तबादला नीति का पालन न करने पर डीएफओ निलंबित…

राज्य शासन ने जारी किये सात वन अधिकारियों के तबादले के आदेश


भोपाल। तबादला नीति का पालन न करने पर शासन ने हरदा के वनमंडल अधिकारी (डीएफओ) नरेश कुमार दोहरे को निलंबित कर दिया है। जबकि शहडोल वन वृत्त के मुख्य वनसंरक्षक प्रभात कुमार वर्मा को हटा दिया है। उन्हें प्रतिनियुक्ति पर वन विकास निगम भोपाल भेजा गया है। वर्मा के खिलाफ कई शिकायतें थीं। उनके अधिनस्थ पदस्थ रहीं वनमंडल अधिकारी नेहा श्रीवास्तव ने उनकी विभाग प्रमुख से लिखित शिकायत की थी। प्रकरण में महिला उत्पीड़न की दृष्टि से जांच भी कराई गई थी। वर्मा के स्थान पर मुख्य वनसंरक्षक कार्य आयोजना जबलपुर लखन लाल उइके को शहडोल का मुख्य वनसंरक्षक बनाया गया है।

 दोहरे अगस्त 2020 से हरदा में पदस्थ थे। 20 अगस्त 2020 से मई 2021 के बीच दोहरे ने 33 कर्मचारियों के तबादले किए हैं। जिसमें स्थानांतरण नीति वर्ष 2019-20 का पालन नहीं किया गया। जांच में मामला सही पाए जाने के बाद दोहरे को निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में वन बल प्रमुख कार्यालय में वे पदस्थ रहेंगे। शासन ने वन मुख्यालय की सतर्कता एवं शिकायत शाखा संभाल रहीं अपर प्रधान मुख्य वनसंरक्षक (एपीसीसीएफ) समीता राजौरा को ईको पर्यटन बोर्ड का मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीइओ) बनाया है। जबकि सत्यानंद को बोर्ड से हटाकर वन्यप्राणी मुख्यालय में पदस्थ किया है। वन मुख्यालय की संरक्षण शाखा में पदस्थ मुख्य वनसंरक्षक (सीसीएफ) विन्सेंट रहीम को सतर्कता एवं शिकायत शाखा में सीसीएफ बनाया गया है। छिंदवाड़ा पूर्व वनमंडल के वनमंडल अधिकारी अखिल बंसल को वनमंडल अधिकारी जबलपुर सामान्य बनाया गया है। वनमंडल अधिकारी अशोकनगर सामान्य अंकित पाण्डेय को वनमंडल अधिकारी हरदा सामान्य बनाया गया है।