इंटरनेशनल स्तर पर फिर बजा भारतीय टैलेंट का डंका...

अब स्टारबक्स में लक्ष्मण नरसिम्हन  बने CEO



एक और भारतीय ने अपने टैलेंट से इंटरनेशनल कंपनी का शीर्ष पद हासिल किया है.प्राप्त जानकारी के अनुसार स्टारबक्स कॉर्प ने गुरुवार को भारतीय मूल के लक्ष्मण नरसिम्हन को अपना अगला चीफ एग्जिक्यूटिव ऑफिसर (सीईओ) नियुक्त किया है. दुनिया की सबसे बड़ी कॉफी श्रृंखला का "पुनर्निर्माण" करने के लिए उन्हें यह जिम्मेदारी दी गई है. नरसिम्हन इससे पहले रेकिट के सीईओ थे, जो ड्यूरेक्स कंडोम, एनफैमिल बेबी फॉर्मूला और म्यूसिनेक्स कोल्ड सिरप भी बनाती है. उन्होंने यहां से सीईओ पद से हटने की घोषणा दिन में की थी, जिसके कुछ देर बाद ही एफटीएसई-सूचीबद्ध रेकिट के शेयर 4% तक गिर गए.

स्टारबक्स कुछ समय से काफी कठिन दौर से गुजर रही है. पिछले एक साल में इसके 200 से अधिक अमेरिकी स्टोरों में यूनियनबाजी हावी हो गई है. इसमें कर्मचारी बढ़ती मुद्रास्फीति के समय बेहतर लाभ और मजदूरी के लिए जोर दे रहे हैं. कंपनी कैफे पर ध्यान केंद्रित करके अपने व्यवसाय मॉडल को फिर से तैयार कर रही है. चीन में COVID प्रतिबंधों ने कंपनी के सबसे बड़े विदेशी बाजार में भी इसके कारोबार को लगभग ठप कर दिया है. कंपनी फिर से यहां वापसी करना चाहती है. इन्हीं सब वजहों से नरसिम्हन को यह जिम्मेदारी दी गई है. नरसिम्हन अक्टूबर में स्टारबक्स में शामिल होंगे, लेकिन अप्रैल 2023 में कंपनी और इसकी "पुनर्निवेश" योजना के बारे में जानने के बाद, जिसमें बरिस्ता के लिए बेहतर वेतन का भुगतान करना, कर्मचारी कल्याण और ग्राहक अनुभव में सुधार करने पर भी खर्च करेंगे.

जब तक नरसिम्हन जॉइन नहीं करते तब तक अंतरिम-सीईओ हॉवर्ड शुल्त्स, जिन्होंने केविन जॉनसन के सेवानिवृत्त होने के बाद अप्रैल में तीसरी बार कंपनी की बागडोर संभाली थी, कंपनी का नेतृत्व करना जारी रखेंगे. बता दें कि नरसिम्हन सितंबर 2019 में रेकिट कंपनी में शामिल हुए थे और 1999 में इसके गठन के बाद से रेकिट में सीईओ का पद ग्रहण करने वाले पहले बाहरी उम्मीदवार थे. उन्होंने कोरोना महामारी से कंपनी का नेतृत्व किया और कंपनी को बुलंदियों पर ले गए. इस दौरान उन्होंने कंपनी के स्वास्थ्य और स्वच्छता उत्पादों की बिक्री में इजाफा किया.