घोर कलियुग का दौर है भाई…

यमराज भी हुए मालखाने में बंद !

 

अपने को तो ये मालूम है कि यमराज से बढ़कर और कोइ नहीं होता, जब चाहे जिसे उठा लें, भैसे पे बैठ कर कब जाए कोई नहीं जानता उनके यमदूत कब आकर कहें किचलो बुलावा आया है यमराज ने बुलाया हैइसलिए यमराज के नाम से ही लोगों की सिटी पिट्टी गम हो जाती है l लेकिन कलयुग तो देखो जो यमराज सारी दुनिया को अलसेट देने के लिए मशहूर हो उस यमराज की ऐसी दुर्दशा इस कलियुग में हो रही है कि अब उनसे डर नहीं लगता बल्कि उन पर तरस आने लगा है l हुआ यूं कि भिंड केएक मंदिर सेशनि महाराजकी प्रतिमा चोरी चली गयी वैसे तो शनि महाराज को कोई पसंद नहीं करता, शनि की साढ़े  साती से हर आदमी भयाक्रांत रहता है पंडितों को कुंडली दिखलाता है शनिदेव को खुश करने के उपाय पूछता है l

बजरंगबली की पूजा अर्चना शुरू कर देता है l लेकिन शनि महाराज खफा हो जाए इसलिए इलाके के लोगों ने पुलिस को बत्ती देना शुरू कर दी अब पुलिस  भी भारी  हलाकान कि आखिर शनि देव  की प्रतिमा वापस लाये तो कंहा से लाएं l खोज बीन करी और एक दो चोरो को पकड़ कर एक  प्रतिमा उनसे  बरामद करके पंहुच गए इलाके के लोगो के पास कि लो भैया हमने खोज ली है  है आपके शनि महाराज की मूर्ति लेकिन लोगों ने साफ़ मना कर दिया की ये शनि महाराज की नहीं बल्कियमराजकी प्रतिमा  है l पुलिस वालों ने खूब समझाया कि यार शनि महाराज हो या यमराज दोनो ही अड़ी  पटकते है इन्हें ही रख लो शनि महाराज समझ कर, दोनों की कद काठी और रंग एक सा ही है l

पर इलाके के लोग नहीं माने अब पुलिस वाले उस प्रतिमा का क्या करते  सो उन्होंने यमराज जी को मालखाने में पटक दिया और  बाहर से ताला लगा दिया l बेचारे यमराज मालखाने में पड़े है और रास्ता देख रहे है अपनी आजादी का लेकिन पुलिस थाने का मालखाना कोई ऐसी जगह तो  है नहीं जिससे कोई निकल पाए यमराज भी सोच रहे है कि कंहा आकर फंस गए l जिन इंसानो को दम देने का ठेका अपने पास था वे अपने को ऐसी अलसेट देंगे कभी सोचा भी नहीं था, अपने को तो लगता है कि अब यमराज महोदयपरमानेंटलीमालखाने में ही बंद पड़े रहेंगे अब तो उनके यमदूत काम रहे है उनका जलवा l

- चैतन्य भट्ट