G News 24 : 'मैं भूल जाऊंगा कि सांसद हूं',शिवेसना सांसद संजय पाटिल ने पत्रकारों को धमकाया, गालियां भी दीं ...

शिवसेना में नए-नए आए लोकसभा सांसद ने पत्रकारों को ऑन कैमरा जान से मारने की धमकी दी !

 'मैं भूल जाऊंगा कि सांसद हूं',शिवेसना सांसद संजय पाटिल ने पत्रकारों को धमकाया, गालियां भी दीं ...

मुंबई। शिवसेना (यूबीटी) छोड़कर शिंदे शिवसेना में शामिल हुए लोकसभा सांसद संजय दीना पाटिल ने कैमरे पर पत्रकारों को खुलेआम धमकी दी. उन्होंने धमकाते हुए कहा कि 'मैं भूल जाऊंगा कि सांसद हूं.' संजय पाटिल पत्रकारों के एक सवाल पर भड़क गए और बदतमीजी पर उतारु हो गए. उन्होंने ऑन कैमरा ही पत्रकारों को जान से मारने की धमकियां भी दीं. इसके बाद ठाणे में पत्रकार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं और सांसद संजय दीना पाटिल के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं. मामला सामने आने के बाद शिवसेना चीफ और डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने संजय पाटिल से बात की है. शिंदे ने बताया कि उन्होंने उनसे कहा है कि अगर कुछ गलत कहा है तो मीडिया से माफी मांगें.

आखिर हुआ क्या था?

संजय पाटिल: मेरे परिवार में सब होता है... और मेरा परिवार मेरे साथ है सब लोग... भले ही हम अलग-अलग पार्टियों में काम करते हैं, मेरा परिवार और यह मेरा परिवार है. मेरे परिवार में सिर्फ मेरे घरवाले नहीं हैं, सब हैं.

पत्रकार: अब कमिश्नर को जो पत्र दिया है उसका...

संजय पाटिल: बुलाएंगे तो मैं जाऊंगा ना. नहीं क्यों, मुझे कुछ पूछना होगा तो मैं जाऊंगा, बोलूंगा ना वहां. और कहां क्या, कैमरे पर बोला है ना, कोई पीछे से थोड़ी ना बोला है, कैमरे पर बोला है. जो बोला है, जो है वो सामने जाएगा ना. जो करेगा... देखिए, जो करेगा वो भरेगा.

पत्रकार: सर राजू पाटिल के संदर्भ में देखा जाए तो...

संजय पाटिल: अरे भाई क्यों, बस हो गया ना अब. तुम्हें बोला, दो मिनट बोलना था, मैं बोलने ही वाला नहीं था. बोला ना भाई अब और कितना, क्यों ये कर रहे हो. चल बैठ मेरे साथ... बैठ ना गाड़ी में, चल बात करते-करते जितना बोलना है उतना बोलेंगे चलो.बस हो गया, इज्जत दे रहा हूं भाई ले ना यार... ठीक है ठीक है भाई.

और फिर लगे पत्रकारों को धमकाने

मीडिया वालों से उनकी बात हो ही रही थी कि जैसे ही कैमरा उनके करीब पहुंचा, वह भड़क गए और धमकियां देने लगे. इस दौरान संजय पाटिल ने कई भद्दी गालियां भी दीं.

संजय पाटिल: जरा मेरा ये गुस्सा मत देखो तुम, अति कर रहे हो ये भाई बस ना, बंद कर ना अब. बंद कर नहीं तो भाई मैं भूल जाऊंगा कि मैं सांसद हूं और तुम क्या हो. पहले ही बताया है मैंने... इज्जत दे रहा हूं इज्जत करो, बता रहा हूं फिरसे, तुम बेवजह मेरी उंगली कर रहे हो. ले रिकॉर्ड कर. इज्जत करता हूं, बेवजह दिमाग खराब मत करो. घर के नीचे तुम्हें खड़े रहने दे रहा हूं, खाना दे रहा हूं.

संजय पाटिल: बेवजह उनके पास जाओगे वो बोलते हैं ना, मैं नहीं बोलूंगा. अब फिर से आए तो मारकर भेजूंगा तुम्हें भी. जो बोला है लिखो. लिखो, रिकॉर्ड करो और बताओ वहां कमिश्नर के पास जाकर कंप्लेंट करो. इज्जत कर रहा हूं तुम्हें सहन कर रहा हूं. बहुत दिन सहन किया तुम्हें...

