G News 24 : एक्सप्रेसवे पर बस पुलिया से टकराकर पलटी,ओवर स्पीड के कारण 6 की चली गई जान !

  उन्नाव एक्सप्रेसवे पर खूनी हादसा मंजर देख दहल उठे लोग !

एक्सप्रेसवे पर बस पुलिया से टकराकर पलटी,ओवर स्पीड के कारण 6 की चली गई जान !

उन्नाव।  दिल्ली से 52 यात्रियों को लेकर स्लीपर बस एक्सप्रेसवे के रास्ते गोरखपुर जा रही थी।उन्नाव एक्सप्रेसवे पर हुए हादसे में जान गंवाने वाले सभी छह मृतकों का पोस्टमार्टम डॉक्टरों के पैनल द्वारा किया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सभी मृतकों के सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटों की पुष्टि हुई है। लंबे सफर की थकान और भोर पहर का वक्त होने से बस में सवार सभी यात्री नींद में थे। यात्रियों ने सीट पर बैठकर सफर कर रहे घायल यात्रियों ने बताया कि नींद में थे तभी अचानक तेज धमाके की आवाज आई तो सभी चीख पड़े। इतना तेज झटका लगा कि संभलने का मौका नहीं मिला। ऊपर की बर्थ पर सो रहे यात्री और बैठकर सफर कर रहे यात्री एक-दूसरे पर गिर गए।

जो बस में नीचे की तरफ फंसे वह जिंदा नहीं बच पाए।  दिल्ली से बलिया जा रहे ब्रजेश कुमार ने बताया कि तेज झटका लगने के बाद सभी यात्री एक-दूसरे पर गिरे और लगा किसी बस किसी गहरी खाई में फिसलती चली जा रही हो। बस की खिड़की का शीशा टूट जाने से वह किसी तरह बाहर निकल आया। इसी बीच शोर सुनकर एक्सप्रेसवे से निकल रहे कुछ वाहन चालकों ने रुक कर उनकी मदद की।

सोचने-समझने की शक्ति ही खत्म हो गई

कई लोगों को बाहर निकाला उनमें वह (ब्रजेश) भी शामिल है। हादसे में मृत विदेशी गुप्ता के साथ सफर कर रहीं उनकी पत्नी बिंद्रावती ने बताया कि वह काफी दिनों बाद गोरखपुर जा रहे थे। अगले महीने परिवार में एक शादी में भी शामिल होने था। बताया कि जिस समय हादसा हुआ वह भी गहरी नींद में थीं। कुछ तेज झटके लगने और गिरने से के बाद मानो दिमाग की सोचने-समझने की शक्ति ही खत्म हो गई थी।

जिंदा बचना बचना मुश्किल था

कुछ लोगों ने निकाला,एंबुलेंस में थे तब पति के बारे में जानकारी ली। बताया गया कि उन्हें अस्पताल पहुंचा दिया गया है, बाद में पति की मौत की जानकारी हुई। हल्की चोटें लगने से घायलों में बहराइच के शिवमंगल, गोरखपुर के राजकुमार, दिनेश आदि ने बताया कि वह बस में दाहिनी ओर की सीट पर बैठे थे और बस बाएं तरफ पलटी। अगर वह बाएं तरफ होते तो उनका भी जिंदा बचना बचना मुश्किल था।

सीटों के बीच फंसे थे शव, क्रेन से उठाते ही गिरे

हादसे के बाद रेस्क्यू टीमों ने घायल बस यात्रियों को निकाला लेकिन कई लोग सीटों के बीच फंसे होने और उनमें कई के पैर, हाथ की अंगुलियां कट गईं थीं। पुलिस ने आनन-फानन क्रेन लगाकर बस को उठाया तो नीचे से लाशें गिरने लगीं। सातों को स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया।

