किसानों के ऋण आवेदन पर 30 दिनों में करना होगा निर्णय…

सरकार ने लोक सेवा गारंटी कानून में शामिल की सहकारिता विभाग की सेवा

भोपाल। प्रदेश में प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों से ऋण प्राप्त करने के लिए किसानों को अब अधिक इंतजार नहीं करना होगा। उनके आवेदन पर समिति को 30 दिन में निर्णय करना होगा। इसी तरह कोई किसान समिति का सदस्य बनना चाहता है तो उसके आवेदन पर भी निर्णय 30 दिन में ही लेना होगा। इसके लिए सरकार ने सहकारिता विभाग की किसानों से जुड़ी इन सेवाओं को लोक सेवा गारंटी कानून के दायरे में लाने का निर्णय लिया है। 

प्रदेश में प्रतिवर्ष 30 लाख से अधिक किसान प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों से खरीफ और रबी फसलों के लिए ऋण लेते हैं। इसमें 75 प्रतिशत राशि नकद और शेष 25 प्रतिशत ऋण सामग्री के तौर पर दिया जाता है। कृषि ऋण पर कोई ब्याज नहीं लिया जाता है। सहकारी बैंकों को सरकार ब्याज की प्रतिपूर्ति के लिए वार्षिक 800 करोड़ रुपये का अनुदान देती है। सभी किसानों को इस सुविधा का लाभ मिले, इसके लिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सहकारिता विभाग की इन सेवाओं को लोक सेवा गारंटी कानून के अंतर्गत लाने का निर्णय लिया है। 

इसके तहत समिति के सदस्य कृषक के ऋण संबंधी आवेदन का निराकरण प्रबंधक यदि 30 दिनों में नहीं करता है तो किसान जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के मुख्य कार्यपालन अधिकारी के पास अपील कर सकेगा। इस स्तर पर भी तीस दिन में आवेदन का निराकरण करना होगा। इसी तरह कोई किसान प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति का सदस्य बनना चाहता है तो उसके आवेदन पर तीस दिन में निर्णय करना होगा। यदि कोई समिति अपना पंजीयन निरस्त कराना चाहती है तो उस पर निर्णय लेने की अवधि तय कर दी गई है। तीस दिन में निर्णय लेकर संबंधित को सूचित किया जाएगा।