संजय पाटिल: अरे लिमिट होती है किसी चीज की, बोली है ना वो बताया ना सब देखो. उन्हें जो बोलना है बोलने दो... अरे कुछ भी बोलने दे. और मत आना मेरे पास कुछ लेने, आए तो मारूंगा अब. रिकॉर्ड करो और बताओ तुम अब मुझसे पूछने आए तो मार खाओगे. ये लिख ले, रिकॉर्ड कर. क्या करना है कंप्लेंट करनी है तो कर, पुलिस है सब उनके सामने बोल रहा हूं, बस हो गया सहन किया बहुत.

संजय: तुम्हें यहां खड़ा नहीं करना है, तुम्हें खाना दे रहा हूं मैं इधर. घर तक आ गए तुम मेरे. एक कैमरे वाला उस दिन घर में आ गया मेरे, गलत है... घर में मेरी बीवी-बच्चे सो रहे हैं, मेरी बहुएं सो रही हैं, वो घर में गया और घर में रिकॉर्डिंग की.

शिंदे ने की संजय पाटिल से बात

डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने गुरुवार को कहा कि पत्रकारों का अपमान मंजूर नहीं है। उन्होंने सांसद संजय दीना पाटिल को सलाह दी कि अगर पत्रकारों पर उनकी टिप्पणियों से मीडिया को ठेस पहुंची है, तो वे खेद जताएं.

शिंदे ने कहा, 'मैंने उनसे साफ कहा कि अगर उनकी तरफ से कोई गलत शब्द इस्तेमाल किए गए हैं, तो उन्हें मीडिया के सामने खेद जताना चाहिए.'शिंदे ने बताया कि उन्होंने पाटिल से बात की थी। पाटिल ने साफ किया कि उनका पत्रकारों का अपमान करने या उनकी भावनाओं को ठेस पहुंचाने का कोई इरादा नहीं था और मीडिया के साथ उनके हमेशा अच्छे संबंध रहे हैं.

संजय राउत पर निशाना साधते हुए शिंदे ने कहा, 'हर सुबह, कुछ लोग मीडिया के सामने 'उन्हें मार डालो', 'उन्हें तोड़ दो', और 'उनके घरों में घुसकर उन्हें पीटो' जैसी भाषा का इस्तेमाल करते हैं. ऐसे बयान न सिर्फ राजनीतिक संस्कृति के खिलाफ हैं, बल्कि मीडिया का अपमान भी हैं.'

शिंदे ने कहा कि पाटिल ने सार्वजनिक बातचीत में ऐसी भाषा के लगातार इस्तेमाल पर अपनी निराशा जताई और कहा कि उनकी टिप्पणियां पत्रकारों के लिए नहीं थीं. उन्होंने आगे कहा कि पाटिल ने उन्हें भरोसा दिलाया कि अगर अनजाने में कोई आपत्तिजनक शब्द इस्तेमाल हो गए हैं, तो वे ईमानदारी से मीडिया के सामने खेद जताएंगे.

संजय राउत ने पुलिस कमिश्नर को लिखी चिट्ठी

इस बीच शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत ने मुंबई पुलिस कमिश्नर को पत्र लिखकर बागी सांसद संजय पाटिल के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. राउत ने पत्र में उल्लेख किया है कि 'पाटिल ने यह भड़काऊ बयान दिया है, 'मुझसे मत उलझना. मेरे खिलाफ आंदोलन करने से पहले अपने जीवन का बीमा करा लेना. मैं तुम्हें सीधा श्मशान भेजूंगा, या फिर अस्पताल भेजूंगा.' ऐसा कहकर संजय पाटिल ने ना केवल 5 लोगों की हत्या की बात कबूली है, बल्कि यह भी धमकी दी है कि 'मेरे खिलाफ किसी ने आंदोलन किया तो उन पर बम फेंक दूंगा, घर में घुसकर मारूंगा.'

उन्होंने सवाल उठाया कि एक जनप्रतिनिधि की ओर से बम फेंकने की धमकी दिया जाना राष्ट्रीय सुरक्षा का अत्यंत गंभीर मुद्दा है. क्या ये बम उन्होंने अपने घर में बनाए हैं या उन्हें किसी आतंकी गिरोह से मिले हैं? इसकी तत्काल जांच होनी जरूरी है. राउत ने आक्रामक मांग करते हुए कहा है कि इसके लिए आतंकवाद निरोधी दस्ते ATS की मदद लेकर उनके घर की तलाशी ली जानी चाहिए और देश विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में उन पर 'यूएपीए' के तहत कार्रवाई होनी चाहिए.



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