सर्वोदय हॉस्पिटल में गायनेकोलॉजिकल कैंसर निवारण के लिए लगेगी विशेष ओपीडी...
गायनेकोलॉजिकल कैंसर महिलाओं में होने वाले सबसे आम कैंसरों में से एक: डॉ प्रिया बंसल
ग्वालियर। गायनेकोलॉजिकल कैंसर महिलाओं में होने वाले सबसे आम कैंसरों में से एक हैं और इसलिए यह एक महत्वपूर्ण पब्लिक हेल्थ इश्यू है। हाल के वर्षों में हुई प्रगति के साथ, मिनिमली इनवेसिव प्रक्रियाएं मरीजों को कई लाभ प्रदान करती हैं, जिनमें ऑपरेशन के बाद कम दर्द, अस्पताल में कम समय तक भर्ती रहना, तेजी से रिकवरी और कम कॉम्प्लीकेशन्स, शामिल हैं। यह बात बुधवार को पत्रकारों से चर्चा के दौरान मेदांता हॉस्पिटल नोएडा के गायनेकोलॉजी और गायनेको-ऑन्कोलॉजी की सीनियर कंसल्टेंट डॉ. प्रिया बंसल ने कही।
सर्वोदय हॉस्पिटल में गायनेकोलॉजिकल कैंसर निवारण के लिए हुई विशेष ओपीडी की शुरुआत
डॉ. प्रिया बंसल हर महीने के दूसरे गुरुवार को सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक सर्वोदय हॉस्पिटल में उपलब्ध रहेंगी। उन्होंने बताया कि ओवरी, यूटरस, सर्विक्स, वल्वा और वेजाइना से जुड़े कैंसर के मामलों में, हमारी अनुभवी गायनेकोलॉजिकल ऑन्कोलॉजिस्ट्स की टीम अत्याधुनिक तकनीकों का उपयोग करते हुए अधिक सटीकता के साथ सर्जरी करती है, जिससे बेहतर परिणाम प्राप्त होते हैं। इन ओपीडी सेवाओं की शुरुआत के माध्यम से, ग्वालियर और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को अब प्राइमरी कंसल्टेशन के लिए मेट्रो शहरों की यात्रा करने की परेशानी के बिना ही बेस्ट-इन-क्लास एक्सपर्ट ओपिनियन मिल सकेगा।
अर्ली डायग्नोसिस और समय पर हस्तक्षेप के लाभों पर प्रकाश डालते हुए, डॉ. प्रिया बंसल ने आगे कहा, मरीजों के उपचार में देरी होने से उनकी जीवन गुणवत्ता और सर्वाइवल रेट पर प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष दोनों तरह के नकारात्मक प्रभाव पड़ सकते हैं। कैंसर की शुरुआती पहचान और समय पर निदान से मरीजों को सफल उपचार का सबसे बेहतर अवसर मिलता है। लैप्रोस्कोपिक सर्जरी, जिसमें छोटे-छोटे चीरे लगाए जाते हैं, ट्यूमर को सटीक रूप से हटाने में मदद करती है और स्वस्थ टिशूस को सुरक्षित रखती है।










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