G News 24 : 'खरगोश' तो भाग गया और डॉक्‍टर पकड़ा गया, AK मैगजीन समेत मिले लश्‍कर-ए-तैयबा के पोस्‍टर !

पुलिस ने एक अहम ऑपरेशन में दो अलग-अलग आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया...

'खरगोश' तो भाग गया और डॉक्‍टर पकड़ा गया, AK मैगजीन समेत मिले लश्‍कर-ए-तैयबा के पोस्‍टर !

श्रीनगर पुलिस ने आतंकवाद विरोधी एक अहम ऑपरेशन में दो अलग-अलग आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया. इसके तहत एक डॉक्टर समेत पांच ओवर ग्राउंड वर्कर (OGW) को गिरफ्तार किया गया. श्रीनगर पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए पांच लोगों पर आतंकवाद विरोधी कानून के तहत मामला दर्ज किया गया है, क्योंकि उनके पास से हथियार और गोला-बारूद बरामद हुआ है. यह जानकारी एक पुलिस अधिकारी ने दी. पुलिस सूत्रों ने उनकी पहचान मोहम्मद शफी भट (फार्मासिस्ट) के रूप में की है, जिसे स्थानीय तौर पर 'डॉ. शफी' के नाम से जाना जाता है. वह शाहीन कॉलोनी, जकूरा का रहने वाला है. आरोप है कि उसने आतंकवादियों का इलाज किया और उन्हें पनाह भी दी. वह पेशे से फार्मासिस्ट है; हालांकि, इलाके के लोग उसे स्थानीय तौर पर 'डॉक्टर' कहकर बुलाते हैं.

बाकी चार लोगों की पहचान हादी कादिर मीर (निवासी शापरी बाग, चटरहामा), मोहम्मद जमाल मीर (निवासी मालेफाग, डूरी मोहल्ला, हज़रतबल), मेहराजुद्दीन डार उर्फ ​​'मेहरान' (निवासी चटरहामा, हजरतबल) और फैयाज अहमद डार (निवासी वनिहामा, गूसू, शालीमार) के रूप में हुई है. पुलिस अधिकारी के अनुसार, उनके पास से भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद किया गया है. इसमें 2 हैंड ग्रेनेड, AK की दो मैगज़ीन के नग, आतंकी संगठन LeT के आपत्तिजनक पोस्टर, 6 मोबाइल फोन और अन्य आपत्तिजनक सामग्री शामिल है. पुलिस ने उन पर गैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत मामला दर्ज किया है. पंथा-चौक पुलिस स्टेशन में FIR संख्या 43/2026, धारा 13, 18, 23, 39 (UAPA एक्ट) और 3(5) Bns, 7/25 के तहत मामला पंजीकृत किया गया है.

LeT आतंकी माड्यूल का भंडाफोड़

यह गिरफ्तारी श्रीनगर पुलिस द्वारा चार लोगों के एक ऐसे ही समूह को गिरफ्तार किए जाने के एक सप्ताह के भीतर हुई है, जिसमें आतंकवादियों की मदद करने वाले लोग (आतंकी सहयोगी) और एक महिला शामिल थी. उनकी गिरफ्तारी श्रीनगर पुलिस द्वारा लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के एक अंतर-राज्यीय आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किए जाने के बाद हुई थी. तब से हुई सभी गिरफ्तारियां इसी LeT अंतर-राज्यीय आतंकी मॉड्यूल से जुड़ी हुई हैं.

NIA ने जांच अपने हाथों में ली

अधिकारियों ने बताया कि आतंकी नेटवर्क के खिलाफ यह कार्रवाई अभी भी जारी है, और कुछ और गिरफ्तारियां होने की उम्मीद है. यह आतंकी समूहों की सहायता प्रणाली को पूरी तरह खत्म करने के लिए चलाए जा रहे सघन प्रयासों का ही एक हिस्सा है, क्योंकि 'ओवर ग्राउंड वर्कर्स' (OGWs) आतंकवादियों को सक्रिय रखने में एक अहम भूमिका निभाते हैं. सोमवार को, राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने लश्कर-ए-तैयबा के अंतर-राज्यीय आतंकी मॉड्यूल की जांच पहले ही अपने हाथ में ले ली थी. उसने दो पाकिस्तानी आतंकवादियों सहित पांच आरोपियों की हिरासत हासिल कर ली. जहां दो पाकिस्तानी आतंकवादियों अब्दुल्ला उर्फ ​​अबू हुरैरा और उस्मान उर्फ ​​खुबैब को दो दिन की रिमांड पर भेजा गया, वहीं तीन स्थानीय आरोपियों को 15 दिन की हिरासत में भेज दिया गया.

श्रीनगर पुलिस ने 3 राज्यों में की छापेमारी

इस मॉड्यूल का भंडाफोड़ श्रीनगर पुलिस ने किया था, जिसने पंजाब, हरियाणा और राजस्थान सहित तीन राज्यों में छापेमारी की थी. SSP श्रीनगर GV संदीप चक्रवर्ती की देखरेख में, श्रीनगर पुलिस की विशेष टीमों को अप्रैल में इन राज्यों में भेजा गया था और इस मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया गया. गहन जांच के लिए, NIA और अधिक कड़ियों का पता लगाने के लिए जांच को आगे बढ़ाएगी.  इससे पहले यह पता चला था कि गिरफ्तार किए गए 2 पाकिस्तानी आतंकवादी एक दशक से भी अधिक समय से भारत में सक्रिय थे और अपनी असली पहचान छिपाने के लिए जाली और फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल कर रहे थे.

एक आतंकी भागने में रहा कामयाब

हालांकि, उनका एक और साथी, उमर उर्फ ​​'खरगोश', फर्जी पहचान पर पासपोर्ट हासिल करने के बाद देश से भाग निकलने में कामयाब रहा. अधिकारियों के अनुसार, माना जाता है कि वह इंडोनेशिया और वहां से आगे सऊदी अरब चला गया है. इस मॉड्यूल की जड़ों तक पहुंचने के लिए अब तक कई संदिग्धों से पूछताछ की जा चुकी है, और माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां होंगी तथा और हथियार और गोला-बारूद बरामद किए जाएंगे.


Reactions

Post a Comment

0 Comments