दी आत्मदाह की चेतावनी…

3 बार जनसुनवाई में नहीं मिला मुआवजा, तो घुटनों के बल तहसील पहुंचा किसान

 

सागर। सरकार आम जनता की समस्याओं को सुलझाने के लिए कई तरह की योजनाएं और कार्यक्रम चलाती है, लेकिन लोगों की समस्याओं का निराकरण फिर भी नहीं होता है। लोग दर-दर भटकते हुए नजर आते हैं। ऐसा ही एक नजारा सागर में जनसुनवाई में देखने को मिला। तीन बार से अपनी शिकायत लेकर पहुंच रहे किसान को कलेक्टर की जनसुनवाई में भी न्याय नहीं मिला, तो चौथी बार घुटनों के बल चलकर जनसुनवाई में पहुंचा और अधिकारियों को आपबीती सुनाई।

जैसीनगर तहसील के रमपुरा निवासी किसान संदीप ठाकुर डेढ़ साल से मवेशी की मौत पर मुआवजे के लिए भटक रहा है। मुआवजा नहीं मिल रहा। दरअसल, 13 जुलाई साल 2020 को किसान संदीप ठाकुर की गाय की बिजली के खंभे में फैले करंट की चपेट में आने से मौत हो गई थी। गाय की मौत के बाद सरकार द्वारा निर्धारित मुआवजा प्राप्त करने के लिए किसान कई बार सीहोरा विद्युत वितरण केंद्र जैसीनगर तहसील कार्यालय और सागर कलेक्टर कार्यालय के चक्कर लगा चुका है। साल के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हुई। किसान ने थक हारकर सागर कलेक्टर कार्यालय में हर मंगलवार को होने वाली जनसुनवाई में भी तीन बार आवेदन दिया।

इसके बाद भी सुनवाई नहीं हुई। चौथी बार किसान घुटनों के बल चलकर कलेक्टर कार्यालय पहुंचा और मुख्य द्वार से जन सुनवाई स्थल तक घुटनों के बल चलकर पहुंचा। वहां अधिकारियों ने अपनी समस्या से अवगत कराकर निर्धारित मुआवजा दिलाने की मांग की। किसान संदीप ठाकुर ने कहा है कि मेरे पास अपनी मृत गाय के मुआवजे के लिए एक ही तरीका बचा था।इसलिए में आज घुटने के बल चलकर पहुंचा। अगर एक हफ्ते में मुआवजा नहीं मिला, तो कलेक्टर कार्यालय में आत्मदाह करूंगा।