विधानसभा में प्रश्न0 उठाते है तो जबाब नहीं मिलते…

सिर्फ कागजी घोडे़ दौड़ाने का काम कर रही है सरकार : विधायक डाॅ. सिकरवार


ग्वालियर। ग्वालियर पूर्व से कांग्रेस विधायक डाॅ. सतीश सिकरवार ने कहा है कि प्रदेश के तमाम बांध जीर्ण-क्षीर्ण हालत में हैं, इनके सुधार के लिए विधानसभा में हम प्रश्नस लगाते हैं। सरकार उन पर चर्चा तक नहीं करवाती है, अगर विधायकों द्वारा उठाए जाने वाले मामलों को सरकार गंभीरता से लेती तो बांधों में सुधार कराया जा सकता था। मगर सरकार के मंत्री व अफसरों की सांठ-गांठ के चलते बांधों का घटिया निर्माण करवाया जा रहा है और बांधों के सुधार के लिए कोई कदम नहीं उठाए जा रहे है। 

बैठकें करके सरकार सिर्फ कागजी घोडे़ दौड़ाने का काम कर रही हैं। विधायक डाॅ. सिकरवार ने कहा कि मैने गांधी सागर बांध मंदसौर की मरम्मत कराए जाने का मामला विधानसभा में उठाया था, मगर आज तक कोई जबाब नहीं मिला है। मैने तारांकित प्रश्न  के माध्यम से कहा था कि गांधी सागर बांध मंदसौर में बांध में डाउनट्रीम में गहरे गड्डे हो गए है, स्पिलबे (उत्प्लव मार्ग) भी डैमेज हो गया है। इस कार्य की अविलम्ब मरम्मत नहीं कराई गई तो मध्यप्रदेश के आठ जिले श्योडपुर, मुरैना, भिण्ड, ग्वालियर एवं राजस्थान कोटा, सवाई माधौपुर, करौली, धौलपुर की तीस से चालीस लाख की आबादी वर्वाद हो जाएगी, शासन द्वारा कब तक कार्यवाही की जाएगी, फरवरी 2022 की स्थिति में बताई जाए। यह भी उल्लेख किया था कि गाँधी सागर के नीचे बने राजा प्रताप सागर कोटा बैराज समेत रावत भाटा न्यूक्लियर पावर प्लांट पर भी खतरा हो सकता है। 

बाँध टूटने या ओवरराॅफटिंग से विनाशकारी परिणाम आएंगे। क्या शासन को इन खतरों की जानकारी है तो किस संस्था द्वारा शासन की भेजी गई रिपोर्ट, परिपत्र की जानकारी दी जाए। विधायक डाॅ. सिकरवार ने कहा कि बांध की सुधार एवं मरम्मत को लेकर बांध सुरक्षा निरीक्षण पैनल व केन्द्रीय जल आयोग की सिफारसे पिछले बारह बर्षो से केन्द्रीय कार्यालयो में लम्बित पड़ी है, इस सबंध में न कोई पत्राचार होता है और न कार्यवाही। उन्होंने कहा कि गांधी सागर बांध पर खतरा मढ़रा रहा है और सरकार आंखें बंद किए बैठी है।