संक्रमण की रोकथाम के लिये अधिकारियों की बैठक में दिए निर्देश

नागरिक कोविड अनुरूप व्यवहार करें, इसके लिए निरंतर हो चैकिंग : श्री सिंह

 

ग्वालियर। कोविड-19 की तीसरी लहर में केस तेजी से बढ़ने लगे हैं।  हम सबको पूरी मुस्तैदी के साथ संक्रमण की रोकथाम के लिए कार्य करना होगा। सभी इंसीडेंट कमाण्डर अपने-अपने क्षेत्र में पूरी सतर्कता के साथ संक्रमण को रोकने की कार्रवाई करें। इसके साथ ही कोरोना के जो मरीज सामने आते हैं उनसे संक्रमण फैले, इसके लिये भी सभी उपायों का क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने सोमवार को कंट्रोल कमाण्ड सेंटर में कोविड-19 के संक्रमण की रोकथाम के लिये आयोजित समीक्षा बैठक में यह निर्देश दिए। कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने कहा कि कोविड-19 की तीसरी लहर में कोरोना मरीजों की संख्या निरंतर बढ़ रही है। आने वाले दिनों में हमारे जिले में भी मरीजों की संख्या बढ़ सकती है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार हमने कोरोना की दूसरी लहर में व्यवस्थायें की थीं, उसी प्रकार की व्यवस्थायें हमें अब कर लेनी होंगी।

सभी इंसीडेंट कमाण्डर अपने-अपने क्षेत्र की कमान संभालें और सभी व्यवस्थाओं को समय रहते पूर्ण करें। कंट्रोल कमाण्ड सेंटर भी पूर्व की भांति सभी गतिविधियां प्रारंभ करे। कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने कहा कि शासकीय अस्पतालों के साथ-साथ नर्सिंग कॉलेज और प्राइवेट हॉस्पिटलों में भी कोविड के उपचार के लिये सभी प्रबंध कर लिए जाएं। ऑक्सीजन प्लांटों के संधारण की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए। तीसरी लहर में बच्चों पर अधिक असर होने की संभावनाओं को देखते हुए बच्चों के लिये भी सभी प्रबंधन कर लिए जाएं। अस्पतालों में ऑक्सीजन, दवाओं की व्यवस्था भी समय रहते पूरी की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि शहरी तथा ब्लॉक स्तर पर भी कोविड केयर सेंटर स्थापित किए जाएं। 

 

वीडियो कॉलिंग के माध्यम से भी आम लोगों को स्वास्थ्य सलाह उपलब्ध हो, इसके लिये कंट्रोल कमाण्ड सेंटर के साथ-साथ अन्य स्थानों से भी यह सुविधा उपलब्ध कराई जाए।  कलेक्टर श्री सिंह ने बैठक में यह भी निर्देशित किया कि प्रत्येक 50 घर पर एक दल गठित किया जाए। यह दल अपने-अपने निर्धारित क्षेत्र में लोगों से संपर्क कर उन्हें जागरूक करने का कार्य संपादित करे। उन्होंने जिले में सभी फीवर क्लीनिक शीघ्र प्रारंभ करने के निर्देश भी बैठक में दिए।  कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने बैठक में कहा है कि कोविड-19 के मरीजों की संख्या निरंतर बढ़ रही है। आम नागरिक कोविड अनुरूप व्यवहार करें, यह जरूरी है। सभी इंसीडेंट कमाण्डर अपने-अपने क्षेत्र में बिना मास्क के घूमने वालों पर चालान की कार्रवाई करें।  

व्यवसायिक प्रतिष्ठानों को भी दुकान पर काम करने वालों के साथ-साथ आने वाले ग्राहकों को मास्क पहनने की अनिवार्यत: करने के निर्देश दें। समझाइश के बाद भी अगर कोई व्यवसायिक प्रतिष्ठान नहीं मानता है तो उसके खिलाफ पुलिस प्रकरण दर्ज कराया जाए। दुकानों के बाहर सोशल डिस्टेंसिंग के लिये गोले बनाने का कार्य भी शहरी क्षेत्र में नगर निगम और ग्रामीण क्षेत्र में जिला पंचायत एवं जनपद पंचायत के माध्यम से कराया जाए। कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने निर्देशित किया है कि कोविड संक्रमण की रोकथाम के लिए लोगों को जागरूक करना जरूरी है। शहरी क्षेत्र में नगर निगम के माध्यम से प्रचार वाहन चलाकर लोगों को जागरूक करने की दिशा में कार्य किया जाए। इसके साथ ही समाज के सभी वर्गों को जोड़कर लोग कोविड अनुरूप व्यवहार करें, इसके लिए जागरूकता लाने का कार्य किया जाए।

 

कोविड-19 के लिये गठित जिला स्तरीय, ब्लॉक स्तरीय, पंचायत स्तरीय एवं वार्ड स्तरीय क्राइसेस मैनेजमेंट समिति की बैठकें भी आयोजित कर जन जागरूकता के कार्य को प्रभावी रूप से किया जाए। कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने कहा कि कोविड-19 के संक्रमण के दौरान विभिन्न मीडिया संस्थानों को कोविड की सही जानकारी उपलब्ध हो, इसके लिये प्रतिदिन मीडिया ब्रीफिंग हेतु डॉ. बिन्दु सिंघल को अधिकृत किया गया है। डॉ. सिंघल प्रतिदिन कोविड के लिये किए जा रहे प्रबंधनों की जानकारी मीडिया के साथियों को उपलब्ध करायेंगीं। कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने बैठक में यह भी निर्देशित किया है कि कोविड-19 की सेम्पलिंग का काम अधिक से अधिक किया जाए। 

सेम्पलिंग के माध्यम से जो भी मरीज सामने आते हैं उनको होम क्वारंटाइन अथवा अस्पताल में भर्ती कराने की व्यवस्था इंसीडेंट कमाण्डरों के माध्यम से की जाए। उन्होंने यह भी निर्देशित किया है कि सेम्पलिंग का काम स्वास्थ्य विभाग निर्धारित केन्द्रों के साथ-साथ मोबाइल केन्द्र के माध्यम से भी कराए। कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने कहा कि जिले में अगर कोविड-19 के प्रकरण बढ़ते हैं तो एम्बूलेंस की उपलब्धता सुनिश्चित होना चाहिए। स्वास्थ्य विभाग शासकीय एम्बूलेंसों के साथ-साथ निजी एम्बूलेंसों से भी अनुबंध करके रखें, ताकि आवश्यकता पड़ने पर एम्बूलेंस की उपलब्धता तत्काल हो सके।