G News 24 : एक्शन मोड में आई सरकार ने तेल-गैस के 5 नए रास्ते खोजे, बड़ी डील की तैयारी !

 रसोई गैस सिलेंडर की टेंशन दूर !

 एक्शन मोड में आई सरकार ने तेल-गैस के 5 नए रास्ते खोजे, बड़ी डील की तैयारी !

नई दिल्ली। भारत ने ईरान-इजरायल युद्ध से होर्मुज के रास्ते कच्चे तेल और गैस की आवाजाही रुकने के बाद नए वैकल्पिक मार्गों की तलाश शुरू कर दी है. भारतीय कंपनियां दूसरे रूट से तेल-गैस की खरीद कर रही है.भारत ने होर्मुज स्ट्रेट के रास्ते खाड़ी देशों से आ रहे तेल-गैस की आपूर्ति में आने के बाद वैकल्पिक रास्ते तलाशने शुरू कर दिए हैं. भारत का फोकस ऑस्ट्रेलिया, रूस, कनाडा और अल्जीरिया जैसे देशों से गैस मंगाने की तैयारी कर रहा है. होर्मुज के रास्ते भारत सऊदी अरब, कतर, यूएई जैसे देशों से बड़े पैमाने पर तेल और गैस खरीदता था. लेकिन ईरान-इजरायल युद्ध के कारण होर्मुज से तेल-गैस के जहाजों की आवाजाही नहीं हो पा रही है. इसलिए सरकार एक्शन मोड में आ गई है. 

रूस से तेल-गैस की बड़ी खेप

खबरों के मुताबिक, मिडिल ईस्ट संकट के बीच रूस भारत के लिए तेल का सबसे बड़ा वैकल्पिक स्रोत बना है. मार्च के पहले 11 दिनों में रूस से तेल का आयात 50 फीसदी बढ़कर 15 लाख बैरल प्रतिदिन (bpd) तक पहुंच गया है, जो फरवरी में करीब 1 मिलियन था. हालांकि रूस अब तेल खरीद पर छूट नहीं दे रहा है. अमेरिका ने भारत को समुद्र में फंसे हुए रूसी तेल खरीद के लिए 30 दिनों की अस्थायी छूट दी है. रिपोर्ट के अनुसार, इंडियन ऑयल (IOC) और रिलायंस जैसी कंपनियों ने करीब 3 करोड़ बैरल रूसी तेल के सौदे किए हैं.

88 फीसदी जरूरत का कच्चे तेल की खरीद करता है भारत...

  • 25 से 27 लाख बैरल तेल खाड़ी देशों से होर्मुज के रास्ते
  • 55 फीसदी रसोई गैस का आयात विदेश से
  • 30 फीसदी एलएनजी गैस की खरीद भी दूसरे देशों से

अमेरिका से तेल-गैस खरीद

भारत ने अपनी आपूर्ति में विविधता लाने के लिए अमेरिका से भी तेल और गैस की खरीद बढ़ाई है. मिडिल ईस्ट से आपूर्ति रुकने के बाद भारतीय रिफाइनरियों ने अमेरिकी कच्चे तेल की ओर रुख किया है. गेल (GAIL) ने अमेरिका के साथ गैस (LNG) के बड़े सौदे किए हैं, ताकि घरेलू कमी को पूरा किया जा सके.

लैटिन अमेरिका और अफ्रीका

भारत उन रास्तों से तेल मंगवा रहा है जो होर्मुज के रास्ते पर निर्भर नहीं हैं.भारत ने पहली बार गुयाना से सीधे कच्चे तेल की खरीद शुरू की है। इंडियन ऑयल और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) ने वहां से करीब 40 लाख बैरल तेल मंगवाया है.नाइजीरिया और अंगोला जैसे पश्चिमी अफ्रीकी देशों से भी भारत तेल की अतिरिक्त खेप मंगवा रहा है.

प्राकृतिक गैस के नए स्रोत

प्राकृतिक गैस आपूर्ति में आई 25% की कमी को पूरा करने के लिए सरकार ने नए कदम उठाए हैं.भारत ने अल्जीरिया, नॉर्वे और कनाडा जैसे देशों से वैकल्पिक LPG और LNG आपूर्ति के लिए संपर्क साधा है.नए स्रोतों से खरीदे गए दो बड़े LNG कार्गो इस समय भारत के रास्ते में हैं.

होर्मुज स्ट्रेट का रास्ता ब्लॉक

भारत अब अपनी तेल जरूरतों का 70% हिस्सा उन रास्तों से मंगवा रहा है जो होर्मुज जलडमरूमध्य के बाहर हैं, पहले यह 55% था. भारत करीब 40 अलग-अलग देशों से तेल खरीद रहा है ताकि किसी एक क्षेत्र (मिडिल ईस्ट) पर निर्भरता कम की जा सके.सरकार ने घरेलू स्तर पर LPG की कमी न हो, इसके लिए रिफाइनरियों को गैस उत्पादन अधिकतम करने के आदेश दिए हैं.

भारत में रोज लगभग 5.8 मिलियन बैरल तेल की खपत

भारत विश्व का तीसरा सबसे बड़ा कच्चा तेल खरीदने वाला देश है. वो करीब 88 फीसदी तेल भारत विदेश से खरीदता है. देश में रोज लगभग 5.8 मिलियन बैरल तेल की खपत है. इसमें से 25 से 27 लाख बैरल तेल सऊदी अरब, इराक और जैसे खाड़ी देशों से होर्मुज स्ट्रेट के रास्ते आता है. भारत की लगभग 55 फीसदी रसोई गैस (एलपीजी) और करीब 30 फीसदी तरल प्राकृतिक गैस (एलएनजी) भी आती है. इस गैस का इस्तेमाल बिजली उत्पादन, उर्वरक बनाने, सीएनजी और घरेलू खाना पकाने में होता है. 

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