मैं मर भी जाऊं तो समर्पण नहीं करूंगा, जय महाराष्ट्र...

शिवसेना नेता संजय राउत के घर छापेमारी करने पहुंची ईडी की टीम !

पश्चिम बंगाल के बाद ईडी महाराष्ट्र में एक्टिव हुई है, यहां शिवसेना नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत के घर ईडी की टीम पहुंची है और पूछताछ की जा रही है। बताया गया है कि पत्रा चॉल मामले में ये कार्रवाई हो रही है। इसी बीच संजय राउत की तरफ से कुछ ट्वीट किए गए हैं, जिनमें उन्होंने खुद के खिलाफ हो रही कार्रवाई का जिक्र किया। संजय राउत ने आरोप लगाया है कि उनके खिलाफ झूठे सबूत पेश कर झूठी कार्रवाई की जा रही है। ईडी छापेमारी के बीच शिवसेना नेता संजय राउत की तरफ से ट्वीट कर लिखा गया है कि, झूठी कार्रवाई। झूठा सबूत, मैं शिवसेना नहीं छोड़ूंगा। मैं मर भी जाऊं तो समर्पण नहीं करूंगा। जय महाराष्ट्र। महाराष्ट्र और शिवसेना की लड़ाई जारी रहेगी। इतना ही नहीं, शिवसेना नेता की तरफ से पार्टी का चिन्ह भी ट्वीट किया गया - जिसके साथ उन्होंने लिखा, फिर भी शिवसेना नहीं छोड़ेगी। 

शिवसेना सांसद संजय राउत के घर ED की टीम पहुंच गई है। टीम में करीब 10 से 12 अफसर हैं। राउत के अलावा उनके परिवार से भी पूछताछ कर सकती है। महाराष्ट्र के 1034 करोड़ के पात्रा चॉल जमीन घोटाला मामले में ED की टीम संजय राउत से पूछताछ कर रही है। उन्हें 27 जुलाई को ED ने तलब किया था। वह अधिकारियों के सामने पेश नहीं हुए थे। इसके बाद ED के अधिकारी उनके घर पहुंचे हैं। ED की कार्रवाई शुरू होने के बाद संजय राउत ने ट्वीट करके अपनी सफाई दी। राउत ने बालासाहेब की शपथ लेकर कहा - मेरा किसी घोटाले से कोई लेना-देना नहीं है। मैं शिवसेना प्रमुख बालासाहेब ठाकरे की शपथ लेकर यह कह रहा हूं। बालासाहेब ने हमें लड़ना सिखाया है। मैं शिवसेना के लिए लड़ना जारी रखूंगा। यह झूठी कार्रवाई है। झूठा सबूत है। मैं शिवसेना नहीं छोड़ूंगा। मैं मर भी जाऊं तो समर्पण नहीं करूंगा। संजय राउत के घर ED की कार्रवाई की जानकारी मिलते ही शिवसेना कार्यकर्ता उनके घर के बाहर जमा होना शुरू हो गए हैं। कार्यकर्ता केंद्र सरकार और भाजपा के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं।

यह मामला मुंबई के गोरेगांव इलाके में पात्रा चॉल से जुड़ा है। यह महाराष्ट्र हाउसिंग एंड एरिया डेवेलपमेंट अथॉरिटी का भूखंड है। इसमें करीब 1034 करोड़ का घोटाला होने का आरोप है। इस केस में संजय राउत की नौ करोड़ रुपए और राउत की पत्नी वर्षा की दो करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त हो चुकी है। आरोप है कि रीयल एस्टेट कारोबारी प्रवीण राउत ने पात्रा चॉल में रह रहे लोगों से धोखा किया। एक कंस्ट्रक्शन कंपनी को इस भूखंड पर 3000 फ्लैट बनाने का काम मिला था। इनमें से 672 फ्लैट पहले से यहां रहने वालों को देने थे। शेष MHADA और उक्त कंपनी को दिए जाने थे, लेकिन साल 2011 में इस विशाल भूखंड के कुछ हिस्सों को दूसरे बिल्डरों को बेच दिया गया था। 2020 में महाराष्ट्र में सामने आए PMC बैंक घोटाले की जांच हो रही थी, तभी प्रवीण राउत की कंस्ट्रक्शन कंपनी का नाम सामने आया था। तब पता चला कि बिल्डर की पत्नी के बैंक खाते से संजय राउत की पत्नी वर्षा राउत को 55 लाख रुपए का कर्ज दिया गया था। ED की टीम इसी बात की जांच कर रही है कि ये ट्रांजेक्शन क्यों किया गया। आरोप है कि संजय राउत ने इसी पैसों से दादर में एक फ्लैट खरीदा था। प्रवीण राउत गुरु आशीष कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड के पूर्व निदेशक हैं।