कोलकाता में नमाजियों के बीच। ...
ईद पर बोली ममता'बंगाल को टारगेट करने वाले जायेंगे जहन्नुम !
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ईद समागम के दौरान बीजेपी पर तीखा हमला बोला. उन्होंने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि उनकी सरकार किसी भी कीमत पर जनता के मतदान के अधिकार की रक्षा करेगी और इसे छीनने की किसी भी कोशिश को सफल नहीं होने देगी. पश्चिम बंगाल में सियासी माहौल इन दिनों काफी गरमाया हुआ है. अलग-अलग राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप और तीखे बयान लगातार सामने आ रहे हैं.
इसी बीच शनिवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी कोलकाता के रेड रोड पहुंचीं, जहां उन्होंने नमाजियों को संबोधित किया. अपने संबोधन में ममता बनर्जी ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए शायरी के अंदाज में अपनी बात रखी. ममता ने कहा, 'सरफरोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है, देखना है जोर कितना बाजू-ए-कातिल में है...' और साथ ही 'खुदी को कर बुलंद इतना…' जैसी पंक्तियों के जरिए संदेश दिया कि संघर्ष से पीछे हटने का सवाल नहीं है.
मुख्यमंत्री ने इस दौरान स्पष्ट किया कि उनका मुख्य टारगेट बीजेपी को सत्ता से हटाना और देश की सुरक्षा सुनिश्चित करना है. उनके इस बयान के बाद राज्य की सियासत और भी तेज होने के संकेत मिल रहे हैं. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ईद समागम के दौरान बीजेपी पर तीखा हमला बोला. उन्होंने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि उनकी सरकार किसी भी कीमत पर जनता के मतदान के अधिकार की रक्षा करेगी और इसे छीनने की किसी भी कोशिश को सफल नहीं होने देगी.
कोलकाता की सड़कों पर उमड़ी भीड़
ममता बनर्जी ने दृढ़ता के साथ कहा कि वे इस लड़ाई को अंत तक लड़ेंगी. साथ ही उन्होंने पश्चिम बंगाल को निशाना बनाने वालों पर भी कड़ी प्रतिक्रिया दी और ऐसे लोगों के लिए सख्त शब्दों का इस्तेमाल किया. उनके इस बयान को राज्य की राजनीति में बढ़ते तनाव और आगामी चुनावी माहौल के संदर्भ में देखा जा रहा है, जहां सत्तारूढ़ दल और विपक्ष के बीच बयानबाजी लगातार तेज होती जा रही है. ईद-उल-फितर के मौके पर कोलकाता के रेड रोड पर बड़ी संख्या में लोगों ने नमाज अदा की. इस अवसर पर टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी भी मौजूद रहे. उन्होंने लोगों को संबोधित करते हुए बंगाल की सांझी संस्कृति और भाईचारे पर जोर दिया.
ईद और करवाचौथ में समान भाव
अभिषेक बनर्जी ने कहा कि बंगाल की पहचान ही आपसी सौहार्द और एक-दूसरे के त्योहारों में शामिल होने की परंपरा है. उन्होंने कहा, 'मैं आपके त्योहारों में शामिल होऊंगा और आप मेरे त्योहारों में शामिल होंगे यही बंगाल की संस्कृति है.' उन्होंने आगे कहा कि रमजान और दिवाली जैसे पर्व इस साझा विरासत के प्रतीक हैं, जहां सभी धर्मों के लोग एक-दूसरे की खुशियों में शामिल होते हैं. सूबे में एकता का संदेश देते हुए अभिषेक बनर्जी ने कहा, 'ईद और करवा चौथ जैसे अलग-अलग पर्वों में भी एक समान भाव दिखाई देता है. जिस चांद को हम ईद के लिए देखते हैं, उसी को हम करवा चौथ के लिए भी देखते हैं.'
राहत इंदौरी के शेर से साधा निशाना
अपने संबोधन में अभिषेक बनर्जी ने उन ताकतों पर भी निशाना साधा, जो समाज में विभाजन पैदा करने की कोशिश करती हैं. उन्होंने कहा कि जो लोग लोगों को बांटने, उन्हें डराने या एक-दूसरे के खिलाफ खड़ा करने की सोच रखते हैं, उन्हें यह समझ लेना चाहिए कि समाज का ताना-बाना इतना कमजोर नहीं है. उन्होंने विश्वास जताया कि लोग एकजुट रहेंगे और किसी भी साजिश के आगे झुकेंगे नहीं. अभिषेक ने अपनी बात रखते हुए मशहूर शायर राहत इंदौरी का जिक्र किया और माहौल को एक अलग ही भावनात्मक रंग दे दिया. उन्होंने उनका प्रसिद्ध शेर सुनाते हुए कहा, 'किराएदार हैं, जमीन थोड़ी है, सबका खून है यहां की मिट्टी में शामिल है, किसी के बाप का हिंदुस्तान थोड़े है.'










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