G News 24 : नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से 15 जून को यात्री उड़ानों की हो रही है शुरुआत !

 नोएडा एयरपोर्ट से फ्लाइट ही नहीं, रैपिड रेल और बुलेट ट्रेन भी मिलेगी...

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से 15 जून को यात्री उड़ानों की हो रही है शुरुआत !

नोएडा एयरपोर्ट को मल्टी मॉडल ट्रांसपोर्ट हब के तौर पर विकसित किया जा रहा है, जहां से लखनऊ जैसे कई शहरों के लिए उड़ानें भरी जाएंगी. साथ ही यहां से नमो भारत ट्रेन, बुलेट ट्रेन, मेट्रो, दूसरे राज्यों के लिए बसें जैसी सारी ट्रांसपोर्ट सुविधाएं होंगी.

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से 15 जून को यात्री उड़ानों की शुरुआत हो रही है, लेकिन भविष्य में यह देश ही नहीं दुनिया के टॉप मल्टी मॉडल ट्रांसपोर्ट हब की शक्ल में बदलेगा. यहां से सिर्फ उड़ानें ही नहीं, बल्कि एनसीआर के बड़े शहरों को जोड़ने वाली नमो भारत ट्रेन यानी रैपिड रेल चलेगी. साथ ही दिल्ली-वाराणसी बुलेट ट्रेन भी दौड़ेगी. इसका खाका खींचा जा चुका है.जेवर से रेलवे और मेट्रो कनेक्टिविटी भी मिलेगी. चाहे नोएडा, गाजियाबाद, दिल्ली के इलाके हों या फिर दूरदराज के शहर; यहां से हर जगह के लिए बस, हाईस्पीड ट्रेन तक उपलब्ध होगी. जेवर रेलवे स्टेशन बनेगा. नोएडा एयरपोर्ट से न केवल हवाई सफर, नमो भारत रैपिड रेल, बुलेट ट्रेन, रेलवे और मेट्रो कनेक्टिविटी का एक बेहतरीन और इंटीग्रेटेड जाल बिछाया जा रहा है. 

लखनऊ से नोएडा की पहली उड़ान

नोएडा एयरपोर्ट से 15 जून की सुबह पहली फ्लाइट लखनऊ से नोएडा पहुंचेगी.  ये फ्लाइट सुबह 7:05 बजे उड़ेगी और 8:05 बजे जेवर एयरपोर्ट पर उतरेगी. हैदराबाद-नोएडा , नोएडा- बेंगलुरु, नोएडा-अमृतसर, अमृतसर-नोएडा, नोएडा-हैदराबाद, बेंगलुरु-नोएडा और अंतिम फ्लाइट दिन की नोएडा-लखनऊ की होगी. नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से 16 से ज्यादा को कनेक्ट करेगी. इनमें बेंगलुरु, हैदराबाद के साथ अमृतसर, चंडीगढ़, श्रीनगर, देहरादून, धर्मशाला, जयपुर, लखनऊ, भोपाल और पंतनगर जैसे टियर-2 और टियर-3 सिटी शामिल हैं.

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) को मल्टी-मोडल ट्रांसपोर्ट हब के रूप में विकसित किया जाना इस क्षेत्र के लिए गेम-चेंजर साबित होगा। हवाई, नमो भारत रैपिड रेल, बुलेट ट्रेन, रेलवे और मेट्रो की एकीकृत कनेक्टिविटी से जेवर और आसपास के इलाकों में निवेश, रोजगार और रियल एस्टेट वैल्यू में तेज़ और स्थायी वृद्धि देखने को मिलेगी-सलील कुमार,CRC ग्रुप डायरेक्टर (मार्केटिंग एवं बिजनेस मैनेजमेंट)

2. नमो भारत रैपिड रेल रूट

नोएडा एयरपोर्ट को सीधे दिल्ली और गाजियाबाद से जोड़ने के लिए गाजियाबाद-जेवर एयरपोर्ट नमो भारत कॉरिडोर को मंजूरी दी गई है. इस नमो भारत रूट से गाजियाबाद से नोएडा एयरपोर्ट की 72 किमी. की दूरी 50 से 60 मिनट में तय हो सकेगी. दिल्ली से ये दूरी 15 मिनट की रह जाएगी. 

