कराची हमले के आरोप पर भारत का करारा जवाब...
दूसरों पर उंगली न उठाए पाक, गिरेबान में झांके !
पाकिस्तान ने कराची में हाल ही में हुए आतंकवादी हमले को लेकर भारत पर कई आरोप लगाए थे, जिसे भारत से रविवार (28 जून, 2026) को सिरे से खारिज कर दिया है. भारत ने आरोपों को निराधार करार देते हुए इस्लामाबाद से कहा कि वह दूसरों पर उंगली उठाने के बजाय अपने देश में पनप रहे आतंकवादी ढांचे को खत्म करने पर ध्यान दे.
भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने रविवार (28 जून, 2026) को मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए कहा, ‘हमने कराची में हुई हालिया घटना को लेकर भारत पर लगाए गए पाकिस्तान के निराधार आरोपों से जुड़े रिपोर्ट्स देखे हैं. हम इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हैं.’
उन्होंने कहा, ‘दूसरों पर आरोप लगाने के बजाय पाकिस्तान अपने गिरेबान में झांककर देखे, तो ज्यादा अच्छा होगा. अपने देश की जमीन पर पनप रहे आतंकवादियों और मौजूद आतंकवादी ढांचों के खिलाफ उसे कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए और आंतकवाद को अपनी देश की नीति के एक साधन के रूप से इस्तेमाल करने की अपनी प्रवृति को भी खत्म करना चाहिए.’
भारत के विदेश मंत्रालय का यह बयान पाकिस्तान के उस दावे के एक दिन बाद आया है, जिसमें पाकिस्तान के सुरक्षा बलों ने दावा करते हुए कहा कि उन्होंने कराची में सिंध रेंजर्स के कपाउंड में हुए आतंकवादी हमले को नाकाम कर दिया.
पाकिस्तानी अधिकारियों के मुताबिक, यह आतंकवादी हमला शनिवार (27 जून, 2026) की रात कराची के गुलिस्तान-ए-जौहर इलाके में स्थित सिंध रेंजर्स के भिट्टाई विंग हेडक्वार्टर पर हुआ. इस हमले में रेंजर्स के चार जवान मारे गए. वहीं, अधिकारियों ने यह भी कहा कि हमले के खिलाफ ऑपरेशन करीब 90 मिनट यानी डेढ़ घंटे तक चला, जिसमें छह आतंकवादी मारे गए और एक को जिंदा गिरफ्तार कर लिया गया.
पाकिस्तान के अधिकारियों ने रेंजर हेडक्वार्टर पर हमला करने वाले आतंकवादियों की पहचान कर ली है. उनकी पहचान प्रतिबंधित संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के उग्रवादी गुट जमात-उल-अहरार के सदस्यों के तौर पर की गई है. वहीं, बाद में प्रतिबंधित संगठन टीटीपी ने इस हमले की जिम्मेदारी भी ली.


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