सभी राजस्व अधिकारियों को दिये निर्देश…

बाढ़ से हुई सभी क्षति का सर्वे 5 सितम्बर तक पूर्ण करें : कार्तिकेयन

मुरैना। कलेक्टर बी.कार्तिकेयन ने सभी राजस्व अधिकारियों को निर्देश दिये है कि चंबल नदी के उफान से आई बाढ़ से सभी प्रकार के नुकसान की क्षति आंकलन सर्वे हर हाल में 5 सितम्बर तक कर लें। इसके लिये जितनी भी टीम बनाना हो बनायें। क्षति के सर्वे से कोई व्यक्ति छूटे नहीं। कलेक्टर बी.कार्तिकेयन सायं अपने सभाकक्ष में बाढ़ से प्रभावित लोगों एवं हुये नुकसान की समीक्षा कर रहे थे। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी रोशन कुमार सिंह, अपर कलेक्टर नरोत्तम भार्गव, नगर निगम आयुक्त संजीव कुमार जैन सहित अनुविभागों के एसडीएम, तहसीलदार एवं विभिन्न विभागों के कार्यालय प्रमुख मौजूद थे। बैठक को संबोधित करते हुये कलेक्टर कार्तिकेयन ने कहा कि 5 सितम्बर 2022 तक सभी बाढ़ प्रभावित लोंगो को पंचायत सचिवों के माध्यम से 40 किलो गेहूं और 10 किलो चावल का वितरण हो जाये। खाद्यान्न की कहीं कोई कमी नहीं है। 

यह खाद्यान्न रेग्यूलर दिये गये खाद्यान्न से अलग होगा। कलेक्टर ने लोक निर्माण विभाग, प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना, मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम की क्षतिग्रस्त हुई सड़कों, पुल-पुलियों की समीक्षा करते हुये कहा कि सभी क्षतिग्रस्त हुई सड़कों का निर्माण एक निर्धारित समय-सीमा के अंदर हो जाये। इस काम में किसी तरह का विलंब नहीं होना चाहिये। उन्होंने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन यंत्री को निर्देश दिये कि ग्राम एवं मजरे टोलों के अनुसार हेण्डपंपों का आंकलन कर कितने हेण्डपंप खराब हुये है, उनमें खराबी किस प्रकार की है, जो हेण्डपंप साफ-सफाई करने से ही ठीक हो जायें, उन्हें मुहिम चलाकर एक-दो दिन में ठीक कर लें। पानी के शुद्धीकरण की मुहिम भी चलायें। 

स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. राकेश शर्मा ने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में 68 हेल्प कैम्प लगाकर लगभग 6 हजार 693 लोगों का उपचार कर दवाईयों का वितरण किया गया। 13 गर्भवती महिलाओं को कैम्पों से निकालकर अस्पताल में भर्ती किया गया, जिनमें से 10 गर्भवती महिलाओं की सुरक्षित डिलेवरी हुई। पोरसा, सबलगढ़ से एक मरीज अस्पताल में भेजा गया, जिसका उपचार चल रहा है। 36 मेडीकल टीम, 18 गाडिया लगाई गई थी। विद्युत कंपनी के क्षतिग्रस्त हुये ट्रन्सफार्मर और पोलों की समीक्षा करते हुये कलेक्टर ने कहा कि ट्रन्सफार्मर दो दिवस के अंदर बदल जायें। पोलों को बदलने के लिये 5 दिन का समय दिया। कलेक्टर ने जेई को निर्देश दिये कि अधीक्षण यंत्री सुबह मेरे से पूरी रिपोर्ट के साथ मिलें। 

पोरसा के जेईओ विशाला उपाध्याय गलत जानकारी भेजने पर उनको कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। स्कूल शिक्षा केन्द्र के जिला समन्वयक ने बताया कि 53 स्कूल डेमेज हुये है, 7 आंगनवाड़ी भवनों को नुकसान हुआ है। बाढ़ के दौरान 720 गर्भवती महिलाओं, 552 धात्री, 6610 बच्चे पोषण आहार दिया गया। 35 कुपोषित बच्चों को एनआरसी में भर्ती कराके उपचार किया गया। कलेक्टर ने पशुपालन विभाग की समीक्षा करते हुये उपसंचालक डाॅ. आरके त्यागी ने बताया कि बाढ़ के दौरान 11 हजार 113 पशुओं का वैक्सीनेशन किया गया। 105 पशु बाढ़ में लापता है, 7 मृत पशुओं का पोस्टमार्डम किया गया है। उन्होंने बताया कि कुथियाना में 16 क्विंटल रतिया पुरा में 14 क्विंटल, रायपुर खुर्द में 16 क्विंटल भूसा का वितरण किया है। 640 क्विंटल भूसे की आवश्यकता है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में 63 शिविर लगाकर 4 हजार 303 पशुओं का उपचार किया गया।