जेवर एयरपोर्ट के साथ बन रहा इंटीग्रेटेड ट्रांसपोर्ट नेटवर्क न केवल यात्रा को सुगम बनाएगा, बल्कि लॉजिस्टिक्स, इंडस्ट्रियल और रेजिडेंशियल डेवलपमेंट को भी नई रफ्तार देगा। यह मल्टी-मोडल हब NCR को वैश्विक मानचित्र पर एक मजबूत आर्थिक और कनेक्टिविटी केंद्र के रूप में स्थापित करेगा.

ये सेमी हाईस्पीड रेल कॉरिडोर गाजियाबाद रेलवे स्टेशन से शुरू होगा. जहां यह दिल्ली-मेरठ रैपिड रेल लाइन से इंटरकनेक्ट होगा. ये गाजियाबाद से होते हुए ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे के सेक्टरों से गुजरेगा. गाजियाबाद, नोएडा सेक्टर-62, नोएडा सेक्टर-71, नोएडा सिटी सेंटर, NSEZ (नोएडा स्पेशल इकोनॉमिक जोन), सूरजपुर, कासना, परी चौक, यीडा (YEIDA) के प्रमुख सेक्टर्स (जैसे सेक्टर-18, 20) और अंत में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से जोड़े जाने का प्लान. मेरठ, दिल्ली या गाजियाबाद के यात्री बिना ट्रेन बदले सीधे नोएडा एयरपोर्ट तक हाई स्पीड रैपिड रेल से पहुंच सकेंगे-कुशाग्र अंसल,असल हाउसिंग के डायरेक्टर

2. बुलेट ट्रेन रूट

मु्ंबई-अहमदाबाद के बाद दिल्ली-वाराणसी हाई स्पीड रेल कॉरिडोर सरकार की प्राथमिकता में है.दिल्ली के बाद नोएडा एयरपोर्ट में इसका पहला स्टेशन होगा. यहां टर्मिनल के नीचे या ग्राउंड ट्रांसपोर्ट सेंटर में स्टेशन बनाया जा रहा है. ये बुलेट ट्रेन रूट दिल्ली के सराय काले खां से शुरू होकर नोएडा एयरपोर्ट जेवर पहुंचेगी. इसके बाद यह रूट अलीगढ़, मथुरा, आगरा, कानपुर, लखनऊ, सुल्तानपुर और प्रयागराज होते हुए वाराणसी तक जाएगा. इस बुलेट ट्रेन रूट  (High-Speed Rail HSR) से दिल्ली से नोएडा एयरपोर्ट की दूरी मात्र 21 मिनट में पूरी की जा सकेगी. 

3. नोएडा एयरपोर्ट मेट्रो रूट

नोएडा एयरपोर्ट को दिल्ली-एनसीआर के मौजूदा मेट्रो नेटवर्क से जोड़ा जाएगा. नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे लिंक मेट्रो है, जो नोएडा नॉलेज पार्क-2 मेट्रो स्टेशन से शुरू होगी. ये मेट्रो लाइन यमुना एक्सप्रेसवे के समानांतर चलते हुए सीधे नोएडा एयरपोर्ट तक जाएगी. नई दिल्ली रेलवे स्टेशन की एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन, दिल्ली नमो भारत और मेट्रो ट्रैक को इस तरह जोड़ा जा रहा है कि भविष्य में मेट्रो ट्रेनें की पहुंच भी एयरपोर्ट तक रहे. ग्रेटर नोएडा वेस्ट (चार मूर्ति) मेट्रो प्रोजेक्ट से भी नोएडा एयरपोर्ट की कनेक्टिविटी होगी.

