वृहद वृक्षारोपण करके ही इस संक्रमण को किया जा सकता है दूर...

ग्वालियर के फेफड़े हो गये है संक्रमण का शिकार !

ग्वालियर। दिनों दिन बारिश का कम होते जाना लोगों के लिए हर वर्ष समस्या उत्पन्न करता है। इसका कारण है। तिगरा केचमेंट एरिया में वृक्षों की संख्या लगातार कम होने से यहां बारिश ठीक से नहीं हो पा रही इसीलिए तिगरा में पानी भी उतना जमा नहीं हो पाता जितने कि ग्वालियर शहर को आवश्यकता है इसी चिंता को लेकर कुछ सामाजिक संस्थाएं आगे आई हैं जिन्होंने वृहद वृक्षारोपण करने का मिशन बनाया है और इस मिशन को नाम दिया है ग्वालियर के फेफड़े। 

जैसा कि नाम मे निहित है कि जिस प्रकार से फेफड़े पूरे शरीर को ऑक्सीजन सप्लाई करने का काम करते हैं उसी प्रकार पेड़ पौधे भी पूरी सृष्टि में हर जीव जंतु को ऑक्सीजन देते हैं। ग्वालियर की हरियाली की तुलना फेफड़ों से की है और इन बाकायदा संक्रमण दिखाया गया है। यह संक्रमण है इस बात का प्रतीक है कि ग्वालियर में पेड़ों की संख्या घटने से ग्वालियर बीमार है। 

इस बीमारी को दूर करने के लिए उच्च न्यायालय अभिभाषक संघ, पहलाद मानव सेवा संस्थान, वरिष्ठ नागरिक सेवा संस्थान, स्टेट बार काउंसिल मध्य प्रदेश, लायंस क्लब, कन्फर्मेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स, चेंबर ऑफ कॉमर्स आदि के सहयोग से शहर को हरा भरा व सुंदर प्रदूषण मुक्त वातावरण मिल सके इसके लिए योजनाबद्ध तरीके से वृक्षारोपण किया जाएगा और न सिर्फ वृक्ष लगाए जाएंगे बल्कि उनका संरक्षण भी करने का प्रण कुछ युवाओं ने लिया है जिसकी शुरुआत 501 पौधे लगाकर रविवार को की जा रही है। उक्त जानकारी एक प्रेस वार्ता के माध्यम से उपलब्ध कराई गई।