G News 24 : यहां भारत क्यों अपने युद्धपोत भेज रहा है ! माइंस बिछाने पर ट्रंप का ईरान को अल्टीमेटम !

 होर्मूज बन जायेगा डेथ वैली !!! 

यहां भारत क्यों अपने युद्धपोत भेज रहा है ! माइंस बिछाने पर ट्रंप का ईरान को अल्टीमेटम !

ईरान और अमेरिका-इजरायल की लड़ाई में भारत समेत कई देश प्रभावित हो रहे हैं. तेल और गैस की सप्लाई होर्मूज के रास्ते रुक गई है. पाकिस्तान ने नेवी उतार दी है. भारत भी अपने जहाजों को एस्कार्ट करने के लिए नेवी भेजने की तैयारी में है. उधर ट्रंप ने आशंका जताई है कि होर्मूज में ईरान की तरफ से माइंस बिछाई जा सकती हैं. 

पश्चिम एशिया में चल रही जंग के बीच भारत अपने जहाजों को सुरक्षा देने के लिए नेवी उतारने की तैयारी कर रहा है. ईरान और अमेरिका-इजरायल की लड़ाई शुरू हुए दो हफ्ते हो रहे हैं. कई देश इसकी चपेट में हैं. हवाई यातायात ही नहीं, शिपिंग रूट के लिहाज से महत्वपूर्ण होर्मूज स्ट्रेट भी बंद पड़ा है. ऐसे में भारत होर्मुज स्ट्रेट से अपने जहाजों को एस्कॉर्ट करने के लिए नेवी के युद्धपोत भेजने पर विचार कर रहा है. न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि भारतीय जहाज मालिकों ने इस महत्वपूर्ण रूट से गुजरने वाले अपने कमर्शियल जहाजों के लिए सरकार से सुरक्षा मांगी है. 

उधर, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मूज स्ट्रेट में माइंस बिछाने को लेकर ईरान को खुली चेतावनी दी है. ट्रंप ने कहा है कि अगर ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट में कोई माइंस लगाई है तो उसे तुरंत हटा दिया जाए. किसी भी वजह से माइंस लगाई गई हो और तुरंत नहीं हटाया गया तो ईरान को पहले से भी खतरनाक नतीजे भुगतने होंगे. 

जहाजों के लिए रिस्क जोन बना होर्मूज

भारत की मैरीटाइम अथॉरिटी के सीनियर अधिकारी कैप्टन पी.सी. मीणा के हवाले से NYT ने खबर दी है कि अपने जहाज मालिकों की रिक्वेस्ट पर शिप को एस्कॉर्ट करने के लिए भारत अपने युद्धपोत भेजने पर विचार कर रहा है. ईरान पर बमबारी के बाद जिस तरह से तेहरान पलटवार कर रहा है, उसके चलते होर्मूज स्ट्रेट का शिपिंग रूट एक हाई-रिस्क जोन बन चुका है. पिछले 24 घंटे में किस तरह होर्मूज का इलाका ब्लॉक पड़ा रहा, आप नीचे वीडियो में देखिए. कई देशों के सैकड़ों शिप ईरान के हमले के डर से दोनों तरफ रुके हुए हैं. 

दो हफ्ते से समुद्री ट्रैफिक बाधित होने से एनर्जी सप्लाई को लेकर कई देशों की चिंताएं बढ़ गई हैं. भारत को भी फौरन कुछ उपाय करने पड़े हैं. ऐसा ही चलत रहा तो तेल और गैस की सप्लाई पर असर पड़ सकता है. एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत का करीब 35-40 प्रतिशत तेल का इंपोर्ट होर्मुज स्ट्रेट से होकर गुजरता है. भारत UAE, कतर, सऊदी अरब और कुवैत जैसे खाड़ी देशों से लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस के इंपोर्ट पर भी बहुत ज्यादा निर्भर है. 

38 भारतीय शिप फंसे!

खास बात यह है कि देश का लगभग 80 प्रतिशत LPG इंपोर्ट इस स्ट्रेटेजिक वॉटरवे से होकर गुजरता है. खबर है कि मिसाइल हमले का खतरा बढ़ने की वजह से कई भारतीय जहाज अभी होर्मुज स्ट्रेट को पार नहीं कर पा रहे हैं. एक हफ्ते पहले पता चला था कि करीब 38 भारतीय झंडे वाले कमर्शियल जहाज फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी में फंसे हुए हैं. इनमें 1100 से ज्यादा नाविक हैं. केंद्रीय शिपिंग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने शिपिंग महानिदेशालय को भारतीय नाविकों और समुद्री संपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं. 

पाकिस्तान ने जहाजों के पीछे भेजी नेवी

पाकिस्तान ने क्षेत्र में मौजूद अपने कमर्शियल जहाजों के लिए नेवल एस्कॉर्ट्स तैनात कर दिए हैं. पाकिस्तानी नेवी की ओर से बताया गया है कि उसके वॉरशिप पश्चिम एशिया में मर्चेंट जहाजों के साथ जाएंगे जिससे देश की एनर्जी सप्लाई बाधित न हो. नेवी की ओर से जारी तस्वीरों में एक वॉरशिप पाकिस्तान की नेशनल शिपिंग कंपनी के कच्चे तेल के टैंकर को एस्कॉर्ट करते हुए दिख रहा है.पाकिस्तान ज्यादातर नैचुरल गैस कतर से और कच्चा तेल सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात से इंपोर्ट करता है.

पश्चिम एशिया से ताजा अपडेट

  • कतर में भारतीय दूतावास ने बताया है कि करीब 1000 भारतीय नई दिल्ली, मुंबई और कोच्चि लौट गए हैं. भारतीय नागरिकों के लिए सलवा बॉर्डर से सऊदी अरब के लिए 96 घंटे की वैलिडिटी वाले अस्थायी ट्रांजिट वीजा जारी किए गए हैं. एंबेसी का 24x7 कंट्रोल रूम चालू है.
  • ट्रंप ने एक पोस्ट में बताया है कि होर्मूज के आसपास 10 माइंस बिछाने वाली बोट/जहाजों को नष्ट कर दिया गया है.  


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