4. नोएडा एयरपोर्ट के पास रेलवे स्टेशन 

भारतीय रेलवे नोएडा एयरपोर्ट को देश के मुख्य रेल नेटवर्क से जोड़ने के लिए चोला-रुंधी (पालवल) रेलवे लाइन प्रोजेक्ट पर आगे बढ़ी है. हवाई अड्डे के ठीक पास एक नया जेवर रेलवे स्टेशन बनाया जाएगा. इसे जेवर एयरपोर्ट के ग्राउंड ट्रांसपोर्टेशन सेंटर के साथ एक अंडरग्राउंड सुरंग के जरिये जोड़ा जाएगा. ये लगभग 61 किमी से 99 किमी की लंबी नई रेलवे लाइन होगी.रुंधी, चांदहट, जेवर खादर, जेवर एयरपोर्ट स्टेशन, जहांगीरपुर, बीघापुर और चोला में स्टेशन प्रस्तावित हैं.

नोएडा का होगा अपना रेलवे स्टेशन

इस स्टेशन के बनने से वंदे भारत एक्सप्रेस जैसी सेमी-हाई-स्पीड ट्रेनें सीधे आगरा, कानपुर, लखनऊ और नई दिल्ली से नोएडा एयरपोर्ट के लिए चलाई जा सकेंगी.बुलंदशहर के चोला जंक्शन से दिल्ली-हावड़ा रूट से कनेक्ट रहेगा और इससे वंदे भारत, राजधानी, शताब्दी एक्सप्रेस या तेजस जैसे ट्रेनों से नोएडा एयरपोर्ट के यात्री अपने गंतव्य तक पहुंच पाएंगे. पूर्वांचल, बिहार और कोलकाता की तरफ से आने वाली ट्रेनें सीधे एयरपोर्ट आ सकेंगी. हरियाणा में रुंधी-पलवल लाइन दिल्ली-चेन्नई/मुंबई रेल रूट से कनेक्ट होता है. ऐसे में साउथ और वेस्टर्न रूट की ट्रेनें भी यहां तक पहुंचेंगी.

जेवर रेलवे स्टेशन की 3 रेल लाइनें

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को रैपिड रेल से जोड़ने की मंजूरी मिलने के बाद नॉर्थ सेंट्रल रेलवे ने एयरपोर्ट को रेल लाइन से जोड़ने के प्रस्ताव को मंज़ूरी दे दी है.

  • दिल्ली-मुंबई लाइन पर पलवल तक 28 किमी की लाइन
  • दिल्ली-हावड़ा लाइन पर खुर्जा तक 33 किमी की लाइन
  • दिल्ली-हावड़ा लाइन पर चोला तक 20 किमी की लाइन

5. मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स हब 

नोएडा एयरपोर्ट और यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र को उत्तर भारत का सबसे बड़ा कार्गो और ट्रेड गेटवे बनाने के लिए दादरी, बोड़ाकी (ग्रेटर नोएडा) में एक बड़ा मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक्स और ट्रांसपोर्ट हब बनाया जा रहा है.ये हब(MMLH) दादरी के पास लगभग 849 एकड़ में फैले एशिया के सबसे बड़े ड्राई पोर्ट (Dry Port) के तौर पर बन रहा है.

यह वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर और ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर को भी जोड़ेगा.यहां स्मार्ट वेयरहाउसिंग, कोल्ड स्टोरेज, रीफर कंटेनर ज़ोन और सीमा शुल्क निकासी जैसी सुविधाएं एक ही छत के नीचे मिलेंगी. इससे उद्योगों का माल सीधे मुंबई और कोलकाता बंदरगाह तक कुछ ही घंटों में पहुंच सकेगा.

6. बोड़ाकी रेलवे स्टेशन: बस, मेट्रो और ट्रेन एक ही जगह

मल्टी मॉडल ट्रांसपोर्ट हब ग्रेटर नोएडा के बोड़ाकी रेलवे स्टेशन के पास करीब 360 एकड़ में बन रहा है. यहां देश का सबसे बड़ा अंतर राज्यीय बस टर्मिनल (ISBT), लोकल बस टर्मिनल, मेट्रो स्टेशन और भारतीय रेलवे का एक बड़ा टर्मिनल एक ही जगह मौजूद होंगे. यहां से पॉड टैक्सी (Pod Taxi) और एक्सप्रेसवे के जरिए 40 किमी दूर सीधे नोएडा एयरपोर्ट को जोड़ा जाएगा.

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