बवाल के बाद BMC ने लिया एक्शन...
मुंबई में बारिश बनी काल, खुले मेनहोल में गिरे बुजुर्ग का शव 4 घंटे बाद निकाला !
गुरुवार को मुंबई में भारी बारिश के दौरान एक 61 साल के बुजुर्ग की मेनहोल में गिरने से मौत हो गई. यह घटना दोपहर करीब 12:30 बजे खैरानी रोड पर हुई. मुंबई में भारी बारिश के दौरान एक बुजुर्ग की मेनहोल में गिरने की वजह से मौत हो गई. जिस सड़क पर ये हादसा हुआ वो अंधेरी-साकी नाका और जोगेश्वरी के पश्चिमी उपनगरों को कुर्ला और घाटकोपर के मध्य इलाकों से जोड़ती है. बताया जा रहा है कि हादसे का शिकार हुए बुजुर्ग जब मेनहोल में गिरा तब वो अपने मोबाइल फोन पर बात कर रहे थे.
साकीनाका इलाके में स्थित खैरानी रोड पर खुले मेनहोल में गिरने से 61 वर्षीय असलम शेख की मौत हो गई. घटना सुबह करीब 10 से 11 बजे के बीच हुई. काफी मशक्कत के बाद करीब 3 से 4 घंटे बाद उनका शव मेनहोल से बाहर निकाला गया.
'नियमों की अनदेखी मेनहोल को खुला छोड़ दिया'
प्राथमिक जानकारी के मुताबिक, घटनास्थल पर मेनहोल में लोहे की जाली लगाने का काम चल रहा था. आरोप है कि काम के दौरान कर्मचारियों ने सुरक्षा नियमों की घोर अनदेखी की. मेनहोल को खुला छोड़ दिया गया था और उसके चारों ओर न तो बैरिकेडिंग की गई थी और न ही कोई चेतावनी बोर्ड लगाया गया था. कर्मचारी पास में ही मौजूद थे, लेकिन खुले मेनहोल को सुरक्षित करने के लिए जरूरी इंतजाम नहीं किए गए.
इसी दौरान 61 वर्षीय असलम शेख वहां से गुजर रहे थे. खुले मेनहोल का अंदाजा न होने के कारण वह सीधे उसके अंदर गिर गए. हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, दमकल और अन्य बचाव एजेंसियां मौके पर पहुंचीं. कई घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद करीब 3 से 4 घंटे बाद उनका शव बाहर निकाला गया.
इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी है. लोगों का कहना है कि यदि मेनहोल के आसपास बैरिकेडिंग की गई होती और सुरक्षा मानकों का पालन किया गया होता तो असलम शेख की जान बचाई जा सकती थी. इस हादसे ने एक बार फिर मुंबई में चल रहे नागरिक कार्यों के दौरान बरती जाने वाली सुरक्षा व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज करने की मांग
वही विधानभवन में इस घटना पर बीजेपी नेता अमित साटम ने सरकारी अधिकारियो को ना सिर्फ निलंबित करने की मांग की है बल्कि उनपर गैर इरादतन हत्या का केस लगाने की भी मांग की है . फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी के लिए कौन जिम्मेदार है. स्थानीय लोग दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं.
मुआवजे का ऐलान और बीएमसी का बयान
इस घटना के बाद नगर आयुक्त ने एक कमेटी बनाकर जांच का आदेश दिया है. संबंधित एल वार्ड के सहायक आयुक्त धनाजी हेरलेकर, सहायक/उप अभियंता दीपक चौगुले, कनिष्ठ अभियंता अभिजीत चौगुले और सहायक अभियंता उत्तम पाटील को जांच पूरी होने तक निलंबित कर दिया है. BMC ने यह भी घोषणा की है कि मृतक के परिजनों को महानगरपालिका की ओर से 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी.
जांच समिति यह पता लगाएगी कि हादसा किन परिस्थितियों में हुआ, जिम्मेदारी किसकी है और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाने चाहिए. इसके अलावा BMC ने शहर में मेनहोल से जुड़े सभी कार्यों के दौरान चारों ओर अनिवार्य रूप से बैरिकेडिंग लगाने के निर्देश दोबारा जारी किए हैं.
साथ ही अगले आठ दिनों के भीतर मुंबई महानगरपालिका क्षेत्र के सभी मेनहोल का 100 प्रतिशत सुरक्षा निरीक्षण करने का आदेश दिया गया है. सभी अतिरिक्त नगर आयुक्तों, सातों प्रशासनिक परिमंडलों के उप आयुक्तों और 26 प्रशासनिक वार्डों के सहायक आयुक्तों को इसकी रिपोर्ट तैयार कर सौंपने के निर्देश दिए गए हैं.
BMC ने यह भी स्पष्ट किया है कि मानसून पूर्व तैयारियों के तहत मार्च 2026 से ही सभी विभागों को मेनहोल पर सुरक्षा जालियां लगाने के निर्देश दिए गए थे. बावजूद इसके, साकीनाका में हुई इस घटना को गंभीर प्रशासनिक लापरवाही मानते हुए कड़ी कार्रवाई की गई है.


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