‘नारी शक्ति वंदन’ अधिनियम पर भाजपा का विपक्ष पर तीखा प्रहार !
“यह सिर्फ विधेयक नहीं, महिलाओं के सम्मान का प्रश्न”: मुख्यमंत्री
भोपाल। राजधानी भोपाल में रविवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित पत्रकार-वार्ता में ‘नारी शक्ति वंदन’ अधिनियम को लेकर सियासत अपने चरम पर दिखाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खण्डेलवाल तथा पार्टी की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रेखा वर्मा ने संयुक्त रूप से कांग्रेस व अन्य विपक्षी दलों पर गंभीर आरोप लगाए और इसे महिलाओं के अधिकारों के खिलाफ सुनियोजित विरोध बताया।
“यह सिर्फ विधेयक नहीं, महिलाओं के सम्मान का प्रश्न”- मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि ‘नारी शक्ति वंदन’ अधिनियम केवल एक विधेयक नहीं, बल्कि देश की आधी आबादी को सशक्त बनाने का ऐतिहासिक प्रयास है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और विपक्षी दलों ने इस विधेयक का विरोध कर महिलाओं के अधिकारों का “चीरहरण” किया है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिलाओं को संसद और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण दिलाने के लिए स्पष्ट संकल्प लिया है, लेकिन विपक्ष ने राष्ट्रहित के इस कार्य को राजनीति के तराजू में तौलते हुए रोकने का प्रयास किया। मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि उन्होंने जानबूझकर भ्रम फैलाया और महिलाओं को उनके अधिकार से वंचित करने की रणनीति अपनाई।
मुख्यमंत्री ने महाभारत के द्रौपदी चीरहरण का उल्लेख करते हुए कहा कि लोकतंत्र के मंदिर में महिलाओं के अधिकारों के साथ जिस प्रकार “खिलवाड़” हुआ, वह अत्यंत पीड़ादायक और शर्मनाक है। उन्होंने इसे महिलाओं की आकांक्षाओं और सपनों पर सीधा आघात बताया।
प्रदेश में महिलाओं की भागीदारी का उदाहरण
मुख्यमंत्री ने भाजपा सरकार के कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि पार्टी केवल घोषणा नहीं करती, बल्कि उसे जमीन पर उतारती है। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश में: 17 जिलों में महिला कलेक्टर कार्यरत हैं, 10 से अधिक जिलों में महिला पुलिस अधीक्षक हैं। एक जिले में कलेक्टर से लेकर अन्य प्रशासनिक पदों तक पूरी व्यवस्था महिलाओं के हाथ में है। यह भाजपा की नारी सशक्तिकरण के प्रति प्रतिबद्धता का प्रमाण है।
विशेष सत्र और जन-जागरण अभियान
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि इस मुद्दे पर मध्यप्रदेश विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र बुलाया जाएगा, जिसमें ‘नारी शक्ति वंदन’ अधिनियम पर चर्चा होगी।
साथ ही, प्रदेश के सभी नगरीय निकायों-नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायतों_में इस अधिनियम के समर्थन में प्रस्ताव पारित कराए जाएंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा प्रदेशभर में जन-जन तक जाकर यह बताएगी कि महिलाओं के अधिकारों को किसने रोका।
20 अप्रैल से आक्रोश रैली और पदयात्रा
मुख्यमंत्री ने बताया कि 20 अप्रैल को भोपाल में बड़ी आक्रोश रैली और पदयात्रा निकाली जाएगी। इसके बाद यह अभियान पूरे प्रदेश में चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि भाजपा सामाजिक संगठनों के साथ मिलकर इस मुद्दे को जन-आंदोलन का रूप देगी और जनता की अदालत में विपक्ष को कटघरे में खड़ा करेगी।
“कांग्रेस की मानसिकता उजागर” खण्डेलवाल
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खण्डेलवाल ने कहा कि इस पूरे घटनाक्रम से कांग्रेस और राहुल गांधी की महिला विरोधी मानसिकता उजागर हो गई है। उन्होंने कहा कि ‘नारी शक्ति वंदन’ विधेयक केवल एक संसदीय प्रक्रिया नहीं था, बल्कि देश की आधी आबादी के अधिकारों से जुड़ा ऐतिहासिक अवसर था। इसके बावजूद विपक्ष ने संकीर्ण राजनीति और स्वार्थ के कारण इसे पारित नहीं होने दिया। खण्डेलवाल ने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस का इतिहास महिलाओं को अधिकार देने के प्रति नकारात्मक रहा है। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के समय भी ऐसे प्रयासों में कांग्रेस द्वारा बाधा डालने का उल्लेख किया।
“महिलाएं माफ नहीं करेंगी”- रेखा वर्मा
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रेखा वर्मा ने कहा कि देश की महिलाएं पिछले 70 वर्षों से अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रही हैं, लेकिन कांग्रेस ने कभी गंभीर प्रयास नहीं किए। उन्होंने आरोप लगाया कि 2023 में विपक्ष ने चुनावी दबाव के कारण विधेयक का समर्थन किया, लेकिन जब इसे लागू करने का समय आया तो विरोध कर दिया। उन्होंने कहा कि यह “राजनीतिक अवसरवाद” का स्पष्ट उदाहरण है। रेखा वर्मा ने कहा कि महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण मिलना उनका अधिकार है और इसे रोकने वालों को देश की आधी आबादी कभी माफ नहीं करेगी।
भ्रम फैलाकर रोका गया विधेयक
मुख्यमंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि विपक्ष ने दक्षिण भारत की सीटें कम होने जैसे भ्रामक तर्क देकर जनता को गुमराह किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने संसद में सभी बिंदुओं को स्पष्ट किया था, फिर भी विपक्ष ने विरोध जारी रखा। मुख्यमंत्री और अध्यक्ष की प्रेश वार्ताभाजपा ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि वह इस मुद्दे को केवल राजनीतिक बहस तक सीमित नहीं रखेगी, बल्कि इसे जन-आंदोलन का रूप देगी। विशेष सत्र, रैली, पदयात्रा और निकाय प्रस्तावों के जरिए यह मुद्दा आने वाले समय में प्रदेश और राष्ट्रीय राजनीति का बड़ा केंद्र बनने जा रहा है।


0 Comments