वैशाली के बिदुपुर में हुई इस घटना की पूरे इलाके में हो रही है चर्चा ...
स्टेज पर दूल्हे की बदतमीजी को सहने के बजाय,दुल्हन ने निडर होकर शादी से कर दिया इनकार !
वैशाली के बिदुपुर से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसकी चर्चा पूरे इलाके में है। एक दुल्हन ने स्टेज पर दूल्हे की बदतमीजी को सहने के बजाय निडर होकर शादी से इनकार कर दिया। जिस शादी में खुशियों की शहनाई बजनी थी, वहां कुर्सियां चलीं और अंत में रिश्ता हमेशा के लिए खत्म हो गया।
कमरे में घुसपैठ से शुरू हुआ बवाल
बारात जैसे ही मैरिज हॉल पहुँची, दूल्हे का भाई और उसके दोस्त उस कमरे में घुस गए जहाँ दुल्हन तैयार हो रही थी। मना करने पर वे गाली-गलौज करने लगे, जिससे दोनों पक्षों में जमकर मारपीट हुई। बुजुर्गों के बीच-बचाव के बाद मामला शांत हुआ और वरमाला की रस्म शुरू की गई। परिवार को लगा कि सब ठीक हो जाएगा, लेकिन असली 'विलेन' तो दूल्हा निकला।
असली 'विलेन' तो दूल्हा निकला
दूल्हे की वो धमकी जिसने बर्बाद कर दिया एक रिश्ता,वरमाला के ठीक बाद स्टेज पर ही दूल्हे ने दुल्हन के कान में कहा— "चलो घर तुमको ठीक करते हैं।" दूल्हे को लगा होगा कि वह डराकर रिश्ता निभा लेगा, लेकिन दुल्हन घबराने के बजाय भड़क गई। उसने तुरंत फैसला लिया: "इस लड़के से शादी नहीं करूंगी।"
बारात भाग गई, दूल्हा पहुँचा थाने
माहौल बिगड़ातता देख बाराती दूल्हे को अकेला छोड़कर भाग खड़े हुए। हालत बिगड़ते देखकर दूल्हा पक्ष ने पुलिस को सूचना दी। और लड़की पक्ष पर स्वय को बंधक बना लिए जाने का आरोप लगा दिया गया है। पुलिस मौके पर पहुँची और दूल्हे को थाने ले गई।जहां पुलिस के सामने अगले दिन दोनों पक्षों ने आपसी सहमति से इस रिश्ते को यहीं खत्म करने का फैसला किया।
बेटियों को संदेश,आज की बेटियां सहने के लिए नहीं, जवाब देने के लिए तैयार हैं...
दुल्हन की समझदारी और हिम्मत ने एक गलत इंसान के साथ जिंदगी बिताने से खुद को बचा लिया। क्या आपको लगता है कि दुल्हन ने बिल्कुल सही किया?
जो शख्स शादी की पहली रात ही 'ठीक करने' की धमकी दे रहा हो, वह भविष्य में कैसा पति साबित होता? दूल्हे के दोस्तों और भाई का दुल्हन के कमरे में घुसना किस मानसिकता को दर्शाता है? क्या बारात का मतलब 'हुड़दंग' मचाने की आजादी है?यह घटना उन सभी लड़कियों के लिए मिसाल है जो दबाव में आकर गलत रिश्तों में बंध जाती हैं। क्या हमें अपनी बेटियों को इतना ही मजबूत बनाना चाहिए? 'धमकी' देने वाले दूल्हों को समझ आए कि आज की बेटियां सहने के लिए नहीं, जवाब देने के लिए तैयार हैं।


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