आंध्र प्रदेश के गुंटूर जिले में स्थित गोलकुंडा की खान से निकला ...

टावर ऑफ लंदन के जेवेल हाउस में रखा है हमारा बेशकीमती कोहिनूर हीरा 

दुनिया का ये सबसे मशहूर हीरा टावर ऑफ लंदन के जेवेल हाउस में रखा हुआ है. आंध्र प्रदेश के गुंटूर जिले में स्थित गोलकुंडा की खान में से यह बेशकीमती हीरा खोजा गया था. समय के साथ अलग-अलग शासकों की शोभा बढ़ाने के बाद ये हीरा 1813 में महाराजा रणजीत सिंह के पास पहुंचा. 1839 में रणजीत सिंह की मृत्यु के बाद 1843 में दलीप सिंह को पंजाब का राजा बनाया गया. अंग्रेजों ने युद्ध में हराकर कोहिनूर पर कब्जा कर लिया और उसे ब्रिटेन भेज दिया.

दुनिया का ये सबसे मशहूर हीरा टावर ऑफ लंदन के जेवेल हाउस में रखा हुआ है. आंध्र प्रदेश के गुंटूर जिले में स्थित गोलकुंडा की खान में से यह बेशकीमती हीरा खोजा गया था. समय के साथ अलग-अलग शासकों की शोभा बढ़ाने के बाद ये हीरा 1813 में महाराजा रणजीत सिंह के पास पहुंचा. 1839 में रणजीत सिंह की मृत्यु के बाद 1843 में दलीप सिंह को पंजाब का राजा बनाया गया. अंग्रेजों ने युद्ध में हराकर कोहिनूर पर कब्जा कर लिया और उसे ब्रिटेन भेज दिया.

रानी की कई बेशकीमती संपत्तियों में 'अफ्रीका का महान सितारा' हीरा स्पष्ट रूप से दुनिया का सबसे बड़ा हीरा है. इसका वजन लगभग 530 कैरेट है. इसकी कीमत लगभग 400 मिलियन अमेरिकी डॉलर लगाई गई थी. 1905 में ये दक्षिण अफ्रीका में खनन के दौरान मिला था. अफ्रीका के कई इतिहासकारों के अनुसार, ये हीरा एडवर्ड सप्तम को पेश किया गया था. 

ब्रिटिश सरकार द्वारा उपनिवेशवादियों के रूप में उनके शासनकाल के दौरान इसे लूटा गया.रानी की कई बेशकीमती संपत्तियों में ‘अफ्रीका का महान सितारा’ हीरा स्पष्ट रूप से दुनिया का सबसे बड़ा हीरा है. इसका वजन लगभग 530 कैरेट है. इसकी कीमत लगभग 400 मिलियन अमेरिकी डॉलर लगाई गई थी. 1905 में ये दक्षिण अफ्रीका में खनन के दौरान मिला था. अफ्रीका के कई इतिहासकारों के अनुसार, ये हीरा एडवर्ड सप्तम को पेश किया गया था. ब्रिटिश सरकार द्वारा उपनिवेशवादियों के रूप में उनके शासनकाल के दौरान इसे लूटा गया.

 1799 में अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई हारने के बाद टीपू सुल्तान की अंगूठी कथित तौर पर उनके शरीर से ले ली गई थी. कई मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, अंगूठी को ब्रिटेन में एक नीलामी में एक अज्ञात बोली लगाने वाले को लगभग 1,45,000 ब्रिटिश पाउंड में बेचा गया था.