क्या आप जानते है ?

दिल्ली के अलावा भी देश में दो और राष्ट्रपति भवन मौजूद हैं !

राष्ट्रपति भवन, दिल्ली

भारत का राष्ट्रपति भवन दिल्ली में रायसीना हिल पर स्थित है। बेहद भव्य ये इमारत दुनिया के किसी भी राष्ट्र प्रमुख की सबसे बड़ी और आलीशान इमारत है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि देश में दो और राष्ट्रपति भवन भी मौजूद हैं। एक शिमला की खूबसूरत पहाड़ियों पर बना है और दूसरा हैदराबाद में है। ये दोनों भवन देश के उत्तरी और दक्षिणी हिस्से में स्थित हैं, जो देश की विविध संस्कृतियों और एकता का प्रतीक हैं।

राष्ट्रपति निलयम, हैदराबाद

राष्ट्रपति निलयम तेलंगाना राज्य में हैदराबाद के सिकंदराबाद शहर में बोलाराम नामक जगह पर स्थित है। निलयम तेलुगू भाषा का शब्द है, जिसका मतलब है- घर या आवास। यानी राष्ट्रपति निलयम शब्द का मतलब होता है- प्रेसिडेंट हाउस यानी राष्ट्रपति निवास। राष्ट्रपति निलयम को पहले रेजिडेंसी हाउस के नाम से जाना जाता था। देश के राष्ट्रपति साल में एक बार कुछ दिनों के लिए यहीं से काम करते हैं। राष्ट्रपति निलयम 90 एकड़ यानी करीब 3.60 लाख स्क्वायर मीटर में फैला है। ये एक मंजिला बिल्डिंग है, जिसके परिसर में कुल 11 कमरे बने हैं। इसमें डाइनिंग हॉल, सिनेमा हॉल, दरबार हॉल, मॉर्निंग हॉल, डाइनिंग रूम बने हैं। 

राष्ट्रपति निलयम की एक खास बात ये है कि इसका किचन और डाइनिंग हाल दो अलग बिल्डिंग हैं, जिन्हें खाना ले जाने के लिए एक सुरंग के जरिए जोड़ा गया है। राष्ट्रपति निलयम को बाद में एक ईको-फ्रेंडली कॉम्प्लेक्स के तौर पर विकसित किया गया। इसके तहत इसमें सोलर लाइटिंग, दो गार्डन और रेन वाटर हार्वेस्टिंग की व्यवस्था की गई। 2009 में निलयम परिसर के आसपास 7000 स्क्वायर मीटर के क्षेत्र में फैले हर्बल गार्डन का उद्घाटन किया गया। इस गार्डन में 116 वैराइटी वाले स्वास्थ्यदायक और सुगंधित औषधीय पौधे लगे हैं। इनमें सर्पगंधा, लेमनग्रास, खस, सिट्रोनेला, धनिया, चंदन, कंद गुलाब, कालमेघ, तुलसी जैसे पौधे शामिल हैं। जनवरी 2015 में राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने राष्ट्रपति निलयम में नक्षत्र वाटिका का उद्घाटन किया था। 

करीब एक एकड़ में बनी नक्षत्र वाटिका को वैदिक ज्योतिष के श्रीचक्र के अनुसार विभिन्न ज्योमिट्रिकल कॉम्बिनेशंस में बनाया गया है। इस वाटिका में 48 पेड़ लगे हैं, जो 9 नवग्रहों, 12 राशियों और 27 नक्षत्रों का प्रतीक हैं। भारत के राष्ट्रपति साल में कम से कम एक बार राष्ट्रपति निलयम में जाते हैं और वहीं रहकर अपने आधिकारिक काम करते हैं। आमतौर पर राष्ट्रपति सर्दियों में निलयम जाते हैं और वहां एक से दो हफ्ते रुकते हैं। साथ ही राष्ट्रपति निलयम में गणमान्य व्यक्तियों के ठहरने के लिए एक गेस्ट हाउस भी बना है। इसके गेस्ट हाउस में 150 लोगों के रुकने की व्यवस्था है। राष्ट्रपति निलयम को आजादी के बाद पहली बार लोगों के लिए जनवरी 2011 में खोला गया था।

रिट्रीट बिल्डिंग, शिमला

राष्ट्रपति भवन सिर्फ दिल्ली ही नहीं, शिमला की खूबसूरत मशोबरा पहाड़ी पर भी है। इसे द रिट्रीट बिल्डिंग के नाम से जाना जाता है। नेचुरल ब्यूटी की वजह से मशोबरा एक प्रसिद्ध पर्यटन स्थल के रूप में प्रसिद्ध है। आजादी के बाद वायसरीगल लॉज को राष्ट्रपति भवन के रूप में तब्दील कर दिया गया था। इसके बाद इस रिट्रीट को प्रेसिडेंशियल एस्टेट के हिस्से के रूप में माना गया। राष्ट्रपति की ऑफिशियल वेबसाइट के अनुसार राष्ट्रपति अपनी रिट्रीट बिल्डिंग पर साल में कम से कम एक बार जाते हैं। 

इस प्रवास के दौरान उनका कार्यालय भी साथ रहता है। यानी सारा कामकाज दिल्ली से शिमला पहुंच जाता है। देखा जाए तो शानो-शौकत से भरपूर रिट्रीट बिल्डिंग सालभर राष्ट्रपति की यात्रा और उनके निवास के लिए तैयार रहती है। हालांकि रिट्रीट बिल्डिंग को कभी भी आम लोगों के लिए नहीं खोला जाता है। जुलाई 2007 में राष्ट्रपति पद संभालने के बाद प्रतिभा पाटिल 2008 में 27 मई से लेकर 1 जून तक शिमला गईं थीं। जून 2015 राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी भी शिमला स्थित रिट्रीट बिल्डिंग में गए थे। इस दौरान राष्ट्रपति स्टाफ के 33 सदस्य भी उनके साथ आए थे।