G News 24 : MP में एल्डरमैन की थोकबंद नियुक्तियां, 123 नगर परिषदों में 4-4 सदस्य मनोनीत !

 चंबल और बुंदेलखंड में लिस्ट होल्ड पर ...

MP में एल्डरमैन की थोकबंद नियुक्तियां, 123 नगर परिषदों में 4-4 सदस्य मनोनीत !

भोपाल। मध्य प्रदेश में शहरी स्थानीय निकायों को मजबूत करने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने एल्डरमैन की बड़े पैमाने पर नियुक्ति की है. राज्य की 123 नगर परिषदों में से प्रत्येक में चार-चार एल्डरमैन नियुक्त किए गए हैं, जिससे कुल 492 सदस्यों की नियुक्ति हुई है. इसके अलावा 169 अन्य शहरी स्थानीय निकायों में भी एल्डरमैन तैनात किए गए हैं. शहरी विकास एवं आवास विभाग ने इस संबंध में एक आधिकारिक आदेश जारी किया है.

प्रशासन के प्रतिनिधियों के तौर पर एल्डरमैन नगर परिषदों के कामकाज की देखरेख करेंगे और विकास कार्यों को गति देने में अहम भूमिका निभाएंगे. इस नियुक्ति के माध्यम से पार्टी ने शहरी स्थानीय निकायों के भीतर अपने कार्यकर्ताओं को भी जिम्मेदारियां सौंपी हैं, जिससे संगठन और प्रशासन के बीच तालमेल और मजबूत हुआ है.

इन परिषदों की लिस्ट हुई जारी

जारी की गई परिषदों की सूची में सागर, रीवा, मऊगंज, शहडोल, उमरिया, कटनी, डिंडोरी, नरसिंहपुर, बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा, पांढुर्ना, नर्मदापुरम, हरदा, बैतूल, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, धार, देवास, रतलाम, मंदसौर और नीमच शामिल हैं.

CM मोहन ने दी बधाई

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर सभी नियुक्त एल्डरमैन को बधाई देते हुए लिखा कि, मध्यप्रदेश के 169 नगरीय निकायों में नव-नियुक्त एल्डरमैन साथियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं. आप सभी को शहरों के समग्र विकास, सुशासन और जन-भागीदारी को बढ़ाने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है. मुझे विश्वास है कि ‘विकसित मध्यप्रदेश-विकसित भारत’ के संकल्प के साथ आप सभी अपनी ऊर्जा, अनुभव और समर्पण से अपने-अपने नगरों में प्रगति के नये आयाम जोड़ेंगे. नागरिकों की अपेक्षाओं पर शत प्रतिशत खरा उतरेंगे. 

चंबल और बुंदेलखंड में लिस्ट होल्ड

नव-नियुक्त पार्षदों का कार्यकाल वर्तमान परिषद के कार्यकाल के साथ ही समाप्त हो जाएगा और अगले आदेश तक प्रभावी रहेगा. प्रत्येक नगर परिषद में अधिकतम चार एल्डरमैन नियुक्त किए गए हैं. चंबल और बुंदेलखंड क्षेत्रों के लिए सूचियों को फिलहाल रोककर (होल्ड) रखा गया है. कई नगरीय निकायों में नामों को लेकर आम सहमति न बन पाने के कारण सूचियों को फिलहाल के लिए रोक दिया गया है.

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