अजय मिश्र टोनी को मंत्रिमंडल से हटाकर उनपर भी मुकदमा चलाने की मांग को लेकर ...

लखीमपुर खीरी में चल रहा है किसानों का 75 घंटे का महाधरना

लखीमपुर: यहां एक बार फिर किसान संगठन बड़े आंदोलन की तैयारी कर रहे हैं. लखीमपुर खीरी में किसानों ने 75 घंटे का महाधरना शुरू किया है. अनाज मंडी में होने वाला यह धरना 21 अगस्त तक चलेगा. इस प्रदर्शन में किसान नेता राकेश टिकैत, दर्शन पाल, जोगेन्द्र उग्राहा, योगेंद्र यादव, मेधा पाटकर जैसे बड़े चेहरे शामिल होंगे.इस महाधरने में शामिल होने के लिए किसान देश के कोने-कोने से पहुंच रहे हैं.  किसानों की प्रमुख मांग तीन कृषि कानूनों के खिलाफ हुए किसान आंदोलन को खत्म किए जाने के लिए सरकार की ओर से किए गए वादों को पूरा करना है.  तीन दिन के इस महाधरने में शामिल होने के लिए पंजाब और हरियाणा के अलग-अलग हिस्सो से हजारों किसान लखीमपुर खीरी पहुंच रहे हैं. तीन दिवसीय मोर्चे में शामिल किसानों के तीन दिन के इस महाधरने में किसान प्रदर्शनकारी किसानों पर दर्ज मुकदमों को वापस लेने और तिकुनिया समझौते के तहत घायल हुए किसानों को 10 लाख का मुआवजा 10 लाख रुपये की सहायता राशि देने के वादे को पूरा करने की मांग कर रहे हैं.

इसके अलाव किसानों की अजय मिश्र टोनी को केंद्रीय मंत्रिमंडल से हटाने और उनपर भी मुकदमा चलाने, एमएसपी पर गठित कमेटी का विरोध और 14 दिनों में गन्ना भुगतान और गन्ना किसानों का बकाया भुगतान सभी फसलों के लिए न्यूनमत समर्थन मूल्य, किसान आंदोलन में किसानों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने, फसल खरीद केंद्र की संख्या बढ़ाने,किसानों की सिंचाई के लिए फ्री बिजली और वन विभाग की ओर से किसानों को दिए गए नोटिस रद्द कर सभी किसानों को उन जमीनों पर मालिकाना हक देने की मांग कर रहे हैं.  नरेंद्र मोदी सरकार के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ करीब दो साल तक हुए किसानों के आंदोलन के दौरान लखीमपुर खीरी एक बड़ा केंद्र बनकर उभरा था. वहां केंद्रीय मंत्री अजय मिश्र टोनी के बेटे आशीष मिश्रा पर कुछ आंदोलनकारी किसानों पर अपनी गाड़ी चढ़ा देने का आरोप लगा था. इसमें चार किसानों की मौत हो गई थी. बाद में पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया था. उनकी जमानत का मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा था. सुप्रीम कोर्ट ने उनकी जमानत रद्द कर दी थी. इस समय वो जेल में बंद हैं. इलाहाबाद हाई कोर्ट ने इस साल 26 जुलाई को उन्हें जमानत देने से इनकार कर दिया था.