विधानसभा सत्र के हंगामेदार होने के आसार…

 प्रदेश सरकार को आधा दर्जन मुद्दों पर घेरेगी कांग्रेस



भोपाल। मध्य प्रदेश में होने वाले आगामी 13 सितंबर से होने वाले पांच दिवसीय विधानसभा सत्र के बेहद हंगामेदार होने के आसार हैं. विपक्षी कांग्रेस बीजेपी सरकार को घेरने की तैयारी कर रही है. 13 सितंबर से होने वाले इस छोटे किंतु अति महत्वपूर्ण सत्र के लिए विपक्ष पूरी तरह से कमर कसे हुए है. महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित पूरक पोषण आहार योजना में ऑडिटर जनरल की रिपोर्ट में बड़ी गड़बड़ी सामने आने के बाद कांग्रेस हमलावर है. कांग्रेस ने इस मुद्दे को लेकर सरकार पर जमकर हमला बोला है. अब इस मामले को लेकर कांग्रेस सरकार को आगामी विधानसभा सत्र में भी घेरेगी. टेक होम राशन में गड़बड़ी के अलावा कारम डैम, लहसुन प्याज के किसानों को दाम न मिलने, नर्सिंग घोटाले जैसे करीब आधा दर्जन मुद्दों को कांग्रेस ने विधानसभा में उठाने की तैयारी की है. इसको लेकर रणनीति 12 सितंबर को होने वाली विधायक दल की बैठक में तैयार की जाएगी. 

सरकार की मुश्किल बढ़ाएगी कांग्रेसः ऑडिटर जनरल (एजी) की रिपोर्ट में टेक होम राशन के परिवहन में गड़बड़ी का मामला सामने आने के बाद सरकार बचाव की मुद्रा में है. मामला उछलने के बाद सरकार के मंत्री विश्वास सारंग ने सामने आकर सरकार का पक्ष रखा है. उन्होंने दावा किया है कि गड़बड़ी नहीं हुई. यह महज एक लिपकीय त्रुटि है. कांग्रेस इस मामले के बहाने सीधे प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह चौहान को कटघरे में खड़ा कर रही है. इस मामले को लेकर कांग्रेस आगामी विधानसभा चुनाव में भी जनता के सामने जाएगी. कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक सज्जन सिंह वर्मा के मुताबिक उनकी पार्टी इस मुद्दे को आगामी विधानसभा सत्र में पूरे जोरशोर से उठाने जा रही है. इसको लेकर नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह होमवर्क करने में जुटे हैं।

इन मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारीः टेक होम राशन के अलावा हाल में दरार आने के बाद तोडे़ गए कारम डैम का मुद्दा भी सदन में बीजेपी के लिए परेशानी बन सकता है. कांग्रेस ने सदन में नर्सिंग कॉलेजों की मान्यता में हुई धांधली, आयुष्मान भारत योजना राशि में हुए घोटाले, स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति, प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति, कुपोषण जैसे मुद्दाें को लेकर सरकार को घेरने की रणनीति बनाई है. कांग्रेस नेता सज्जन सिंह वर्मा के मुताबिक प्रदेश में जमकर गड़बड़ियां सामने आ रही हैं. ऐसे तमाम मुद्दों को सदन में उठाया जाएगा. 

महज 5 दिन का सत्र और सिर्फ 4 बैठकेंः कांग्रेस सदन में सरकार को घेरने की रणनीति तो बना रही है. साथ ही बड़ा सवाल यही है कि आखिर विधानसभा का सत्र ही सिर्फ 5 दिन का है. जिसमें मात्र 4 बैठकें होनी हैं. इस दौरान सरकार को आधा दर्जन से ज्यादा विधेयक पेश करने है. सत्र में अनुपूरक बजट भी लाया जाएगा. इस पर भी चर्चा होगी. ऐसे में कांग्रेस अपना विरोध कैसे दर्ज करा पाएगी. यही वजह है कि कांग्रेस विधानसभा का सत्र बहुत छोटा बुलाए जाने को लेकर सरकार की मंशा पर सवाल खड़े कर रही है. कांग्रेस विधायक और पूर्व मंत्री पीसी शर्मा के मुताबिक सरकार विधानसभा में चर्चा ही नहीं कराना चाहती. कांग्रेस ने सरकार से सत्र का समय बढ़ाने की मांग की है. लेकिन इस पर सरकार ने कोई ध्यान नहीं दिया।