9 कर्मचारियों का वेतन आहरण अगले आदेश तक रोका गया है...
लापरवाही करने पर पार्क विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारियों का रोका वेतन !
ग्वालियर। नगर निगम के पार्क विभाग में गंभीर लापरवाही सामने आने के बाद निगमायुक्त संघ प्रिय ने कड़ा कदम उठाया है। पार्कों के रखरखाव, पौधारोपण और सौंदर्यीकरण कार्यों में अनियमितता पाए जाने पर विभाग के 9 कर्मचारियों का वेतन आहरण अगले आदेश तक रोक दिया गया है। यह कार्रवाई बुधवार को आयोजित समीक्षा बैठक के बाद की गई।
समीक्षा में पाया गया कि इस वर्ष पौधारोपण की कार्ययोजना अब तक तैयार नहीं की गई है। इसके साथ ही पर्याप्त संख्या में गड्ढों की खुदाई भी नहीं कराई गई, जिससे आगामी पौधारोपण कार्य प्रभावित हो रहा है। डिवाइडरों में लगाए गए पौधों की नियमित सिंचाई और पानी का छिडक़ाव न होने के कारण कई पौधे गर्मी में सूखकर खराब हो रहे हैं।
इसके अलावा डिवाइडरों से धूल-मिट्टी उडऩे की समस्या भी बढ़ रही है, जिससे शहर की स्वच्छता और सौंदर्य पर असर पड़ रहा है। इस संबंध में लगातार शिकायतें भी प्राप्त हो रही थीं, लेकिन पार्क विभाग द्वारा समस्या के समाधान के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया।
समीक्षा में यह भी सामने आया कि शहर में लगाए गए 46 फाउंटेन का नियमित संचालन भी नहीं किया जा रहा है, जिससे उनके रखरखाव पर सवाल खड़े हो गए हैं।
इन कर्मचारियों का रोका वेतन- लापरवाही के चलते जिन कर्मचारियों का वेतन रोका गया है, उनमें नोडल अधिकारी, पार्क अधीक्षक, उद्यान पर्यवेक्षक और प्रभारी अधिकारी सहित कुल 9 अधिकारी-कर्मचारी शामिल हैं।
नोडल अधिकारी पार्क विभाग मुकेश बसंल, शैलेन्द्र चौहान, प्रभारी पार्क अधीक्षक, राजकुमार सिंह कुशवाह, उद्यान पर्यवेक्षक,दिनेश कुशवाह, उद्यान पर्यवेक्षक,सुभाष शाक्य, उद्यान पर्यवेक्षक,रवि पाराशर, उद्यान पर्यवेक्षक,महेन्द्र सिंह कुशवाह, उद्यान पर्यवेक्षक, अंकित परिहार, उद्यान पर्यवेक्षक,राजकुमार नागर, प्रभारी उद्यान पर्यवेक्षक शामिल है। आयुक्त ने आदेश में स्पष्ट किया है कि जब तक स्थिति में सुधार नहीं होता और कार्यों की प्रगति संतोषजनक नहीं पाई जाती, तब तक वेतन आहरण नहीं किया जाएगा।


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