G News 24 : स्वर्ण रेखा पुनरोद्धार के नाम पर मामू बनाते रहे और तस्वीरें दिखा कर बजट डकार गए !

 स्वर्णरेखा मामला में हाई कोर्ट ने अधिकारीयों को लगाई फटकार !

स्वर्ण रेखा पुनरोद्धार के नाम पर मामू बनाते रहे और तस्वीरें दिखा कर बजट  डकार गए !

ग्वालियर। स्वर्ण रेखा नदी के पुनरोद्धार के के नाम पर शहर की जनता को मामू बनाते रहे और तस्वीरें दिखा कर बजट  डकारते रहे हैं अधिकारी और नेता सभी मिलकर। स्वर्ण रेखा नदी के पुनरोद्धार केमामले में लगी जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट की युगलपीठ ने भी भी भारी नाराजगी जताई है। 

युगलपीठ के जस्टिस रोहित आर्या ने सुनवाई के दौरान शासकीय अधिवक्ता दीपक खोत से पिछली सुनवाई पर तय सवालों के जवाब और मामले की वर्तमान स्थिति पूछी, जो जवाब मिले उनसे जस्टिस आर्या काफी नाखुश नजर आए। जस्टिस आर्या ने शासकीय अधिवक्ता से पूछा कि लाइनें बिछाने के बाद निकासी कहां हो रही है पानी की। इस पर शासकीय अधिवक्ता ने जवाब दिया कि डिस्चार्ज अभी भी पुरानी लाइन में ही हो रहा है।

इस पर जस्टिस आर्या बोले कि इस सीवरेज लाइन का मतलब ही क्या है जब पानी का निकास ट्रंक लाइन में होना ही नहीं है। पहले भी 2017 में 50 करोड़ रुपये मंजूर हुए हैं। ट्रंक लाइन के लिए और अब सात साल बाद फिर से 569 करोड़ रुपये मंजूर करवाए जा रहे हैं। 

उसी ट्रंक लाइन के लिए। जो 50 करोड़ की रकम मंजूर हुई उसका क्या किया, कहां गया वो पैसा। आप लोग क्या कर रहे हैं, हमें तस्वीरें ऐसी दिखाते हैं जैसे ग्वालियर शहर, न्यूयार्क बन चुका है, लेकिन वास्तविक हकीकत क्या है वो तो सड़कों पर सबको दिख रही है। जब धन मिला तो उससे लाइन बिछाई नहीं, जब हाई कोर्ट ने संज्ञान ले लिया तो फिर एक नई प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनाने लगे, तुम सब मिलकर क्यों जनता का पैसा ऐसे बर्बाद का रहे हो।

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