1971 में बड़े जल स्तर का भी रिकॉर्ड टूटा…

संकुआ धाम के प्राचीन काली माता मंदिर की छत ढही

सेवढा। सिंध नदी के बढ़ते जल स्तर के विकराल स्वरूप की परिस्थितियों के बारे में कोई बाक़ीब भी नही था। जिसने वर्ष 1971 में बड़े जल स्तर का भी रिकॉर्ड तोड़ दिया और देखते ही देखते तवाही का एक जोरदार आलम सेवढा तहसील के लोगो को देखने को मिला। देखते ही देखते वार्ड क्रमांक 1 व 2 एक तरफ से धीरे धीरे सिंध नदी के जल स्तर में समाते गए। 

वंही संकुआ धाम स्थित बुधवार की दोपहर करीब 11 बजे सेवढा ग्वालियर को जोड़ने वाला विशाल पुल भी टूटकर जमीदोज हो गया वंही काली माता मंदिर, कन्दरपुरा जाने वाला रास्ता, छोटे बड़े मंदिर सिंध नदी के बढ़ते जल स्तर में क्षतिग्रस्त हो गए। संकुआ धाम पर काफी अधिक संख्या में धरोहरों का नुकसान हो गया। 

वंही इस विकराल परिस्थितियों में जन प्रतिनिधियों का आने का सिलसिला बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों में लगातार जारी है और बाढ़ में प्रभावित लोगों को जल्द से जल्द हर संभव मदद का आश्वासन सत्ता पक्ष और विपक्ष के नेता दे रहे है। कच्चे पक्के मकानों के मलवे को पीड़ित लोग निकालने की पूरी प्रयास करने के लगे हुए है।