रजिस्ट्री के लिये आवेदन लगाया तब हुआ खुलासा...

4 करोड़ की कीमत के भवन का फर्जी तरीके से करा लिया नामांतरण



ग्वालियर। मध्यप्रदेश ग्रह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल वाक़ई में मौजूद  दलाल कुछ भी कर सकते हैं या करबाने का प्रयास कर सकते हैं,अगर इनका अवैध काम न हो तो शिकायत भोपाल तक कर देते हैं। ऐसा ही एक मामला हाउसिंग बोर्ड की पॉस कॉलोनी दीनदयाल नगर में महाराजा कॉम्प्लेक्स स्थिति भवन क्रमांक डीएच 4 का सामने आया है। जिसमें भवन मालिक कर्नल महेश चंद्र भवन क्रय करने के बाद उसको देखने तक नहीं आये यह भवन पूर्व मंत्री एवं भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के ठीक बगल में स्थित है जिसकी बाजारू कीमत लगभग 4 करोड़ है,भवन वर्षो से खाली पड़ा है तो दलालों की नजर उस पर पड गई और दलालों ने उनके भवन के कूट रचित दस्तावेज तैयार कर भवन का 15 साल पहले नामांतरण करा दिया।

मामला संज्ञान में तब आया जब बैजंती देवी पत्नी आर.बी शर्मा द्वारा रजिस्ट्री के लिये आवेदन लगाया दस्तावेजों में काफी कांट छांट थी इसलिए संबंधित बाबू को संदेह हुआ उसने मामले से वरिष्ठ अधिकारी को अवगत कराया,अधिकारी ने जब कागजों का गहन परीक्षण किया तो पाया कि उक्त दस्तावेज भवन क्रमांक एफ.एल 156 के हैं जिसकी फाइल ऑफिस से वर्षो से गायब है। चूंकि भवन मालिक कर्नल महेश चंद्र का परिवार भारत से बाहर रहता है इसी का लाभ उठाकर एक कर्मचारी नेता जो हाउसिंग बोर्ड में दलाली भी करता है और जो 15 वर्ष पहले सपंदा शाखा में ही अटैच था उसकी नजर डीएच 4 की फाइल पर पड़ी उसने बैजंती बाई,आर.बी शर्मा एवं श्री राम उप्रेती के साथ मिलकर षडयंत्र रचा और भवन क्रमांक 156 की गुमशुदा फाइल में कूट रचना कर डीएच 4 की फाइल तैयार कर नामांतरण करा दिया। इस कूट रचना के षड़यंत्र पर किसी की नजर न पड़े इसलिए 15 वर्षो तक रजिस्ट्री के लिए आवेदन नहीं लगाया। अब जैसे ही रजिस्ट्री के लिए आवेदन लगा संपदा शाखा में पदस्थ एक बाबू की नजर कूट रचित दस्तावेजों पड़ी उसने संपदा अधिकारी को अवगत कराया संपदा अधिकारी ने गहन परीक्षण कर आवेदन को निरस्त करदिया जन चर्चा है कि उक्त कर्मचारी नेता और अन्य दलालों के मध्य 45 लाख का लेनदेन हुआ है इस बात की भनक भी कार्यालय में है। जब रजिस्ट्री का आवेदन निरस्त हुआ तो बौखला कर कर्मचारी नेता ने सम्बंधित बाबू की मुख्य संपदा अधिकारी श्रीमती विदिशा मुखर्जी भोपाल को फर्जी शिकायत कर दी।

इनका कहना है

1-आपका कहना सही है डी.एच 4 का मालिक मेरे कार्यकाल में तो कभी कार्यालय में आया नहीं, जहां तक कूट रचित दस्तावेजों के आधार पर रजिस्ट्री कराने की बात है बो सही है जैसे ही मामला मेरे संज्ञान में आया मैंने आवेदन निरस्त करदिया संबंधितों पर जल्द एफआईआर करा रहा हूं,क्योंकि इसमें बहुत बड़े रैकेट का खुलासा होगा -

एस.के शर्मा

संपदा अधिकारी म.प्र.ग्रह निर्माण एवं अधो संरचना विकास मण्डल ग्वालियर


डीएच 4 के संबंध में मेरेपास अभीतक कोई शिकायत नहीं है l मुझे नहीं पता कि कूट रचित दस्तावेज लगाये हैं।

-एस. के.सुमन

उपायुक्त व्रत ग्वालियर म.गृह निर्माण एवं अधो संरचना विकास मण्डल