक प्रदर्शनकारी ने बताया कि ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में पांच दिन के भोजन और पानी की व्यवस्था है तथा मांगें पूरी होने तक वे पीछे नहीं हटेंगे.



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