ऑपरेशन गंगा को मजबूती देने के लिए…

यूक्रेन में फंसे भारतीयों की मदद के लिए MEA ने बनाया डेडिकेटेड ट्विटर हैंडल

 

युद्धग्रस्त यूक्रेन में फंसे भारतीयों को निकालने के लिए भारत सरकार ने 'ऑपरेशन गंगा' चला रखा है। यूक्रेन में फंसे भारतीयों की मदद और ऑपरेशन गंगा को मजबूती देने के लिए रविवार को विदेश मंत्रालय (MEA) ने डेडिकेटेड ट्विटर हैंडल हेल्पलाइन (@opganga) जारी किया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने यूक्रेन से भारतीयों को निकालने में सहायता के लिए एक समर्पित ट्विटर हैंडल हेल्पलाइन (@opganga) को लेकर जानकारी दी है। अरिंदम बागची ने कहा कि कृपया सभी संबंधित प्रश्नों को @opganga पर निर्देशित करें। विदेश मंत्रालय ने एक बयान में रविवार को कहा कि पोलैंड, रोमानिया, हंगरी और स्लोवाक गणराज्य के साथ सीमा पार करने वाले बिंदुओं के माध्यम से भारतीय नागरिकों को निकालने में सहायता के लिए 24x7 नियंत्रण केंद्र स्थापित किए गए हैं। 

भारतीय विदेश मंत्रालय की ओर से यूक्रेन में फंसे लोगों को निकालने के लिए जारी ट्विटर हैंडल (@opganga) के जरिए फंसे हुए छात्र और नागरिक अपनी जानकारी दे सकेंगे और सरकार उन्हें निकालने में पूरी मदद करेगी। वहीं यूक्रेन के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक उच्च स्तरीय बैठक कर रह हैं। यूक्रेन के हालात पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हाई लेवल मीटिंग कर रहे हैं। मीटिंग में वरिष्ठ अधिकारी मौजूद हैं। बताया जा रहा है कि यह मीटिंग यूक्रेन में फंसे भारतीयों को लेकर हो रही है। विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने यूक्रेन के पड़ोसी देशों के रास्ते यूक्रेन से भारतीयों को निकालने के लिए ऑपरेशन गंगा के तहत उड़ानों की सूची का ब्योरा दिया है। सभी छात्रों से अपील की गई है कि या तो वे हंगरी और रोमानिया के बॉर्डर तक पहुंचें या अगर वे निकलने की स्थिति में नहीं हैं, तो दूतावास की तरफ से अगले निर्देशों का इंतजार करें। केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने रविवार को कहा कि PM मोदी इसे खुद मॉनिटर कर रहे हैं। विदेश मंत्रालय ने रोमानिया, हंगरी और पोलैंड में टीमें भेज दी हैं।

जहां जंग चल रही है- जैसे खारकीव आदि, वहां मुश्किल है बाकी जगहों से लोगों को निकाला जा रहा है। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अपने परमाणु बचाव बल को तैयार रहने का निर्देश दिया है। गौरतलब है कि रूसी सेना अब तक यूक्रेन पर पूरी तरह से कब्जा करने में असफल रही है। वहीं, पश्चिमी देश लगातार यूक्रेन को सैन्य मदद पहुंचाने में जुटे हैं। ऐसे में पुतिन की ओर से परमाणु ताकत के इस्तेमाल की आशंकाएं एक बार फिर बढ़ने लगी हैं। पुतिन के न्यूक्लियर डेटरेंट फोर्स को अलर्ट पर रहने के अलर्ट के बाद पूरी दुनिया में हड़कंप मचा हुआ है। पश्चिमी देशों ने इसे तीसरे विश्वयुद्ध से पहले ही आहत करार दिया है। उधर, रूसी मीडिया ने दावा किया है कि यूक्रेन जंग में रासायनिक हथियार का इस्तेमाल कर रही है।