पाकिस्तान में हाल ही में संविधान संशोधन करके मुनीर को दिया अभयदान ...
आसिम मुनीर को मुकदमे से छूट देने पर,भारत ने पाकिस्तान को UN में लगाई लताड़ !
भारत ने पाकिस्तान के उस कानून की कड़ी आलोचना की है, जिसमें आसिम मुनीर को प्रेसिडेंट जैसी कानूनी सुरक्षा दी गई है. अब मुनीर और अन्य सेना प्रमुखों पर कोई केस नहीं चलाया जा सकेगा. पाकिस्तान में हाल ही में संविधान संशोधन कर आसिम मुनीर को और ताकतवर बनाया गया. उनके कार्यकाल को भी बढ़ाया गया. अब भारत ने वैश्विक मंच से पाकिस्तान की आलोचना की है. संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि राजदूत पी हरीश ने इस्लामाबाद को संवैधानिक विकास में अपने सशस्त्र बलों की भूमिका पर आत्मनिरीक्षण करने की सलाह दी.
यूएन में भारत ने पाकिस्तान को लताड़ा...
संयुक्त राष्ट्र में भारत के प्रतिनिधि ने कहा कि शहबाज शरीफ के नेतृत्व वाली सरकार ने हाल ही में पारित 27वें संशोधन के जरिए से अपने सैनिकों को संवैधानिक तख्तापलट करने में सक्षम बनाया. उन्होंने कहा, 'पाकिस्तान को सबसे पहले खुद से सवाल पूछना चाहिए कि उन्होंने अपनी सेना को संवैधानिक तख्तापलट करने और अपने आर्मी चीफ को आसिम मुनीर को आजीवन रक्षा देने की अनुमति कैसे दी.' संयुक्त राष्ट्र में भारत ने ये भी चेतावनी दी कि पाकिस्तान में सेना का हावी होना वहां के लोगों के साथ-साथ क्षेत्र की शांति के लिए खतरा है.
असीम मुनीर को कैसे बनाया गया CDF...
भारत ने पाकिस्तान के उस कानून की भी कड़ी आलोचना की है, जिसमें आसिम मुनीर को प्रेसिडेंट जैसी कानूनी सुरक्षा दी गई है. अब असिम मुनीर और अन्य सेना प्रमुखों पर ताउम्र कोई केस नहीं चलाया जा सकेगा. पाकिस्तान में सैन्य कमान को केंद्रीकृत करने के उद्देश्य से नवंबर 2025 में संविधान के 27वें संशोधन के तहत रक्षा बलों के प्रमुख की भूमिका तय की गई थी. इस क्रम में ज्वाइंट चीफ ऑफ स्टाफ कमेटी (सीजेसीएससी) के अध्यक्ष पद को खत्म कर चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज (सीडीएफ) पोस्ट क्रिएट की गई.
पूर्व आईएसआई प्रमुख और सेना प्रमुख असीम मुनीर को सीडीएफ नियुक्त किया गया था. अब वह तीनों सेनाओं (थल, वायु, नौ-सेना) के कमांडर बन गए हैं. इसके साथ ही मुनीर को चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ (सीओएएस) की जिम्मेदारी भी मिली है. सीडीएफ पाकिस्तान में शक्तिशाली सैन्य पद है. यह नियुक्ति पांच सालों के लिए की गई है.
पाकिस्तान का शक्तिशाली सैन्य अधिकारी बना मुनीर
सीडीएफ के पद पर बैठे मुनीर को अब तीनों सेनाओं की जिम्मेदारी मिल गई है. इसके अलावा परमाणु हथियारों का कमांड भी मुनीर के ही पास होगा. दरअसल, नेशनल कमांड अथॉरिटी पहले परमाणु हथियारों और मिसाइल सिस्टम की निगरानी और कंट्रोल करती थी. इसकी अध्यक्षता पाकिस्तान के प्रधानमंत्री करते थे. इसी वजह से मुनीर को देश का सबसे शक्तिशाली सैन्य अधिकारी माना जाता है.










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