शक्ल अच्छी नहीं तो क्या हुआ, सरकारी नौकरी तो है न,डायलॉग रील वायरल होने पर मचा बवाल...
खाकी में रील बनाकर फंसे 6 प्रशिक्षणरत पुलिस जवान !
रीवा.प्रशिक्षणरत आरक्षकों ने सोशल मीडिया पर एक रील बनाकर वायरल कर दिया. इस रील को लेकर अधिकारियों ने सभी नव आरक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. वायरल रील में सभी ने वर्दी पहनी हुई थी और कुछ बातें भी कहीं थी. इन संवादों को पुलिस विभाग की गरिमा के विपरीत माना गया है.रीवा ट्रेनिंग सेंटर में प्रशिक्षण ले रहे 6 पुलिस जवानों ने बनाई रील, PTS एसपी ने जारी किया कारण बताओ नोटिस.
रीवा पुलिस प्रशिक्षण शाला में अनुशासन की धज्जियां उड़ाने का मामला सामने आया है. यहां प्रशिक्षण ले रहे छह नव आरक्षकों ने वर्दी पहनकर सोशल मीडिया पर एक रील साझा की, जिसके संवादों को पुलिस विभाग की गरिमा के खिलाफ माना गया है. विभाग की छवि धूमिल करने को लेकर और इसे पुलिस विभाग की गरिमा के विपरीत मानते हुए अधिकारियों ने सभी नव आरक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है. यह सभी नव आरक्षक वर्तमान में रीवा में प्रशिक्षण ले रहे हैं.
वर्दी पहनकर आरक्षकों ने बनाई रील
जानकारी के अनुसार, 25 फरवरी 2026 को दोपहर में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बने एक ग्रुप में वर्दी पहने हुए नव आरक्षकों की एक रील पोस्ट की गई. उसी दिन रात करीब 8 बजे तक इस रील को 5 हजार से ज्यादा बार देखा जा चुका था. इसे लेकर पुलिस विभाग को लेकर कई नकारात्म टिप्पणियां भी सामने आईं. इसके बाद रील बनाने को लेकर चर्चा होना शुरू हो गई.
रील में क्या-क्या कहा गया...
- शकल अच्छी नहीं है तो क्या हुआ, सरकारी नौकरी तो है…
- हमारे पास पैसा नहीं है तो क्या हुआ, मंथली तो आता है ना…
- हमारे पास कपड़ा नहीं है तो क्या हुआ, वर्दी तो है ना
विभाग ने मांगा स्पष्टीकरण
बता दें कि पुलिस मुख्यालय भोपाल द्वारा समय-समय पर निर्देश जारी किए जा चुके हैं कि शासकीय कार्य और प्रशिक्षण अवधि के दौरान वर्दी में किसी भी प्रकार का वीडियो या रील सोशल मीडिया पर न डाली जाए. प्रशिक्षण के दौरान आंतरिक और बाहरी प्रशिक्षकों ने इस तरह के कृत्य करने के लिए निर्देश दिए थे. इस रील को लेकर अधिकारियों का मानना है कि रील में इस्तेमाल किए गए शब्द पुलिस की छवि के विपरीत हैं. इसे लेकर सभी नव आरक्षकों से स्पष्टीकरण मांगा गया है. साथ ही संतोषजनक जवाब नहीं मिलने की स्थिति में अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है.
ये हैं रील बनाने वाले नव आरक्षक...
- राज कुमार सैन्धव – जिला उज्जैन
- गोनू सतबाढ़िया – जिला उज्जैन
- सुरजीत गर्ग – जिला विदिशा
- अनिल कड़ोदिया- जिला देवास
- आनंद कुलवरे- जिला इंदौर
- प्रदीप यादव- जिला उज्जैन
पुलिस विभाग की क्षवि को धूमिल कर रहे रील में बोले गए शब्द !
PTS एसपी के द्वारा जारी किए गए पत्र में यह भी जिक्र किया गया कि रील में बोले गए शब्द व सभी सदस्यों का अभिनव पुलिस विभाग जैसे अनुशासित विभाग के लिए प्रतिकूल है. साथ ही यह विभाग की क्षवि को भी धूमिल कर रहा है. आज ही स्पष्ट करें की क्यों न आपके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए. 25 फरवरी को पुलिस अधीक्षक कार्यालय पुलिस प्रशिक्षण शाला से सभी 6 नव आरक्षकों के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया गया. उसी दिनांक को जवाब भी मांगा गया था.










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