सिर्फ 36 महीनों में बनकर हुआ तैयार,कार तो चलेगीं ही साथ ही उड़ सकेंगे जहाज...
गंगा एक्सप्रेसवे के खुलते ही खजाने में आएंगे ₹47000 करोड़ !
594 किमी लंबा गंगा एक्सप्रेसवे से मेरठ और प्रयागराज की दूरी घटकर सिर्फ 6 घंटे की रह जाएगी. 6 लेन वाले इस एक्सप्रेसवे से यूपी के खजाने में 47000 करोड़ रुपये आएंगे. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज उत्तर प्रदेश के सबसे लंबे एक्सप्रेसवे को देश को सौंपेंगे. 594 किमी लंबा गंगा एक्सप्रेसवे से मेरठ और प्रयागराज की दूरी घटकर सिर्फ 6 घंटे की रह जाएगी. 6 लेन वाले इस एक्सप्रेसवे के साथ ही उत्तर प्रदेश को लॉजिस्टिक का पावरहाउस बना देगा.
गंगा एक्सप्रेसवे यूपी के लिए क्यों इतना खास ?
पीएम मोदी आज गंगा एक्सप्रेसवे (Ganga Expressway) का उद्घाटन करने वाले है. 37000 करोड़ रुपये की लागत से बने इस एक्सप्रेस वे के खुलते ही उत्तर प्रदेश को 47000 करोड़ रुपये का तोहफा मिल जाएगा. ये सिर्फ एक सड़क परियोजना नहीं बल्कि उत्तर प्रदेश को औद्योगिक हब में बदल देगा. एक्सप्रेसवे के किनारे 12 औद्योगिक नोड्स विकसित किए जा रहे हैं, जिसके लिए 6507 एकड़ भूमि की पहचान की जा चुकी है. अब तक इसे लेकर 987 निवेश के प्रस्ताव मिल चुके हैं. यूपी सरकार को इस एक्सप्रेस से करीब 47000 करोड़ रुपये का निवेश मिलेगा.
गंगा एक्सप्रेस से भरेगा यूपी का खजाना
जिन 12 जिलों मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज से यह एक्सप्रेसवे गुजर रहा है, वहां कॉमर्शियल हब बनाए जा रहे हैं. एक्सप्रेसवे की वजह से मैन्युफैक्चरिंग, वेयरहाउसिंग और लॉजिस्टिक्स को बढ़ावा मिलेगा.औद्योगिक निवेश के साथ-साथ रोजगार के नए मौके, पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा. गंगा एक्सप्रेसवे से प्रयागराज, वाराणसी, विंध्याचल धाम, चित्रकूट और अयोध्या में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा.कुल मिलाकर कहें तो ये एक्सप्रेस एक पूरा आर्थिक बेस्ट बनेगा.
रियल एस्टेट की बढ़ी डिमांड
इस एक्सप्रेसवे के खुलने से रियल एस्टेट सेक्टर में बूम आएगा. मेरठ के रियल एस्टेट पहले ही 40 फीसदी का ग्रोथ हासिल कर चुके हैं. प्रयागराज में प्रॉपर्टीज के दाम 20 से 30 फीसदी तक चढ़ गए हैं. गंगा एक्सप्रेसवे के पास की जमीनों की कीमत 30 से 50 फीसदी तक पढ़ चुके हैं. यहां लैंड की डिमांड में 25 से 35 फीसदी का ग्रोथ देखने को मिल चुका है. वेस्टर्न यूपी को ईस्टर्न यूपी से जोड़ने वाले इस एक्सप्रेसवे के जरिए इकोनॉमिक कॉरिडोर को बढ़ावा मिलेगा.
कितने दिन में बना गंगा एक्सप्रेसवे
गंगा एक्सप्रेसवे की नींव 18 दिसंबर 2021 को रखी गई थी. करीब 3साल 3 महीने में यह सड़क बनकर तैयार हुआ है. 12 जिले 518 गांवों को जोड़ने वाले इस एक्सप्रेस वे का सीधा लाभ छोटे कारोबारियों, व्यापारियों और किसानों को मिलेगा. यूपी के 12 जिले इससे सीधे-सीधे फायदा उठा सकेंगे.
गंगा एक्सप्रेसवे पर गाड़ियों की स्पीड लिमिट क्या है ?
गंगा एक्सप्रेसवे पर गाड़ियों की अधिकतम स्पीड 120 किमी प्रति घंटा रखी गई है. स्पीड लिमिट के लिए अलर्ट स्ट्रिप्स लगे रहे हैं, जो वाहन चालकों को चेतावनी देगी, वहीं सीसीटीवी कैमरे से ओवर स्पीड पर निगरानी रखी जाएगी.
गंगा एक्सप्रेसवे क्यों खास ?
- - गंगा एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई 594 किमी की है.
- - मेरठ से प्रयागराज की दूरी 12-14 घंटे से घटकर 6 घंटे की हो जाएगी.
- - एक्सप्रेसवे पर अधिकतम स्पीड सीमा 120 किमी प्रति घंटे की है.
- - एक्सप्रेसवे पर 7 बड़े पुल, 15 छोटे पुल, 126 रेलवे ओवरब्रिज, 18 फ्लाईओवर और 282 अंडरपास है.
- - इमरजेंसी कॉल बॉक्स, 24×7 एम्बुलेंस की सुविधा से लैस
- - फॉग वार्निंग सिस्टम लगा है.
- - 3.5 किमी का हवाई पट्टी बना गई है, जहां से इमरजेंसी के हालात में फाइटर जेट्स को उड़ाया जा सकता है.
गंगा एक्सप्रेसवे पर कितना टोल टैक्स लगेगा?
- - दो पहिया, तीन पहिया और ट्रैक्टर के लिए 1.28 रुपये प्रति किमी
- - कार, जीप, वैन , हल्के वाहनों के लिए 2.55 रुपये प्रति किमी
- - छोटे कमर्शियल व्हीक्ल्स के लिए 4.05 रुपये प्रति किमी
- - मिनी बस, बस, ट्रक के लिए 8.20 रुपये प्रति किमी
- - बड़े वाहनों के लिए 16.10 रुपये प्रति किमी .


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