एक दिन बाद शुरू होना है मेला, 25% दुकानें नहीं लगीं...
ग्वालियर मेले पर कोरोना की काली छाया भारी !
ग्वालियर l 117 साल पुराने ग्वालियर व्यापार मेला की धमक पूरे देश में है। दूर-दूर से लोग यहां खरीदारी करने और घूमने आते हैं। ग्वालियर की इस शान पर पर अब कोरोना की काली छाया भारी पड़ने लगी है ! मेला शुरू होने काे ही था कि फिर से कोरोना संकट आ खड़ा हुआ है। चीन में बिगड़ते हालात के बाद सरकार ने भी गाइड लाइन जारी कर दी है। यही कारण कि ग्वालियर व्यापार मेला पर एक बार फिर कोरोना का संकट मंडराने लगा है। हालात यह हैं कि 25 दिसंबर से मेला शुरू होना है, लेकिन अब तक मेले में केवल 30 फीसदी दुकानों का भी निर्माण नहीं हो सका है। कलेक्टर की गाइड लाइन आने के बाद मेला प्रबंधन भी व्यापारियों को गाइड लाइन के आधार पर दुकाने लगाने को कह रहा है। एक बार वही हालात पैदा हो गए हैं जो साल 2021 में बने थे। जिसमें व्यापारियों को करोड़ों का नुकसान हुआ था।
बाहर से आने वाले व्यापारियों की धड़कनें बढ़ी
ग्वालियर व्यापार मेला संघ के अध्यक्ष महेन्द्र भदकारिया का कहना है कि ग्वालियर व्यापार मेला मंे 50 फीसदी दुकानें बाहर मतलब अन्य शहरों व प्रदेशों से आने वाले व्यापारी लगाते हैं। दूसरी लहर के मेला में वह घाटा खा चुके हैं। मेला अभी शुरू भी नहीं हुआ था कि कोरोना की फिर काली छाया आ गई। जिससे व्यापारियों की धड़कन बढ़ गई हैं उन्हें डर है पिछली बार की तरह कोरोना का हवाला देकर मेले को बीच में न रोक दिया जाएं। साथ ही सबसे महत्वपूर्व बात 25 दिसंबर से मेले की शुरूआत होना है, लेकिन अभी भी दुकानों का निर्माण होना जारी है। ऐसे में ये भी कहा जा रहा है कि प्राधिकरण ने दुकानों के आवंटन में देरी की है। अब आंवटन किया है तब कोरोना को लेकर राज्य सरकार का अलर्ट जारी है। ऐसे में व्यापारी परेशान है, कि वह दुकान लगाएं या न लगाएं क्योंकि बीते कोरोना की दूसरी लहर में मेले को बीच में रोकना पड़ा था।
प्रशासन की गाइड लाइन से ही चलेगा मेला
ग्वालियर व्यापार मेला प्राधिकरण सचिव निरंजन श्रीवास्तव का कहना है कि ग्वालियर का व्यापार मेला देश और दुनिया में अपनी एक अलग पहचान रखता है लेकिन जब से देश में कोरोना आया है तब से ग्वालियर व्यापार मेले पर संकट गहरता जा रहा है। हांलकि ग्वालियर व्यापार मेला प्राधिकरण कह रहा है कि मेले का शुभारंभ तय समय पर ही होगा और अगर कोई व्यापारी दुकान या शोरूम नही लगाता है तो उसका आंवटन निरस्त कर दिया जाएंगा। साथ ही जो शासन ने कोरोना गाइडलाइन निर्धारित की है उसके तहत ही मेला शुरू होगा।


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