अनुसूचित जनजाति के परिवारों से रू-ब-रू होने पहुँचे राज्यपाल…

शिक्षा प्रगति की सीढ़ी होती है : राज्यपाल

ग्वालियर। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि शिक्षा प्रगति की सीढ़ी होती है। इसलिए सभी संकल्प लें कि हमारे गाँव का कोई भी बच्चा बिना पढ़ाई के नहीं रहेगा। उन्होंने बेटियों की पढ़ाई पर ध्यान देने पर विशेष जोर दिया। राज्यपाल श्री पटेल पर्वतीय एवं वनांचल क्षेत्र में बसे ग्वालियर जिले के सहरिया आदिवासी बहुल ग्राम अमरगढ़ में अनुसूचित जनजाति के परिवारों से रू-ब-रू होने पहुँचे थे।  शनिवार को जिले की जनपद पंचायत घाटीगाँव के इस गाँव में पहुँचकर राज्यपाल श्री पटेल ने सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के तहत आदिवासी परिवारों के हितग्राहियों को सहायता भी वितरित की। साथ ही गाँव के एक आदिवासी परिवार के घर पहुँचकर दोपहर का भोजन भी ग्रहण किया। पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने के लिये उन्होंने अन्य अतिथियों के साथ पौधे भी रोपे। 

इस अवसर पर प्रदेश के उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) भारत सिंह कुशवाह, सांसद विवेक नारायण शेजवलकर, जिला पंचायत प्रशासकीय समिति की अध्यक्ष मनीषा यादव व कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह मंचासीन थे। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने प्रदेश की सबसे पिछड़ी जनजातियों में शुमार सहरिया जनजाति के लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि केन्द्र व राज्य सरकार द्वारा आप सबके बच्चों की पढ़ाई के लिये विशेष सुविधाएं दी जा रही हैं। सरकार ने गाँव-गाँव में स्कूल खोलकर नि:शुल्क पढ़ाई की व्यवस्था की है। साथ ही आदिवासी परिवारों के बच्चों को सरकार विदेश में भी पढ़ा रही है। आप सब भी सरकार की इन योजनाओं का लाभ उठाकर अपने बच्चों को शिक्षित बनाएँ। इस अवसर पर आदिवासी परिवारों से विभिन्न प्रकार के व्यसनों से दूर रहने का आग्रह भी उन्होंने विशेष तौर पर किया। साथ ही कहा कि व्यसनों से प्रगति बाधित होती है। 

प्रदेश के उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) भारत सिंह कुशवाह ने कहा हम सबके लिए खुशी की बात है कि ग्वालियर जिले के अंतिम छोर पर बसे आदिवासी बहुल गाँव में प्रदेश के राज्यपाल महोदय मार्गदर्शन व प्रोत्साहन देने पहुँचे हैं। उन्होंने इसके लिए राज्यपाल श्री पटेल के प्रति धन्यवाद व्यक्त किया। साथ ही कार्यक्रम में मौजूद ग्रामीणों का आह्वान किया कि वे पारंपरिक खेती के साथ-साथ इस क्षेत्र की जलवायु के अनुकूल औषधीय खेती भी अपनाएँ, सरकार इसके लिए अनुदान देती है। औषधीय एवं जैविक खेती अपनाकर किसान अपनी आय में बड़ा इजाफा कर सकते हैं। सांसद विवेक नारायण शेजवलकर ने राज्यपाल श्री पटेल का स्वागत करते हुए कहा कि उन्होंने भ्रमण के लिए आदिवासी बहुल गाँव को चुना है। इससे जाहिर होता है कि राज्यपाल महोदय के दिल में अभावग्रस्त लोगों के लिए विशेष प्रेम है। 

श्री शेजवलकर ने कहा कि राज्यपाल श्री पटेल ने अपने पिछले सार्वजनिक जीवन में गुजरात राज्य के भीतर वन एवं पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में विशेष योगदान दिया है। इसका लाभ निश्चित ही मध्यप्रदेश को भी मिलेगा। आरंभ में राज्यपाल श्री पटेल सहित अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलन व कन्या पूजन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। अमरगढ़ गाँव की ग्राम पंचायत बागवाला गाँव के सरपंच छोटेलाल आदिवासी, जिला पंचायत प्रशासकीय समिति के उपाध्यक्ष शांतिशरण गौतम व घाटीगाँव जनपद पंचायत के सदस्य राजेन्द्र सिंह ने राज्यपाल महोदय का स्वागत किया। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक अमित सांघी भी मौजूद थे। कार्यक्रम के अंत में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी किशोर कान्याल ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का शुभारंभ व समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।