G News 24 : होली पर महाकाल मंदिर में रंग-गुलाल पर रहेगा प्रतिबंध !

 चेकिंग के बाद मिलेगा प्रवेश,आदेश का उल्लंघन करने पर कार्रवाई...

होली पर महाकाल मंदिर में रंग-गुलाल पर रहेगा प्रतिबंध !

उज्जैन। श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रशासन ने होली के मद्देनजर मंदिर परिसर और महाकाल लोक में रंग-गुलाल लाने और लगाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। परंपरा के अनुसार केवल आरतियों के दौरान महाकाल को प्रतीकात्मक रूप से हर्बल गुलाल अर्पित किया जाएगा।

होली पर्व के अवसर पर मंदिर की परंपराओं के सुचारु निर्वहन हेतु मंदिर प्रशासन ने विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि गर्भगृह, नंदी मंडपम्, गणेश मंडपम्, कार्तिकेय मंडपम् सहित संपूर्ण मंदिर परिसर और महाकाल लोक क्षेत्र में किसी भी प्रकार का रंग-गुलाल ले जाना, उड़ाना या आपस में लगाना पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा।

मंदिर परिसर एवं महाकाल लोक में कार्यरत पुजारी, पुरोहित, प्रतिनिधि, अधिकारी, पुलिसकर्मी, सुरक्षाकर्मी, सफाई कर्मचारी, सेवक तथा अन्य आउटसोर्स कर्मचारी भी रंग-गुलाल लेकर प्रवेश नहीं करेंगे और आपस में रंग नहीं लगाएंगे। श्रद्धालुओं के लिए भी रंग-गुलाल लाना और लगाना पूर्णतः वर्जित रहेगा। सभी प्रवेश द्वारों पर जांच के बाद ही प्रवेश दिया जाएगा।

निरीक्षक एवं सुरक्षाकर्मी श्रद्धालुओं के साथ विनम्र व्यवहार रखते हुए सघन जांच सुनिश्चित करेंगे, ताकि कोई भी व्यक्ति रंग-गुलाल या विशेष उपकरण लेकर परिसर में प्रवेश न कर सके। मंदिर कंट्रोल रूम से सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से संपूर्ण परिसर की निगरानी की जाएगी।

भगवान श्री महाकालेश्वर की त्रिकाल आरतियों के दौरान प्रत्येक आरती में 1-1 किलोग्राम हर्बल गुलाल प्रतीकात्मक रूप से अर्पित किया जाएगा। यह हर्बल गुलाल मंदिर की कोठार शाखा द्वारा संबंधित पुजारियों को उपलब्ध कराया जाएगा।

मंदिर प्रशासन ने निर्देश दिए हैं कि होलिका पर्व मंदिर की गरिमा के अनुरूप हर्षोल्लास एवं सौहार्द्रपूर्ण वातावरण में मनाया जाए। आदेशों का उल्लंघन करने पर संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

मंदिर में 2 मार्च को संध्या आरती के पश्चात प्राचीन परंपरा के अनुसार होलिका दहन किया जाएगा। ओंकारेश्वर मंदिर के सामने विधिवत पूजन-अर्चन के बाद होलिका दहन संपन्न होगा। 3 मार्च को धुलंडी पर्व मनाया जाएगा। भस्म आरती में सर्वप्रथम भगवान श्री महाकालेश्वर को हर्बल गुलाल अर्पित किया जाएगा तथा संध्या आरती में शक्कर की माला अर्पित की जाएगी।

4 मार्च से आरती के समय में होगा परिवर्तन

परंपरानुसार ज्योतिर्लिंग महाकालेश्वर भगवान की आरतियों के समय में चैत्र कृष्ण प्रतिपदा से अश्विन पूर्णिमा तक परिवर्तन होगा।

  • भस्म आरती: प्रातः 4 से 6 बजे
  • दद्योदक आरती: प्रातः 7 से 7:45 बजे
  • भोग आरती: प्रातः 10 से 10:45 बजे
  • संध्या पूजन: सायं 5 से 05:45 बजे
  • संध्या आरती: सायं 7 से 7:45 बजे
  • शयन आरती: रात्रि 10:30 से 11:00 बजे

भस्म आरती, संध्या पूजन एवं शयन आरती निर्धारित समयानुसार संपन्न होंगी।

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