सिंगल क्लिक से हितग्राहियों के खाते में अंतरित होगी राशि…

CM शिवराज संबल योजना के नये स्वरूप संबल 2.0 के पोर्टल का करेंगे शुभारंभ

ग्वालियर। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सोमवार को संबल योजना में 25 हजार 982 श्रमिक परिवारों को 551 करोड़ 16 लाख रूपये की अनुग्रह सहायता और निर्माण श्रमिकों के 1036 परिवारों को 22 करोड़ 23 लाख रूपये की सहायता राशि सिंगल क्लिक के माध्यम से वितरित करेंगे। साथ ही योजना के हितग्राहियों से संवाद भी किया जाएगा। मुख्यमंत्री चौहान योजना को और अधिक हितग्राही मूलक बनाने के लिये संबल 2.0 पोर्टल का शुभारंभ भी करेंगे। मुख्यमंत्री निवास पर 16 मई को सुबह 11 बजे होने वाले इस कार्यक्रम में श्रम मंत्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह भी उपस्थित रहेगें। संबल योजना से और अधिक हितग्राहियों को लाभान्वित करने योजना को नया स्वरूप देते हुए संबल 2.0 योजना शुरू की जा रही है। 

योजना में प्रदेश के तेन्दूपत्ता संग्राहक श्रमिकों को भी असंगठित श्रमिकों की श्रेणी में सम्मिलित किया जायेगा। संबल 2.0 में आवेदन एमपी ऑनलाईन अथवा लोकसेवा केन्द्रों से किये जाने और आवेदन की जानकारी श्रमिक के मोबाईल पर एस.एम.एस अथवा वॉट्सप पर देने का प्रावधान किया गया है। इस योजना में वे श्रमिक भी नये सिरे से आवेदन कर सकेंगे, जो पहले अपात्र घोषित किये गये थे। प्रमुख सचिव श्रम सचिन सिन्हा ने बताया कि प्रदेश के असंगठित क्षेत्र में कार्यरत श्रमिकों एवं उनके परिवार के लिए संबल योजना में सहायता राशि देने का प्रावधान है। अनुग्रह सहायता योजना में दुघर्टना मृत्यु होने पर 4 लाख रूपये एवं सामान्य मृत्यु होने पर 2 लाख रूपये की सहायता दी जाती है। इसी प्रकार स्थायी अपंगता पर 2 लाख रूपये एवं आंशिक स्थायी अपंगता पर एक लाख तथा अंतिम संस्कार सहायता के रूप में 5 हजार रूपये प्रदान किये जाते हैं। 

योजना में महिला श्रमिकों को प्रसूति सहायता के रूप में 16 हजार रूपये दिये जाते हैं, वही श्रमिकों के बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा भी उपलब्ध करायी जा रही है। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री चौहान ने विगत 27 सितम्बर 2021 को मुख्यमंत्री जन-कल्याण संबल योजना में असंगठित क्षेत्र के 14 हजार 475 श्रमिक परिवारों को मृत्यु सहायता के रूप में 321 करोड़ 35 लाख रूपये की अनुग्रह राशि अंतरित की थी। प्रदेश में असंगठित क्षेत्र में कार्यरत लाखों श्रमिकों के लिए "संबल" अत्यंत महत्वपूर्ण योजना है, जिसमें श्रमिक को जन्म से लेकर पूरे जीवनकाल तक आर्थिक सहायता प्राप्त होती है। वास्तविक अर्थों में यह श्रमिकों का संबल है। मुख्यमंत्री चौहान ने श्रमिकों के हित में इस योजना को पुन: शुरू किया है।