सिर, चेहरे, छाती और हाथों में गंभीर चोटें

उन्नाव जिले में एक्सप्रेसवे पर हुए हादसे में चीख-पुकार की आवाजें आती रहीं। स्थिति यह थी कि किसी का बायां पैर धड़ से अलग हो गया तो किसी के सिर, चेहरे, छाती और हाथों में गंभीर चोटें आईं। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर बस पुलिया से टकराने के बाद पलटने की हुई घटना में मृतक विजय कुमार का बायां पैर धड़ से अलग था। घायलों में अरुण कुमार के दाएं, पैर में चोट और हाथ में चोट थी। सोमअली के दोनों पैरों में चोट, हबीबा ढाई महीने की गर्भवती, बाएं हाथ और छाती के बाएं हिस्से में चोट।

श्वेता के कॉलर बोन फ्रैक्चर मिला

गोलू के सिर और चेहरे के साथ बाएं हाथ व छाती में चोट, राहुल के दोनों हाथों में चोट लगी है। जानकी के सिर में चोट है। फरमान अंसारी के दोनों पैरों में और पीठ दर्द है। अरविंद मिश्र के दोनों हाथों में चोट है। गणेश दीक्षित के दाएं पैर में चोट, दोनों हाथों और सिर में चोट। लराइब आलम के सिर में चोट मिली है। इसी तरह अन्य घायलों के भी सिर, बाएं पैर में चोटें हैं। घायल श्वेता के कॉलर बोन (क्लेविकल) फ्रैक्चर मिला है।

ओवरस्पीड का आदी है चालक, चार चालान लंबित

एक्सप्रेसवे पर पुलिया से टकराई बस सरोज ट्रैवल्स की थी। गाड़ी का पंजीकरण 27 फरवरी 2026 का है। गाड़ी के कुल पांच चालान हैं। इसमें चार 500-500 रुपये के ओवरस्पीड के हैं और 50 हजार रुपये का हिमाचल प्रदेश में अदर स्टेट की परमिट न होने पर चालान हुआ है। गाड़ी का बीमा मार्च 2027 तक का है। 22 फरवरी 2028 तक की गाड़ी की फिटनेस है।

एक्सप्रेसवे पर हुए प्रमुख हादसों पर एक नजर

  • 10 जुलाई 2024 को बेहटामुजावर थानाक्षेत्र के जोगीकोट गांव के सामने स्लीपर बस में टैंकर की भिड़ंत में 18 लोगों की मौत हुई थी। 23 यात्री घायल हुए थे।
  • 27 सितंबर 2025 को बेहटामुजावर क्षेत्र के ढोलौवा गांव के सामने एक्सप्रेसवे पर डिवाइडर पर पौधों की छंटाई कर रहे छह श्रमिकों को तेज रफ्तार कार ने टक्कर मारी थी। घटना में चार श्रमिकों की मौत हुई थी। दो गंभीर घायल हुए थे।
  • दो मार्च 2026 को बांगरमऊ कोतवाली क्षेत्र के देवखरी के सामने दो परिवहन निगम की बसें ट्रक में पीछे से भिड़ने से तीन की मौत और 31 लोग घायल हुए थे।
  • तीन मार्च 2026 को बांगरमऊ के गहरपुरवा के सामने लोडर पलटने से दो की मौत और 14 घायल हो गए थे।
  • 23 मार्च 2026 को नसिरापुर गांव के सामने बस पलटने से एक की मौत 20 घायल हुए थे।
  • 17 मई 2026 रघुरामपुर गांव के सामने स्लीपर बस ट्रेलर में पीछे से भिड़ने से 23 यात्री घायल हुए थे।
  • छह नवंबर 2026 को दिल्ली से बनारस जा रही स्लीपर हसनगंज के अलीयारपुर गांव के पास आगे चल रहे गोभी लदे लोडर में टकराने से खंती में बस जाने से 30 यात्री घायल हुए थे।

