G News 24 : अब रुकेगी घुसपैठ! सुवेंदु सरकार ने BSF को दी 1024 एकड़ जमीन, TMC पर है तुष्टीकरण का आरोप !

भारत-बांग्लादेश बॉर्डर को सुरक्षित करने के लिए...

अब रुकेगी घुसपैठ! सुवेंदु सरकार ने BSF को दी 1024 एकड़ जमीन, TMC पर है तुष्टीकरण का आरोप!

भारत-बांग्लादेश बॉर्डर को सुरक्षित करने के लिए बंगाल की सुवेंदु अधिकारी सरकार ने BSF को 1024.75 एकड़ जमीन सौंप दी है. जानिए किस जिले में कितनी जमीन ट्रांसफर हुई है और सरकार का आगे क्या प्लान है.

भारत-बांग्लादेश सीमा को सुरक्षित करने और घुसपैठ को पूरी तरह रोकने के लिए पश्चिम बंगाल की नई सरकार ने एक बहुत बड़ा कदम उठाया है. मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने सोशल मीडिया पर जानकारी दी है कि उनकी सरकार ने अपने शुरुआती 65 दिनों में ही BSF को फेंसिंग यानी बाड़ लगाने के लिए 1,024.75 एकड़ जमीन सौंप दी है. यह जमीन राज्य के 9 अलग-अलग सीमावर्ती जिलों से दी गई है, जिससे कुल 172.6 किलोमीटर लंबे बॉर्डर पर फेंसिंग का काम तेजी से पूरा किया जा सके.

पश्चिम बंगाल चुनाव के दौरान बीजेपी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जनता से वादा किया था कि राज्य में सरकार बनते ही बॉर्डर फेंसिंग के लिए रुकी हुई जमीन तुरंत BSF को दी जाएगी. सरकार ने इस वादे को रिकॉर्ड समय में पूरा कर दिखाया है. जहां बीजेपी ने 45 दिनों में 600 एकड़ जमीन देने की बात कही थी, वहीं सुवेंदु अधिकारी सरकार ने महज 65 दिनों के भीतर 1000 एकड़ से ज्यादा जमीन ट्रांसफर कर दी है. सरकार का कहना है कि राष्ट्रीय सुरक्षा उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता है और वे नागरिकों को एक सुरक्षित माहौल देना चाहते हैं.

किस जिले में मिली कितनी जमीन?

सरकार की तरफ से जारी आंकड़ों के मुताबिक, राज्य के 9 जिलों में यह जमीन BSF को सौंपी गई है. इसमें सबसे लंबी जमीन मुर्शिदाबाद जिले में ट्रांसफर की गई है, जबकि सबसे कम जमीन जलपाईगुड़ी में दी गई है. आइए देखते हैं किस जिले में कितनी जमीन और कितने किलोमीटर का दायरा कवर हुआ है:

  1. मुर्शिदाबाद: 45.4 किलोमीटर बॉर्डर के लिए 337 एकड़ जमीन मिली है.
  2. नॉर्थ 24 परगना: 42.07 किलोमीटर के लिए 241.03 एकड़ जमीन ट्रांसफर हुई है.
  3. कूचबिहार: 39.39 किलोमीटर के लिए 135.33 एकड़ जमीन दी गई है.
  4. मालदा: 20.15 किलोमीटर के लिए 176.78 एकड़ जमीन सौंपी गई है.
  5. नादिया: 14.79 किलोमीटर के लिए 95.11 एकड़ जमीन मिली है.
  6. दक्षिण दिनाजपुर: 7.75 किलोमीटर के लिए 26.41 एकड़ जमीन दी गई है.
  7. उत्तर दिनाजपुर: 1.28 किलोमीटर के लिए 6.61 एकड़ जमीन ट्रांसफर हुई है.
  8. दार्जिलिंग: 1.45 किलोमीटर के लिए 4.31 एकड़ जमीन सौंपी गई है.
  9. जलपाईगुड़ी: 0.31 किलोमीटर के लिए 2.17 एकड़ जमीन मिली है.

कुल मिलाकर 172.6 किलोमीटर लंबी सीमा पर बाड़ लगाने के लिए 1,024.75 एकड़ जमीन BSF के हवाले कर दी गई है.

पिछली सरकार पर तुष्टीकरण का आरोप

इस बड़े फैसले की जानकारी देने के साथ ही मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने सूबे की पिछली तृणमूल कांग्रेस (TMC) सरकार पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने हुगली जिले के तारकेश्वर में श्रावणी मेले के उद्घाटन के दौरान कहा कि पिछली सरकार 'एक आंख' से काम करती थी और उसका पूरा ध्यान सिर्फ एक खास समुदाय के तुष्टीकरण पर था. उन्होंने आरोप लगाया कि वोट बैंक की राजनीति के कारण ही पहले बॉर्डर फेंसिंग के लिए जमीन नहीं दी जा रही थी, जिससे घुसपैठियों को फायदा होता था.

तारकेश्वर धाम का होगा विकास

सीएम सुवेंदु ने यह भी साफ किया कि उनकी सरकार बिना किसी भेदभाव के हर वर्ग और हर क्षेत्र के विकास के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने तारकेश्वर धाम को एक अंतरराष्ट्रीय तीर्थ स्थल के रूप में विकसित करने और श्रावणी मेले को राष्ट्रीय मेले का दर्जा दिलाने की बात कही. इसके साथ ही उन्होंने ऐलान किया कि मौसम ठीक रहने पर सावन के हर सोमवार को श्रद्धालुओं पर हेलीकॉप्टर से फूलों की बारिश की जाएगी. उनका कहना है कि नई सरकार दोनों आंखें खोलकर राज्य के हर नागरिक के हक के लिए काम कर रही है.

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