मध्यप्रदेश के ऐसे पहले आयुक्त रहे  जिन्होंने 28 माह में 30 दिन ग्वालियर में बैठे ...

कर्मचारियों को रोज भोपाल के लगाने पद रहे थे चक्कर !


ग्वालियर/भोपाल। अंततः मप्र के आबकारी आयुक्त राजीव चंद्र दुबे बुधवार को  रिटायर हो गये। वह मध्यप्रदेश के ऐसे पहले आयुक्त रहे, जिन्होंने ग्वालियर आबकारी आयुक्त मुख्यालय में बैठकर काम नहीं किया। वह भोपाल में ही अपने घर व कैम्प कार्यालय बनकर मनमर्जी से विभाग को चलाते रहे। 28 माह के अपने आबकारी आयुक्त कार्यालय में वह मात्र कभी कभार ग्वालियर आये वह भी मजबूरी में, उनके ग्वालियर कार्यालय में काम करने के केवल 30 दिन रहे।

राजीव चन्द्र दुबे की कार्यशैली को लेकर भी काफी टीका टिप्पणी हुई, लेकिन मुख्यमंत्री से नजदीकी का दबाब बनाकर वह अपने विभाग के वाणिज्यिक कर मंत्री पर ही भारी पड़ते रहे। वह भोपाल में रहने के कारण ग्वालियर मुख्यालय के कई कर्मचारियों को रोज भोपाल बुलाते थे उनके इस रवैये से कई दिव्यांग कर्मचारी भी बेहद परेशान रहे, उन्हें भी भोपाल भागना पड़ा था। जब ग्वालियर के संभाग आयुक्त आशीष सक्सैना कुछ दिन पहले विदेश गये थे जब जरूर राजीव चंद्र दुबे पर संभाग आयुक्त का चार्ज रहा, इसीलिये उन्हें लगातार 10 दिन ग्वालियर रहना पड़ा था। अब उनके आज रिटायर होने से विभाग के कर्मचारियों ने राहत की सांस ली है कि अब विभाग ग्वालियर में नियमित संचालित हो सकेगा। 

भोपाल में इन दिनों नये आबकारी आयुक्त के लिये वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों में से पोस्टिंग होनी है। इसमे प्रमुख सचिव स्तर के डा. पवन शर्मा व आकाश त्रिपाठी के नाम भी सबसे प्रमुख रूप से सरकार के समक्ष विचाराधीन है। डा. पवन शर्मा आजकल इंदौर में संभाग आयुक्त पद पर कार्यरत हैं, जबकि आकाश त्रिपाठी भोपाल सचिवालय में पदस्थ हैं। हालांकि अभी किसी का नाम फाइनल नहीं है, लेकिन मुख्यमंत्री व मुख्य सचिव की चर्चा के बाद इस पर किसी नियुक्ति की घोषणा हो सकेगी।