पैनल और वीडियोग्रॉफी से हुआ पोस्टमार्टम

एक्सप्रेसवे पर हादसे का शिकार हुए सभी छह मृतकों के देर शाम तक पोस्टमार्टम हुए। इसमें उपनिरीक्षक और बंदी का पैनल से पोस्टमार्टम किया गया। सभी के सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें मिली हैं। हादसे का शिकार हुए उपनिरीक्षक रवीचरन और बंदी सीएस तोमर उर्फ चंद्रपाल का पोस्टमार्टम दो डॉक्टरों के पैनल में शामिल ब्योली इस्लामाबाद पीएचसी के डॉ. रमन सिंह और सीएचसी हसनगंज के डॉ. गौरव ने किया। इसमें उपनिरीक्षक के सिर में दो गंभीर चोटों के साथ शरीर में अन्य चोटें मिली हैं। वहीं बंदी के शरीर में छह गंभीर चोटें मिली हैं। उसका फेफड़ा भी फटा हुआ है। अन्य मृतकों  का पैनल से पोस्टमार्टम हुआ। इन सभी को भी गंभीर चोटें आई हैं।

एक्सप्रेसवे पर बसों की 80 की स्पीड है निर्धारित, नहीं मानते चालक

यूपीडा के मुख्य सुरक्षाधिकारी प्रभात अवस्थी ने बताया कि एक्सप्रेसवे पर बसों की स्पीड 80 किलोमीटर प्रति घंटा निर्धारित है। लेकिन बस चालक मानते ही नहीं और वह गाड़ी भगाने में लगे रहते हैं। जहां सीसीटीवी लगे हैं, वहां तो उनकी रफ्तार कम हो जाती है। लेकिन जैसे ही वह सीसीटीवी पार करते हैं, उनकी स्पीड बढ़ जाती है। यही कारण है कि जरा से झपकी आने पर बस अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो जाती है उसका शिकार उसमें बैठे यात्रियों को होना पड़ता है।

ऐसा था पूरा हादसा

दिल्ली से गोरखपुर जा रही स्लीपर बस मंगलवार की सुबह आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर औरास थाना क्षेत्र के नीभाखेड़ा गांव के पास डिवाइडर पर चढ़कर पलट गई। इस हादसे में दरोगा सहित सात लोगों की मौत हो गई जबकि 24 यात्री घायल हैं। हादसे का कारण चालक को झपकी आना बताया जा रहा है।

100 मीटर घिसटने के बाद पुलिया से टकराई

सुबह करीब सात बजे औरास के निभाखेड़ा गांव के पास चालक दीपक को झपकी आने से 120 की रफ्तार में जा रही बस का दाहिना पहिया अंडरपास के डिवाइडर पर चढ़ गया। इससे बस बायीं ओर पलटकर करीब 100 मीटर घिसटने के बाद पुलिया से टकरा गई। उस समय कुछ यात्री सो रहे थे तो कुछ कान में लीड लगाकर गाने सुन रहे थे। बस पलटने से सो रहे यात्री एक-दूसरे पर गिरने लगे।

सवारियों को एंबुलेंस से स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया

खिड़की के पास बैठे यात्री बस से बाहर पुलिया से करीब 40 फीट नीचे जा गिरे। इससे चीख-पुकार मच गई। एक्सप्रेसवे से जा रहे दूसरे वाहन सवार लोगों ने कंट्रोल रूम को सूचना दी। इस पर यूपीडा की रेस्क्यू टीम और पुलिस पहुंची। औरास एसओ संजीव कुशवाहा ने राहत और बचाव कार्य शुरू कराया। कुछ ही देर में एसडीएम प्रज्ञा पांडेय, सीओ सोनम सिंह, बांगरमऊ, आसीवन, बेहटामुजावर पुलिस मौके पर पहुंची और खून से लथपथ सवारियों को एंबुलेंस से स्वास्थ्य केंद्र ले गई।

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