अपनी मांगों को लेकर…

MP के 6 मेडिकल कॉलेजों के 3 हजार जूडा अनिश्चितकालीन हड़ताल पर !

भोपाल। सीजनल फ्लू के अस्पतालों में बढ़ते मरीजों के बीच 3 हजार जूनियर डॉक्टर बुधवार से अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए है। भोपाल के हमीदिया अस्पताल में जूनियर डॉक्टरों ने ओपीडी और इमरजेंसी सेवाएं बंद कर दी है। इनकी मांग है कि सरकार जुलाई माह में जूडा की हड़ताल में शामिल डॉक्टरों के रजिस्ट्रेशन होल्ड करने के आदेश को वापस ले। इस बीच जूनियर डॉक्टरों ने चिकित्सा शिक्षा विभाग की शव यात्रा निकाली। भोपाल जूनियर डॉक्टर एसोसिएशान के अध्यक्ष डॉ. हरीश पाठक ने बताया कि जुलाई माह में जूनियर डॉक्टरों ने अपनी मांगों को लेकर आंदोलन किया था। 

उसको हाईकोर्ट और चिकित्सा शिक्षा मंत्री के आश्वासन के बाद जूडा ने वापस ले लिया था इसके बाद भी हमारी साथियों को सरकार की तरफ से कारण बताओ नोटिस जारी किए गए थे। जिसका जवाब देने के बाद भी उनका पीजी के बाद होने वाला रजिस्ट्रेशन पर सरकार ने रोक लगा दी। इसको लेकर जूडा के पदाधिकारी लगातार चिकित्सा मंत्री से मिलने का आग्रह करते रहे। इस मामले को समाप्त करने का निवेदन किया इसके बावजूद सरकार की तरफ से कोई निर्णय नहीं लिया गया है। डॉ. पाठक ने कहा कि चिकित्सा शिक्षा विभाग के जिम्मेदरों के रवैए से साफ हो गया है कि उसे किसी बात से कोई असर नहीं पड़ता। इसका मतलब साफ है कि वह मर चुका है। हमारे आंदोलन को शाम 5.30 बजे टविटर पर ट्रेंड कराने की अपील की जाएगी। 

इसके बाद 7.30 बजे कॉलेज परिसर में कैंडिल मार्च निकाला जाएगा इसलिए मजबूर होकर प्रदेश के 6 मेडिकल भोपाल,ग्वालियर, जबलपुर, इंदौर, रीवा और सागर मेडिकल कॉलेज के 3 हजार जूडा डॉक्टर बुधवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए है। इस दौरान जूडा ने अपनी सभी सेवाएं ओपीडी एवं आकस्मिक बंद कर दी है। हालांकि इस मामले में अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि मरीजों को वरिष्ठ डॉक्टर देख रहे है। मरीजों को किसी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं है। वहीं, हमीदिया अस्पताल कके अधीक्षक डॉ. लोकेन्द्र दवे ने कहा कि हमारे यहां पर सीनियर रेजिडेंट, विशेषज्ञ समेत पर्याप्त संख्या में डॉक्टर हैं। विभाग अनुसार व्यवस्था करने के लिए आदेश दिए गए हैं। मरीजों को किसी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं होगी।