उत्सव का उत्साह…

ग्वालियर में रक्षाबंधन की रौनक, जानें राखी बाँधने का शुभ मुहूर्त 

रक्षाबंधन के साथ ही बाजारों में खरीदारों की भीड़ बढ़ना शुरू हो गई है। कोरोना काल में लंबे लॉकडाउन से परेशान कारोबारियों को उम्मीद है कि इस बार त्योहारों का सीजन उनके पक्ष में जाएगा। ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए प्रत्येक सेक्टर के कारोबारियों ने भी पूरी तैयारी कर ली है। लंबे समय बाद सोने के दाम कम होने से सोना-चांदी की खरीदारी भी शुरू हो गई है। फिलहाल चांदी की राखियां भी बड़ी संख्या में बिक रही हैं।

रक्षाबंधन के त्योहार की खरीदारी की शुरुआत कपड़ों से हुई है। विभिन्न कंपनियों द्वारा दिए जा रहे ऑफर खरीदारों को आकर्षित कर रहे हैं। महिलाओं से संबंधित ड्रेसेज का काम करने वाले कारोबारी कुंजम बत्रा का कहना है कि बाजार में ग्राहकों की आमद शुरू हो गई है। कोरोना काल से रुका कारोबार एक बार फिर गति पकड़ने की तैयारी में है। नवरात्रि, दशहरा और दीपावली के साथ शादियों के सीजन को लेकर भी कारोबारी उत्साहित हैं। 

गिफ्ट कारोबारी राजीव चड्ढा के अनुसार कंपनियों के गिफ्ट पैक व ड्राइफ्रूट की मांग आ रही है। सराफा कारोबारी शरद गोयल के अनुसार बाजार में त्योहार का रिस्पांस आना शुरू हो गया है। सोने के दाम कम होने के कारण लोग शादियों की खरीदारी भी कर रहे हैं। चांदी की राखियों की भी डिमांड है। कम वजन वाली ज्वैलरी का चलन बढ़ा है। अब आधे वजन में शादी के लिए ज्वैलरी तैयार हाे रही है। वर्तमान में कोलकाता का शोनार, केरल के पलक्का कलेक्शन की डिमांड है।

विशेष शुभ मुहूर्त -

  • सुबह 9.07 से 10.43 तक लाभ बेला
  • सुबह 10.43 से दोपहर 12.19 बजे तक अमृत बेला
  • दोपहर 1.55 से 3.31 तक शुभ बेला
  • शाम 6.43 बजे से रात 9.31 तक शुभ एवं अमृतबेला रहेगी
  • पूर्णिमा तिथि का प्रारंभ शनिवार को शाम 7 बजे से हो गया, यह तिथि रविवार शाम 5.30 बजे तक रहेगी। श्रवण नक्षत्र शनिवार को शाम 8.20 बजे समाप्त हो गई है। इसलिए व्रत की पूर्णिमा शनिवार को मनाई गई थी। रविवार पूर्णिमा पुण्य काल में रक्षाबंधन एवं श्रावणी कर्म किया जाएगा। रविवार सुबह 7.56 बजे से पंचक प्रारंभ हो जाएंगें। पंचकों में रक्षाबंधन अशुभ नहीं माना जाता है बल्कि पंचम के नक्षत्र में रक्षाबंधन होने से पांच गुना शुभ फल प्राप्त होता है। रक्षा बंधन को राहुकाल का समय शाम 4.30 बजे से 6 बजे तक रहेगा। इस समय रक्षाबंधन निषेध होगा।