ठगों ने पहले निवेश के पैसों में रिटर्न देकर बुजुर्ग का भरोसा जीता,इसके बाद बनाया शिकार...
ऑनलाइन निवेश के नाम पर बुजुर्ग CA से 21.5 करोड़ की ठगी !
ऑनलाइन व्यापार में निवेश पर भारी मुनाफे का लालच देकर शातिर महिला ठग ने शहर के एक 70 वर्षीय चार्टड अकाउंटेंड से 21 करोड़ 5 लाख 92 हजार रुपए की ठगी कर ली। पीड़ित की शिकायत पर राज्य साइबर सेल ने अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। दरअसल ग्वालियर के इंदरगंज स्थित रोशनीघर रोड निवासी चार्टर्ड अकाउंटेंट अशोक विजयवर्गीय ऑनलाइन ठगी का शिकार हुए हैं।
दिसंबर 2025 में उनके वॉट्सएप पर एक युवती ने खुद को दिव्या सिंह बताकर संपर्क किया, जिसने ऑनलाइन निवेश के जरिए कम समय में अच्छा मुनाफा दिलाने का दावा किया। इसके बाद दोनों में इसी बात को लेकर बात होने लगी। महिला ने एक दिन मोबाइल पर लिंक भेजा और रजिस्ट्रेशन करने को कहा। अशोक विजयवर्गीय ने अपने मोबाइल नंबर से अपना निवेश अकाउंट बना लिया, जिसमें यूएसडीटी व बीटीसी आदि में निवेश करने के ऑफर आने लगे।
2025 से शुरू हुई ठगी
25 दिसंबर 2025 को पहली बार रुपये का ट्रांजेक्शन किया गया। उन्होंने एक लाख रुपये चार बार में अपने कर्मचारी दिनेश भाटिया के खाते से यूपीआई के जरिए बताए खाते में भिजवाए। फिर 29 दिसंबर को इतने ही रुपये दूसरे दोस्त पंकज चावला के खाते से जमा कराए, जिसका उनको पोर्टल पर लाभ भी दिखने लगा। बाद में उन्होंने 7 जनवरी को एचडीएफसी बैंक खाते में जमा 1 लाख 88 हजार 160 रुपये भी निकाले। ठगों ने उन्हें अपने जाल में फंसाने के लिए पोर्टल पर उनको लाभ दिखाया। इस वजह से उन्हें विश्वास हो गया कि जहां पर वह अपने पैसे का निवेश कर रहे हैं, उनको लाभ मिल रहा है। ठगों ने सीए से और राशि निवेश करने को कहा तो उन्होंने 31 दिसम्बर को 15 लाख रुपए अपने यूनियन बैंक खाते से ठगों द्वारा बताए खातों में आरटीजीएस के माध्यम से चार बार में पैसे ट्रांसफर कराए। पोर्टल पर लाभ दिखने पर उन्होंने जून 2026 तक अलग-अलग खातों में 21 करोड़ 5 लाख 92 हजार रुपए ट्रांसफर कर दिए।
पैसे निकालने से पहले 5 करोड़ जमा कराए
कुछ समय बाद चार्टर्ड अकाउंटेंट ने अपने प्रॉफिट की रकम निकालने के लिए कहा तो ठगों ने कहा कि आपको 10 करोड़ 84 लाख रुपये आकर देने होंगे। अशोक ने इतनी बड़ी रकम अपने पास होने से इनकार किया और दिव्या सिंह से संपर्क किया तो उसने कहा कि आधी रकम 5 करोड़ 34 लाख रुपये अपनी तरफ से जमा कर देती हूं। इसके साथ ही शेष रकम यानी 5 करोड़ रुपये चार्टर्ड अकाउंटेंट से मंगा ली। ठगों ने कहा कि अब आप पैसा निकाल सकते हैं।
दक्षिण भारत के खातों में ट्रांसफर हुए पैसे
अशोक विजयवर्गीय ने जब रुपये निकालने की लिए रिक्वेस्ट भेजी तो उन्होंने यह कह कर मना कर दिया कि आपका विड्रॉवल 1 करोड़ से ज्यादा है तो आपको रिस्क मार्जिन 2 लाख रुपये और जमा करने होंगे। 21 करोड़ रुपये से ज्यादा रकम देने के बाद भी और रकम मांगने पर अशोक विजयवर्गीय को संदेह हुआ और उन्होंने अपने दोस्तों को आपबीती बताई तब उनको पता चला कि वह ठगी का शिकार हो गए हैं। इसके बाद उन्होंने राज्य साइबर सेल में अज्ञात के खिलाफ शिकायत की। साइबर सेल उप पुलिस अधीक्षक संजीव नयन शर्मा का कहना है कि ठगी की रकम देश के कई राज्यों के खातों में भेजी गई है। सबसे ज्यादा दक्षिण भारत के खातों में ठगी की रकम भेजी गई है। पुलिस अब खातों की जानकारी जुटा रही है।


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