अभियान बतौर किया जा रहा है दुकानों का निरीक्षण...
अपनी व दूसरों की सुरक्षा के लिये चायनीज मांझे का उपयोग न करें : कलेक्टर
ग्वालियर। चायनीज मांझा अर्थात नायलोन, चीनी और कपास के साथ लेपित मांझा बेचने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जायेगी। कलेक्टर रुचिका चौहान ने जिले के सभी एसडीएम को अपने-अपने क्षेत्र की दुकानों का निरीक्षण कर प्रतिबंधित मांझे के निर्माण, भण्डारण, विक्रय व उपयोग को सख्ती से रोकने के निर्देश दिए हैं। इस परिपालन में भितरवार, डबरा से लेकर ग्वालियर शहर में राजस्व अधिकारियों द्वारा पतंग व मांझा बेचने वाली दुकानों का लगातार निरीक्षण किया जा रहा है।
कलेक्टर रुचिका चौहान ने जिलेवासियों से भी अपील की है कि वे पशु-पक्षियों व मानव जीवन को नुकसान पहुँचाने वाले चायनीज मांझा से अपने बच्चों को पतंग न चलानें दें। यह मांझा खुद के साथ-साथ अन्य लोगों के जीवन के लिये भी खतरा बन सकता है। इसलिये मकर संक्रांति व अन्य अवसरों पर आयोजित होने वाले पतंग महोत्सव में इस बात का खास ध्यान रखें कि जिस मांझे से वे पतंग उड़ाने जा रहे हैं वह कहीं चायनीज मांझा तो नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि चायनीज मांझा बेचने की जुर्रत करने वालों के खिलाफ जिला प्रशासन द्वारा कठोर कार्रवाई की जायेगी।
कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी रुचिका चौहान द्वारा गत 19 दिसम्बर 2025 को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा-163 के तहत आदेश जारी कर जिले की सीमा के अंतर्गत चायनीज मांझा (नायलॉन, चीनी और कपास के साथ लेपित मांझा) के निर्माण, भण्डारण, विक्रय एवं उपयोग पर प्रतिबंध लगाया जा चुका है। उन्होंने सभी थाना प्रभारियों एवं जिले के सभी एसडीएम को इस आदेश का सख्ती से पालन कराने के निर्देश दिए हैं। इस आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा-223 के तहत दण्डात्मक कार्रवाई की जायेगी।










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